जोधपुर, फोटो बाबा के नाम से पहचान रखने वाले स्वामी सुंदरानंद का देहरादून में निधन हो गया वह 97 वर्ष के थे। उन्हें गंगोत्री स्थित उनकी साधना स्थली तपोवन कुटी के निकट समाधि दी गई। जोधपुर के वरिष्ठ छायाकार एवं उनके शिष्यों ने शोक सभा कर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
स्वामीजी के शिष्य रविंद्र नाथ ने बताया कि 1948 में स्वामीजी गंगोत्री आए थे यहां हिमालय और गंगा के आध्यात्मिक स्वरूप के आकर्षण में बंध कर यही के हो गए। उन्होंने इन 7 दशक के प्रवास में यहां आए बदलावों और प्रकृति के सुंदर नजारे को अपने कैमरे में कैद किया उनकी तस्वीरों के संकलन पर प्रकाशित पुस्तक हिमालय थ्रू द लेंस साधु बहुत ही लोकप्रिय हुई। पुस्तक का विमोचन पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई ने किया था। शोक सभा में जोधाणा फोटो जर्नलिस्ट सोसायटी के अध्यक्ष रामजी व्यास उनके शिष्य बाबूलाल पंवार, विरेन्द्रनाथ, महेंद्र बोहरा, अरुण पुरोहित, गोपाल बल्लभ पुरोहित ने श्रद्धासुमन अर्पित किए और उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला