चार जिलों के छ: प्रकरणों में वांछित व दो जिलों से इनामी तस्करों को पकड़ा
- ऑपरेशन मदानिश
- एएनटीएफ की नशे के सरताजों के खिलाफ कार्रवाई जारी
- पकड़ने लिए पुलिस ने बिछाया जाल
- गाड़ियों की पेट्रोल पाइप को खोल कर तेल खत्म कर दिया
- भागते तेल हुआ खत्म
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),चार जिलों के छ: प्रकरणों में वांछित व दो जिलों से इनामी तस्करों को पकड़ा। नव गठित एएनटीएफ ने मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ अपना अभियान जारी रखते हुए छह जिलों के वांछितों इनामी तस्कर को पकड़ा है। आरोपी जोधपुर जिला पश्चिम का रहने वाला है और उस पर 25 हजार का इनाम घोषित दो जिलों की तरफ से हो रखा था।
एएनटीएफ के महानिरीक्षक विकास कुमार ने बताया कि अतिरिक्त महानिदेशक एमएन दिनेश के मार्गदर्शन एवं दिशा निर्देशन के बाद एक प्रभावी कड़ी के रूप में लगातार एनटीएफ टीम की नशे के सरताजों के खिलाफ सफलताओं का सिलसिला अनवरत जारी इस बार भी मारवाड़ का डोडा पोस्त किंग हुआ शिकार ऑपरेशन चलाकर दिनेश पुत्र भोमाराम बिश्नोई लोल निवासी इंदो की ढाणी गांव तलिया गोलिया मगरा लूणी कमिश्नरेट जोधपुर पश्चिम को दस्तयाब किया हैं।
आरोपी दिनेश चार जिलों के पांच प्रकरणों में वांछित था एवं पुलिस अधीक्षक जालोर व प्रतापगढ द्वारा 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था। एएनटीएफ के महानिरीक्षक विकास कुमार ने बताया कि आरोपी मात्र आठवीं कक्षा तक पढ़ाई के बाद पढ़ाई छोडक़र मजदूरी करने चेन्नई चला गया,परन्तु कठिन परिश्रम के बाद भी स्वयं के शौक मौज पूरी नहीं होता देख गांव के दोस्तों के साथ लग्जरी लाइफ के ख्वाब देखने लगा।
सन 2021 में घर की स्थिति कमजोर होने,पापा नशे के आदि होने,बड़े भाई परिवार से अलग हो गए थे तो घर की पूरी जिम्मेदारी ऊपर आ जाने से बुआ के लडक़े मदन बेनिवाल विश्नोई, निवासी जोलीयाली के मादक पदार्थों के अवैध धंधे से कमाए गए पैसे से कर रहे मौज मस्ती को देख कर के आरोपी के मन में भी लालच आ गया तथा पैसे कमाने के लिए नशे के काले कारोबार दो नंबरी धंधे में उतर गया।
बुआ के लड़के और दोस्त के साथ मिलकर चलाया नेटवर्क
आरोपी पहले अपनी बुआ के लडक़े मदन के साथ मिलकर मध्यप्रदेश से डोडा पोस्ता की तस्करी करके नौजवानों को जहर परोसने लग गया। बाद मेंं आरोपी अपने दोस्त अशोक के साथ मिलकर बड़े स्तर पर मध्यप्रदेश से डोडा पोस्त की तस्करी करके अल्प अवधि में ही पूरे इलाके में डोडा पोस्त का किंगपिन बन बैठा। आरोपी सफलता की सीढिय़ा चढ़ता गया और देखते ही देखते कई कोठियों और खेतों का मालिक बन बैठा। तस्करों के पूरे मंडली में उसका नाम मुख्य सूत्रधार के रूप में लिया जाने लगा।
नशे का पारिवारिक धन्धा
आरोपी का पिता स्वयं भी बढा नशेड़ी है तथा आरोपी का भाई पुसराराम उसके लिये माल लाने का काम करता है। आरोपी की बुआ का बेटा मदन भी दिनेश का धंधे में सीधा साझेदार है। धंधे की कमाई से आरोपी दिनेश गॉव के लोगों की छोटी मोटी मदद करके उन्हे अपने पाले में रखता था जो पुलिस की दबिश के पूर्व ही उसे सूचित कर देते थे।
आधा दर्जन प्रकरण हैं दर्ज
पुलिस थाना पारसोला जिला प्रतापगढ़ में वर्ष 2022 में 42 किलो डोडा पोस्त के मामले में वांछित हो गया था,प्रकरण में 10 हजार रुपये का इनामी होकर फरार चल रहा है। पुलिस थाना देवगढ़ जिला प्रतापगढ़ में वर्ष 2022 में 98 किलो 300 किलो डोडा पोस्त के मामले में वांछित हो गया था,उक्त प्रकरण में 10 हजार रुपए का ईनामी होकर फरार चल रहा है।
