जोधपुर में महर्षि दयानन्द के नाम से अंतरराष्ट्रीय स्मारक बने-स्वामी आर्यवेश
आर्य समाज पाबूपूरा का स्वर्ण जयंती समारोह वैदिक भव्यता के साथ सम्पन्न
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),जोधपुर में महर्षि दयानन्द के नाम से अंतर्राष्ट्रीय स्मारक बने-स्वामी आर्यवेश। आर्य समाज पाबूपूरा के स्वर्ण जयंती समारोह का आयोजन रविवार को उत्साह,गरिमा और आध्यात्मिक वातावरण के बीच सम्पन्न हुआ। समारोह में सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा,नई दिल्ली के अध्यक्ष स्वामी आर्यवेश,राष्ट्रीय प्रचारक एवं सार्वदेशिक आर्य युवक परिषद के राष्ट्रीय महासचिव स्वामी आदित्यवेश सहित अनेक प्रतिष्ठित नेता,विद्वान,आर्य वीर दल के अधिकारी और सैकड़ों आर्यजन उपस्थित थे।
कार्यक्रम का शुभारम्भ प्रातः 50 कुण्डीय महायज्ञ से हुआ,जिसके ब्रह्मा पंडित केशव देव शास्त्री थे। कार्यक्रम संचालन आर्य वीर दल राजस्थान के प्रधान भंवरलाल आर्य ने किया। स्वामी आर्यवेश ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी संस्था के पचास वर्ष बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। यह आर्य समाज इतिहसिक कार्यो की सहभागिता का साक्षी रहा है। यह वर्ष जहां मऋषि दयानन्द सरस्वती के जयंती का 200 वां वर्ष है वहीं आर्य समाज स्थापना का 150 वां वर्ष है। इसलिए हम आर्य समाज की ओर से सरकार से मांग कि की जोधपुर में स्वामी दयानन्द के नाम से एक अंतर्राष्ट्रीय स्मारक बनाया जाए तथा देश के किसी भी एक हवाई अड्डे का नाम ऋषि दयानन्द के नाम पर रखा जाए।
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स्वामी आदित्यवेश ने कहा कि देश की आजादी में आर्य समाज का योगदान सबसे महत्वपूर्ण रहा है। उन्होने कहा कि आजादी के आंदोलन के अग्रणी नेता एवं गुरुकुल कांगड़ी के संस्थापक स्वामी श्रद्धानंद के बलिदान शताब्दी वर्ष पर 2026 में हरिद्वार में अंतर्राष्ट्रीय आर्य महासम्मेलन का भव्य आयोजन किया जाएगा,जिसमें देश विदेश से प्रतिनिधि सम्मिलित होंगे। उन्होने जोधपुर वासियो को इसका निमंत्रण दिया।
आर्य प्रतिनिधि सभा राजस्थान राजस्थान के अध्यक्ष बिरजानंद एडवोकेट ने देशभर में नशे और गौहत्या पर रोक लगाने हेतु कठोर राष्ट्रीय नीति निर्माण की मांग की।पूर्व राज्य मंत्री राजेंद्र सोलंकी ने कहा कि सामाजिक सुधार,शिक्षा, नारी उत्थान और राष्ट्रनिर्माण में आर्य समाज का योगदान अतुलनीय है। जोधपुर शहर पूर्व विधायक मनीषा पंवार ने कहा कि भारत में महिला अधिकारों की प्रबल आवाज सबसे पहले महर्षि दयानन्द ने बुलंद की थी।
इस अवसर पर आर्य समाज पाबूपूरा के 50 वर्षों के इतिहास का पुस्तक रूप में विमोचन किया गया। समाज के विकास में पिछले 50 वर्षों से सहयोग देने वाले विशिष्ट सहयोगियों का सम्मान किया गया। आर्य वीर दल के युवा और वीरांगनाओं ने अद्भुत व्यायाम,योग,दंड-बैठक और शौर्य प्रदर्शन प्रस्तुत किया,जिन्हें उपस्थित जन समूह ने उत्साह से सराहा। समारोह पूरे वैदिक वैभव, अनुशासन और सौहार्द के साथ सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर भंवरलाल हटवाल, नारायण सिंह आर्य,चांदमल आर्य,हरिसिंह आर्य, जितेंद्र सिंह आर्य,लक्ष्मण सिंह आर्य,गजे सिंह भाटी,रोशनलाल आर्य,रितेश आर्य सहित बड़ी संख्या में युवावर्ग, महिलाएं कार्यक्रम में शामिल हुई। अंत में सभी अतिथियों को शॉल एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
