बोरवेल में जिंदगी की जंग हारा मासूम भोमाराम
- कड़ी मशक्कत के बाद सुबह निकाला गया
- अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सक ने बताया मृत
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),बोरवेल में जिंदगी की जंग हारा मासूम भोमाराम। फलोदी जिले के लोहावट क्षेत्र की ग्राम पंचायत नौसर स्थित पूनिया की ढाणी में बोरवेल में गिरे 9 वर्षीय मासूम भोमाराम को आखिरकार लंबे रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद शनिवार को बाहर निकाल लिया गया। बच्चे को बाहर निकालने के तुरंत बाद एंबुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया,लेकिन दुखद खबर यह रही कि भोमाराम जीवन की जंग हार गया।
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मासूम की मौत की खबर से परिवार में कोहराम मच गया और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर छा गई।
बता दें कि भोमाराम गुरुवार दोपहर करीब 12.35 बजे बोरवेल में गिर गया था। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन,पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंचे और मासूम को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। बच्चे को बचाने के लिए लगातार प्रयास किए गए,लेकिन बोरवेल के अंदर मौजूद पत्थरों और अन्य बाधाओं के कारण अभियान में काफी मुश्किलें आईं।
पत्थर और पानी बने रेस्क्यू में बड़ी बाधा :-
रेस्क्यू अभियान के दौरान बोरवेल में करीब 610 फीट की गहराई पर पत्थर का अवरोध सामने आया। बच्चे के ऊपर पानी होने की जानकारी ने बचाव दल की चिंता बढ़ा दी। पत्थर के कारण कैमरे को नीचे तक पहुंचाने और बच्चे की स्थिति का स्पष्ट पता लगाने में भी परेशानी हुई। ऑक्सीजन पहुंचाने के प्रयासों में भी बाधाएं आईं।
बचाव दल ने बच्चे तक पहुंचने के लिए कई तरीके अपनाए,लेकिन शुरुआती प्रयासों में सफलता नहीं मिली। इसके बाद देसी जुगाड़ के माध्यम से मासूम को बाहर निकालने की रणनीति बनाई गई।
देसी जुगाड़ भी नहीं बचा पाया जान
लगातार प्रयासों के बावजूद सफलता नहीं मिलने पर मादाराम सुथार की टीम देसी जुगाड़ लेकर मौके पर पहुंची। टीम ने बोरवेल की स्थिति का आकलन करते हुए लोहे के सरियों की मदद से विशेष उपकरण तैयार किया और उसके जरिए बच्चे को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया।
अस्पताल ले जाने पर बताया मृत
काफी देर तक चले संघर्ष और लगातार मेहनत के बाद आखिरकार बचाव दल को सफलता मिली और मासूम भोमाराम को बोरवेल से बाहर निकाल लिया गया। इसके बाद उसे तत्काल एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
