मातृत्व सुख से वंचित महिला ने फुटपाथ से बच्चे का अपहरण करवाया

  • शराब और पैसों के लालच में दो युवकों ने महिला का दिया साथ
  • डीएसटी प्रभारी दिनेश डांगी की मेहनत फिर लाई रंग
  • आठ घंटे की मशक्कत कर अपहृर्त बच्चे को महिला के घर से करवाया मुक्त

जोधपुर, शहर के पुराना हाईकोर्ट रोड पर एक होटल के बाहर से सोमवार की रात को चार साल के एक बच्चे का अपहरण हो गया। तड़क़े मां पिता की नींद टूटी तब पता लगा बच्चा गायब है। तुरंत को पुलिस को सूचना दी गई। हरकत में आई पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और दिन भर आठ घंटे की मशक्कत कर बच्चे को एक महिला के घर के ढूंढ निकाला। महिला और बच्चे का अपहरण करने वाले दो युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। साजिशकर्ता महिला को भी गिरफ्तार किया गया।

आरंभिक पड़ताल में सामने आया कि इस महिला को पिछले आठ दस साल से संतान सुख नसीब नहीं हो रहा था। तब उसने फुटपाथ से बच्चे के अपहरण की योजना बनाई और दो परिचितों को साथ लेकर वारदात करवाई। पुलिस ने बच्चे को बरामद उसके मां पिता को सौंप दिया है। बच्चे के अपहरण के इस मामले में एक बार फिर डीएसटी प्रभारी दिनेश डांगी और टीम की मेहनत रंग लाई है। पूर्व में दो अपहृर्त बालकों का टीम पता लगा चुकी है। जो फरवरी में मामला सामने आया था।

मातृत्व सुख से वंचित महिला ने फुटपाथ से बच्चे का अपहरण करवाया

पुलिस उपायुक्त पूर्व भुवनभूषण यादव ने बताया कि मूलत: झालावाड़ के पनवाड़ स्थित गुणेशपुरा समेतखेड़ी का रहने वाला गिरिराज पुत्र रामकुमार बागरी पेशे से कमठा मजदूरी करता है। वह अपनी पत्नी और एक चार साल के बेटे प्रदीप के साथ हाईकोर्ट रोड पर होटल घूमर के बाहर फुटपाथ पर जीवन बसर कर रहा है। सोमवार की रात को पति पत्नी और बेटा सो गए थे। मंगलवार की तडक़े जागने पर पता लगा कि पास में सो रहा बेटा प्रदीप लापता है। आस पास तलाश करने पर उसका पता नहीं चल पाया। तब पास के उदयमंदिर थाने में इसकी सूचना दी गई।

उदयमंदिर थानाधिकारी अमित सिहाग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्चाधिकारियों को सूचना दी। डीसीपी पूर्व यादव ने बताया कि बच्चे के अपहरण होने की जानकारी पर पुलिस की टीमों को गठन किया गया। जिसमें डीएसटी प्रभारी एसआई दिनेश डांगी के साथ उदयमंदिर, नागौरी गेट एवं पुलिस कमाण्ड कंट्रोल सेंटर से जवानों को लगाया गया।

100-150 सीसीटीवी कैमरे चेक किए

पुलिस उपायुक्त यादव के अनुसार बच्चे का पता लगाने के लिए पुलिस की इन टीमों ने 100-150 सीसीटीवी कैमरों के साथ अभय कमांड के कैमरों को चेक किया। तब एक बाइक को संदिग्ध लगने पर उसे उसके नंबरों से ट्रेस करवाना शुरू किया। उसके आने जाने की लोकेशन की हर घड़ी जांच की गई। तब यह बाइक नागौरी गेट एरिया की तरफ कागाकांगड़ी की तरफ से जाती दिखी। इस पर पुलिस ने यहां पर सर्च चलाया।

