सरकारें गिराने का षड्यंत्र रचा राजस्थान को नहीं झुका सके- गहलोत
पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत का भाजपा पर निशाना
जोधपुर(डीडीन्यूज),सरकारें गिराने का षड्यंत्र रचा राजस्थान को नहीं झुका सके-गहलोत। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि उसने देश के कई राज्यों में निर्वाचित सरकारों को गिराने का षड्यंत्र रचा, जिसमें केंद्रीय नेतृत्व के साथ केंद्रीय मंत्रियों की भी भूमिका रही। उन्होंने कहा कि यह षड्यंत्र मोदी सरकार के दौर में अमित शाह,धर्मेन्द्र प्रधान और गजेंद्र सिंह शेखावत जैसे नेताओं ने मिलकर किया।
मध्यप्रदेश,महाराष्ट्र और कर्नाटक में सरकारें गिरा दी गईं लेकिन राजस्थान में हमारा डटकर मुकाबला हुआ और हम वह सरकार गिराने नहीं दे सके। गहलोत गुरुवार को यहां पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। गहलोत ने दावा किया कि इस साजिश में विधायकों की खरीद- फरोख्त की कोशिशें की गईं। पैसे बांटे गए,हमारे पास उसके प्रूफ हैं। उन्होंने पूछा क्या ये संविधान के माफिक है? जो सरकारें हॉर्स ट्रेडिंग से गिराई गईं,क्या वो लोकतंत्र बचाने का दावा कर सकती हैं?
देश में चल रही है अघोषित इमरजेंसी
गहलोत ने कहा कि वर्तमान में देश एक अघोषित आपातकाल की स्थिति में है। उन्होंने इमरजेंसी की तुलना करते हुए कहा 1975 में इमरजेंसी घोषित थी,गलतियां हुईं, कांग्रेस ने माफी मांगी,सज़ा मिली। लेकिन आज जो हालात हैं,वह कहीं ज़्यादा खतरनाक हैं। पत्रकारों, साहित्यकारों,लेखकों को चुप कराया जा रहा है,जेलों में डाला जा रहा है, और जनता को सच्चाई तक नहीं बताई जा रही। उन्होंने कहा इलाहाबाद कुंभ में बीबीसी ने 85 मौतें रिपोर्ट की, लेकिन सरकार ने सिर्फ 35 बताईं। जो सरकार मृतकों के आंकड़े छिपा सकती है,वह संविधान बचाने की बात करें,तो शर्म आनी चाहिए।
हैण्डीक्राफ्ट फैक्ट्री में काम करते करंट से श्रमिक की मौत
मुख्यमंत्री नियंत्रण खो चुके हैं
प्रशासनिक कामकाज को लेकर पूछे गए सवाल पर गहलोत ने कहा कि राज्य में अफसरशाही बेलगाम हो चुकी है। उन्होंने कहा तहसीलदार तक आम आदमी को कह देता है कि जाइए,ट्रांसफर करवा दीजिए। अधिकारी विधायकों तक की नहीं सुनते। पहले अफसरों में डर था, अब वो भी खत्म हो गया है। जयपुर में दरवाजे बंद हैं, न मुख्यमंत्री मिलते हैं,न मंत्री।
