एफसीआई गोदाम से 6166.26 क्विटंल गेंहू का गबन
- विभागीय जांच के बाद अब पुलिस में केस दर्ज
- विभागीय जांच में पाया दोषी प्रबंधक,जेसीओ,ट्रांसपोर्टर व अन्य के खिलाफ अब पुलिस जांच आरंभ
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),एफसीआई गोदाम से 6166.26 क्विटंल गेंहू का गबन। बासनी औद्योगिक क्षेत्र द्वितीय चरण में एफसीआई गोदाम से 6166.26 क्विटंल गेंहू का गबन हुआ।पूर्व में पता लगने पर विभागीय स्तर पर जांच की गई।तब कुछ लोगों की मिलीभगत सामने आई,जिसमें सरकारी कर्मचारी भी शामिल थे।
गेहूं कितने का था इस बारे में खुलासा नहीं हुआ है। गबन छह माह तक चलता रहा। ऑडिट में इसका खुलासा हो पाया। अब एफसीआई के प्रवर्तन अधिकारी ने कुछ लोगों को नामजद कर बासनी थाने में रिपोर्ट दी है। जिसमें गहनता से तफ्तीश आरंभ की गई है। आरोपी विभागीय जांच में दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ अब पुलिस में रिपोर्ट हुई है।
जिला रसद विभाग के प्रवर्तन निरीक्षक राजकरण बारहठ की तरफ से बासनी थाने में केस दर्ज करवाया गया है। रिपोर्ट के अनुसार एफसीआई का गोदाम बासनी द्वितीय चरण में है। 1 सितंबर 24 से लेकर 28 फरवरी 25 तक गोदाम से गेंहू का गबन होना मिला। लोगों तक गेंहू नहीं पहुंचा। ऑडिट मिलान और जांच में आरंभिक तौर पर पता लगा कि इसमें ट्रांसपोर्टर से लेकर सरकारी कार्मिक शामिल हैं।
इन्हेंं किया गया नामजद
रिपोर्ट में आरोप है कि राजस्थान राज्य खाद्य आपूर्ति निगम लिमिटेड के प्रबंधक राजेश पंवार,ट्रांसपोर्टर मंगलाराम,जेसीओ खेताराम और एक अन्य नरेश दातवानी उर्फ कालू की मिली भगत से उक्त गेंहू का घपला हुआ है।
88 दुकानों पर भेजा जाना था गेंहू, पब्लिक तक नहीं पहुंचा
रिपोर्ट के अनुसार शहर में संचालित उचित मूल्य की 88 दुकानों को 6166.26 क्विंटल गेंहू की आपूर्पि का ऑडर था,मगर वहां तक गेंहू नहीं पहुंचा।
सितंबर 24 में संयुक्त जांच दल गठित
घपला सामने आने पर राजस्थान राज्य खाद्य आपूर्ति निगम लिमिटेड की तरफ से मंत्री के निर्देश पर एक संयुक्त जांच दल का भी गठन किया गया था,जिस पर बाद में उक्त लोगों की कारस्तानी सामने आई।
ज्ञापन दिया गया
गबन का मामला सामने आने पर राजस्थान राज्य अधिकृत राशन विक्रेता नियोजक संघ की तरफ से ज्ञापन भी दिया गया था,जिसमें बताया गया था कि उचित मूल्य की दुकानों तक गेंहू नहीं पहुंचा है या उन्हें वितरण नहीं किया गया है।
