उत्तराखंड: गढ़वाल में फिर बादल फटा केदारघाटी में पुल बहा
- दो लापता,मवेशी मलबे में दबे
- पूरे प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट जारी
- बसु केदार क्षेत्र में भारी बारिश से 4 घर बहे
- प्रभावित घरों को खाली करवाया
- बचाव व राहत कार्य जारी
चमोली(डीडीन्यूज),उत्तराखंड: गढ़वाल में फिर बादल फटा केदारघाटी में पुल बहा। पर्वतीय प्रदेशों में प्राकृतिक आपदा से तबाही का सिलसिला बंद नहीं हो रहा है। उत्तराखंड में मानसून में आफत की बारिश ने आमजन को झकझोर कर रख दिया।
उत्तराखंड में लोगों का जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। अब फिर एक बार उत्तराखंड के गढ़वाल संभाग के चमोली और टिहरी के भिलंगना ब्लॉक के गेंवाली गांव पर भी बादल फटा है। गनीमत यह रही कि यहां किसी भी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है।
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इसके अलावा रुद्रप्रयाग में भी बादल फटा है। यहां जखोली ब्लॉक के छेनागाड़, बांगर सहित कई जगहों परअतिवृष्टि से भारी नुकसान हुआ है। बादल फटने की घटना देवाल तहसील के मोपाटा में भी हुई है। हादसे में दो लोग लापता बताए जा रहे हैं। 2 लोगों में तारा सिंह और उनकी पत्नी लापता बताए जा रहे हैं। दो अन्य विक्रम सिंह और उनकी पत्नी घायल हैं। प्रशासन ने राहत कार्य शुरू कर दिया है। अब तक प्राप्त जानकारी के अनुसार रुद्रप्रयाग जिले के बसुकेदार क्षेत्र के बड़ेथ डुंगर तोक और चमोली जिले के देवाल क्षेत्र में बादल फटने से मलबा आया है।
इसकी वजह से कुछ परिवार फंस गए।आवास के पास की गौशाला मलबे में दब गई है जिसमें लगभग 15 से 20 जानवर दबने की आशंका है। बसु केदार क्षेत्र में भारी बारिश से 4 घर बह गए सभी लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। स्थिति पर नज़र रखे हुए हैं। भारी बारिश को देखते हुए रुद्रपरायग,बागेश्वर,चमोली, हरिद्वार और पिथौरागढ़ जिलों में आज स्कूलों की छुट्टी कर दी गई है।
रुद्रप्रयाग जिले में अलकनंदा- मंदाकिनी संगम पर जलस्तर निरंतर बढ़ता जा रहा है। अलकनंदा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिससे इसकी जद में आने वाले क्षेत्रों में बाढ़ के हालात बन गए हैं। नदी का पानी लोगों के घरों तक पहुंच गया। प्रशासन ने क्षेत्र के प्रभावित घरों को खाली करवाया है। रुद्रप्रयाग का हनुमान मंदिर भी नदी में डूब गया है। केदारघाटी के लवारा गांव में सड़क पर बना पुल बह गया। छेनागाड़ क्षेत्र में भी स्थिति गंभीर बनी हुई है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तत्काल राहत और बचाव कार्यों को युद्धस्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए। शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आवास में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में संबंधित जिलाधिकारियों से वर्चुअल जानकारी ली और प्रभावित क्षेत्रों में सभी मूलभूत सुविधाओं को शीघ्र बहाल करने के सख्त निर्देश दिए।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक्स पर इसकी जानकारी साझा की है। उन्होंने लिखा जनपद रुद्रप्रयाग के बसुकेदार क्षेत्र के बड़ेथ डुंगर तोक और चमोली जिले के देवाल क्षेत्र में बादल फटने से मलबा आया है। इसकी वजह से कुछ परिवार फंस गए हैं। स्थानीय प्रशासन राहत और बचाव कार्य तेजी से कर रहा है,मैं लगातार अधिकारियों से संपर्क में हूं और आपदा सचिव व जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बचाव कार्य सही तरीके से और तेजी से किए जाएं।
इधर हरिद्वार में भी भारी बारिश का दौर जारी है। भारी बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन ने सभी स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्रों में अवकाश रखने के निर्देश जारी किए हैं। पिथौरागढ़ जिले में भी लगातार हो रही भारी बारिश व खराब मौसम के मद्देनजर विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए जिलाधिकारी विनोद गोस्वामी ने जिले के 12वीं तक के समस्त सरकारी,निजी विद्यालयों तथा आंगनबाड़ी केन्द्रों में शुक्रवार को अवकाश घोषित किया है।
मौसम विभाग ने 29 अगस्त को देहरादून,बागेश्वर,नैनीताल, पिथौरागढ़ में तेज बारिश का ऑरेंज अलर्ट और अन्य क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। उत्तराखंड में अगले दो दिन अलग-अलग क्षेत्रों में भारी बारिश के मद्देनजर पूरे प्रदेश में येलो अलर्ट जारी किया गया है।