पुलिस थाना भाद्राजून में वर्ष 2022 में ही 30 किलो डोडा पोस्त में पकड़े जाने के दौरान गाड़ी छोड़ कर फरार हो गया था। अभी भी उक्त प्रकरण में वांछित है। पुलिस थाना नाणा जिला पाली में 25 किलो डोडा पोस्त के साथ वर्ष 2023 में नाम आने के दौरान पुलिस से पकड़े जाने के डर से फरार हो गया था। अभी उक्त मामले में भी वांछित चल रहा है। पुलिस थाना नाणा जिला पाली में वर्ष 2024 में ही 170 किलो डोडा पोस्त के मामले में भी वांछित चल रहा है। पुलिस थाना कैलाश नगर जिला सिरोही 18 किलो डोडा पोस्त के साथ पकड़ा गया था उसमे भी वांछित है।
राजस्थान के पांच जिलों में दर्ज हैं प्रकरण
राजस्थान के पांच जिलों जोधपुर, सिरोही,जालोर,पाली एवं प्रतापगढ में आरोपी दिनेश के विरूद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। लगभग 4 वर्षों से नशे का धंधा बदस्तूर चलाते दिनेश के विरूद्ध प्रकरण पर प्रकरण दर्ज होते गये पर वह कभी पुलिस के हाथ नही आया और धंधा बढ़ाता ही गया। जोधपुर रेंज की साईक्लोनर टीम ने भी दिनेश के लिए दो बार दबिश दी थी पर वह हाथ नही आया था।
पकड़ने के लिए पुलिस ने यूं बिछाया जाल,बाइक के पेट्रोल नली को निकाला
महानिरीक्षक विकास कुमार के अनुसार पिछले 4 वर्षों से पुलिस दिनेश को ढूंढती फिर रही थी पर शातिर दिनेश हर बार पुलिस को गच्चा देकर भाग निकलता था। दुस्साहस ऐसा कि फरारी के चार वर्ष दिनेश ने अपने गांव में ही रहकर निकाले, बाहर नहीं भागा। इलाके में ऐसा प्रभाव कि कोई भी आदमी दिनेश की सूचना देने को तैयार नहीं होता था।
आरोपी के घर के आस पास तीन चार मोटर साईकिलें चाबी लगाकर खड़ी होती थी और पगडंडियों का ऐसा नेटर्वक तैयार कर रखा था कि उस मार्ग पर दिनेश ने कच्चे मार्गों व मोटरसाईकिल से भाग निकलता और पुलिस पीछे रह जाती। करीब दसियों बार कई जिलों की पुलिस ने अलग अलग समय पर दबिश दी पर दिनेश हरबार मोटरसाईकिल पर करतब दिखाता आदी तंग पगडडियों के रास्ते भाग निकलता था।
मुखबिर से आरोपी तस्कर की कार्यप्रणाली की सूचना मिलते ही पुलिस ने देर शाम गुप्त वेश में इलाके का सर्वेक्षण कर चाबी लगी सभी मोटरसाईकिलों को पहचान कर उनके तेल का पाइप खोल दिया ताकि चाबी लगी भी रहे एवं किसी को शक न हो। मुखबिर स्वयं आरोपी के पास मेहमानों के साथ बैठकर खाना खाता रहा एंव गप्पे मारता रहा।
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भागने पर गाड़ी हुई बंद
दिन में मुखबिर से संकेत मिलते ही एक पार्टी ने दिनेश के घर पर छापा मारा एवं दूसरी चार पार्टीया गांव के बाहर की मुख्य सड़कों पर गुप्त नाका लगाकर खड़ी हो गयी। योजना के अनुसार छापा मारते ही दिनेश एक चाबी लगी मोटर साईकिल पर बैठकर पुर्र हो गया पर मुख्य सडक़ पर पहुंचते ही तेल की पाइप निकली होने के कारण मोटर साईकिल बन्द हो गई। नाका लगा कर बैठी टीम ने तत्काल ही उसे दबोचना चाहा पर आरोपी तेजी से दौडक़र गांव की और भागने लगा। करीब एक किमी तक खदेड़ कर एएनटीएफ टीम ने दिनेश को दबोचने में सफलता पायी।
खुद को कोसने लगा
पकड़े जाने को दोष अपशकुन का दिया। पकडे जाते ही आरोपी स्वयं को बुरी तरह कोसने लगा। पूछने पर बताया कि सुबह में ही खेत के पास वाले सूखे पेड़ पर सोन चिडिय़ा बैठी दिखी थी जो लम्बे समय तक वहीं बैठी थी। आरोपी का मन हुआ कि दिन में वह दूसरे गांव चला जाये पर पशोपेश में पड़े रहकर और मेहमानो के आने के कारण गांव में ही रहा और पकड़ा गया। काश दूसरे गांव में चल गया होता तो बच जाता।