इन लोगों को किया गया गिरफ्तार

पुलिस उपायुक्त यादव ने बताया कि घटना में मेघवाल बस्ती कागा निवासी बंटी पुत्र बुधाराम, भील बस्ती कागा कांगड़ी निवासी आकाश उर्फ गूंगा पुत्र संतोष एवं एक महिला कागा कागड़ी निवासी रेखा पत्नी ताराचंद को गिरफ्तार किया गया।

बच्चे के अपहरण में यह कहानी आई सामने

डीएसटी प्रभारी एसआई दिनेश डांगी ने बताया कि बच्चे के अपहरण में पता लगा कि कागा कागड़ी की रहने वाली रेखा को पिछले आठ दस साल से संतान सुख नहीं मिल पा रहा था। उसने कई जगहों पर बच्चा अडोप्ट करने का प्रयास भी किया। मगर वहां की शर्तें पूरी नहीं कर पाने के कारण वह टूट गई। इस पर उसने फुटपाथ से ही किसी बच्चे का अपहरण करने के योजना सोची। तब उसने अपने साथ में बंटी और आकाश को लिया। इन्हें शराब के लिए पैसे देने का लालच दिया और कुछ रूपए पहले ही किश्तों में दे दिए थे। इस पर वे दोनों रेखा का साथ देने को तैयार हो गए।

आकाश ने की रैकी, बंटी ने उठाया बच्चे को

डीएसटी प्रभारी दिनेश डांगी के अनुसार इस पूरे घटनाक्रम में पता लगा कि इन लोगों ने बाइक को इस्तेमाल किया। सिर पर कैप, मुंह पर रूमाल बांधने के साथ बाइक की लाइट को भी रात में बंद रखा। पावटा से लेकर जालोरी गेट तक फुटपाथों को खंगाला जहां कोई बच्चा नजर आ जाए। बाद में हाईकोर्ट रोड पर बाहर होटल घूमर के पास से प्रदीप का अपहरण किया। पहले आकाश ने पास में जाकर रैकी कर पता लगाया कि बच्चे के मां पिता सो गए हैं तब बंटी बाइक लेकर पहुंचा। बंटी ने नींद से सो रहे प्रदीप का मुंह बंद किया और उठाकर बाइक पर लेकर भाग गए।

रेखा के घर में मिला अपहृर्त प्रदीप

डीसीपी भुवन भूषण यादव ने बताया कि अपहृर्त बालक प्रदीप आरोपी महिला रेखा के घर में सही सलामत मिल गया। बाद में उसके मां पिता को सौंप दिया गया।

दिल्ली से अपहृर्त दो बालकों को भी करवाया था मुक्त

उल्लेखनीय है कि डीएसटी प्रभारी एसआई दिनेश डांगी ने इस साल 24 फरवरी को दिल्ली के एक पार्क से अपहरण कर लाए गए दो बालकों को भी पावटा स्थित किसान भवन के बाहर से अपहरणकर्ता के चंगुल से मुक्त करवाया था।

एडीसीपी के सुपरविजन में टीम ने किया काम

बच्चे के अपहरण में पता लगाने के लिए एडीसीपी पूर्व नाजिम अली के सुपरविजन में गठित इस टीम में एसीपी पूर्व देरावरसिंह,उदयमंदिर थानाधिकारी अमित सिहाग,डीएसटी प्रभारी दिनेश डांगी, उदयमंदिर थाने के एसआई हरीमन,एएसआई बींजा राम, गोरधनराम, हैडकांस्टेबल भगा राम,महेशचंद, सुरजाराम, कांस्टेबल महावीर सिंह, श्यामलाल, नंदलाल, डीएसटी के हैडकांस्टेबल कमरूदीन, कांस्टेबल जयराम, डूंगरराम, नागौरी गेट थाने के हैडकांस्टेबल गोपालसिंह, कांस्टेबल कालूराम एवं अभय कमांड सेंटर के कांस्टेबल घनश्यामसिंह, भंवराराम आदि शामिल थे।

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