सेवा तीर्थ की भावना से प्रेरित जोधपुर मंडल की बैठक

सेवा संकल्प के साथ विकास की नई दिशा

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),सेवा तीर्थ की भावना से प्रेरित जोधपुर मंडल की बैठक। भारत की विकास यात्रा में एक नए अध्याय का शुभारंभ करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में नए प्रधानमंत्री कार्यालय सेवा तीर्थ में केंद्रीय मंत्रिमंडल की ऐतिहासिक प्रथम बैठक आयोजित की गई। यह अवसर केवल एक प्रशासनिक औपचारिकता नहीं,बल्कि नए भारत के नवनिर्माण की संकल्पित दिशा का प्रतीक है।

स्वदेशी सोच,आधुनिक स्वरूप और अनंत सामर्थ्य से युक्त ‘सेवा तीर्थ’ लोकतांत्रिक मूल्यों की सशक्त अभिव्यक्ति है। स्वतंत्रता के पश्चात वर्षों तक प्रधानमंत्री कार्यालय ने शासन की परंपराओं और दूरदर्शी सपनों को संजोए रखा। आज ‘सेवा तीर्थ’ उसी संकल्पना का साकार रूप बनकर भारत के गौरव को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा में अग्रसर है।

इसी क्रम में उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर रेल मंडल के सभागार कक्ष में आज वरिष्ठ अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में ‘सेवा तीर्थ’ की भावना के अनुरूप मंडल में रेल सेवाओं को और अधिक प्रभावी,सुव्यवस्थित एवं नागरिक-केंद्रित बनाने पर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक के दौरान उत्कृष्ट रेल सेवा, बेहतर यात्री सुविधाएँ,सुव्यवस्थित संचालन व्यवस्था तथा सुरक्षित एवं सुलभ यात्रा सुनिश्चित करने के विभिन्न बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों ने स्टेशन प्रबंधन,स्वच्छता व्यवस्था,यात्री मार्गदर्शन,भीड़ नियंत्रण, समय पालन तथा डिजिटल सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण पर विशेष बल दिया।

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इसके अतिरिक्त,यात्रियों को निर्बाध, आरामदायक एवं पारदर्शी सेवाएँ उपलब्ध कराने हेतु विभागों के बीच समन्वित प्रयासों को और गति देने का निर्णय लिया गया। बैठक में यह भी संकल्प लिया गया कि मंडल स्तर पर प्रत्येक पहल ‘नागरिक देवो भव’ की भावना से प्रेरित होकर लागू की जाएगी,ताकि यात्रियों को अधिक सुविधाजनक,सुरक्षित एवं संतोषजनक यात्रा अनुभव प्रदान किया जा सके।

बैठक की अध्यक्षता अपर मंडल रेल प्रबंधक करनी राम ने की। इस अवसर पर वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक हितेश यादव,वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक लोकेश कुमार, वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर अमित स्वामी,कार्मिक अधिकारी राधेश्याम चित्तारा सहित विभिन्न विभागों के सुपरवाइजर एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

अधिकारियों ने ‘सेवा तीर्थ’ की भावना के अनुरूप मंडल में रेल सेवाओं को और अधिक प्रभावी, सुव्यवस्थित एवं नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए अपने-अपने विभागीय सुझाव प्रस्तुत किए तथा सेवा गुणवत्ता में निरंतर सुधार हेतु समन्वित कार्ययोजना पर बल दिया।