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जोधपुर, प्रदेश का पुलिस मुख्यालय अपने कार्मिकों की छवि सुधारने के लिए हर जतन कर रहा है ताकि पुलिस की साफ छवि जनता के सामने लाई जा सके। पुलिस कर्मियों की अपराधियों से सांठगांठ की बातें तो अक्सर सामने आती रही है। मगर कांस्टेबल बाहर क्या खेल खेल रहे हैं इसका भान तक थानाधिकारी को नहीं हो पाता। हालांकि यह थानाधिकारी का कर्तव्य है कि वह थाने में कार्यरत कार्मिकों की बराबर मोनटरिंग करता रहे। कई चूक की वजह से इसका दंश भी झेलना पड़ता है। कुड़ी थानाधिकारी जुल्फिकार अली के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ है। थाने के कार्मिकों पर बराबर नजर नहीं रख पाने से उन्हें भी निलंबन का रास्ता देखना पड़ा।

दरअसल कुड़ी थाने में तैनात तीन पुलिस कर्मियों ने एक बजरी सप्लायर को मादक पदार्थ की सफेद पोटली के बदले रूपए वसूले, रूपए नहीं देने पर एनडीपीएस एक्ट के मुकदमें में गिरफ्तारी की धमकी दे डाली। इधर, बजरी सप्लायर का साला अपने जीजा को छुड़ाने के लिए रूपए लेकर पुलिस कर्मियों के बताए पते पर पहुंचा, रुपए दे अपने जीजा को छुड़ा लाया। लेकिन घटना के 10 दिन बाद जब पुलिस महकमें के उच्च अधिकारियों तक बात पहुंची। बताया जाता है कि उधर तीनों ने रुपए लौटा भी डाले। लेकिन इस बीच बुधवार को तीनों पुलिस कर्मियों सरदार सिंह, ज्ञानचंद को सस्पेंड कर दिया और कुड़ी के थानाधिकारी जुल्फिकार अली को भी निलंबित कर दिया गया।

खाकी फिर हुई दागदार

3 पुलिस कांस्टेबलो ने एक बजरी का काम करने वाले युवक को लगभग 1 किलो अवैध मादक पदार्थ के मामले में मामला दर्ज कर थाने में बंद करने की धमकी देकर उससे रुपए ऐंठ लिए। घटना की जानकारी जब पुलिस के उच्च अधिकारियों को लगी तो डीसीपी पश्चिम आलोक श्रीवास्तव ने कान्स्टेबल ज्ञानचंद मीणा, शांति प्रकाश व सरदार सिंह को निलंबित किया है। इसके  बाद पुलिस कमिश्नर जोस मोहन ने मामले में लापरवाही बरते जाने पर कुड़ी थानाधिकारी जुल्फिकार अली को भी सस्पेंड करने के आदेश जारी कर दिए।

यूं हुआ घटनाक्रम

सूत्रों के मुताबिक 20 मई को कुड़ी थाना क्षेत्र में रहने वाला युवक कालू बजरी का डंपर चलाने का काम करता है। जब वह रात को घर जा रहा था तो एक कार में सवार तीन जनों ने उसका रास्ता रोक उससे यादे माता मंदिर का रास्ता पूछा। पीड़ित द्वारा रास्ता बताने के बाद तीनों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर उसे जबरदस्ती गाड़ी में बैठा लिया और फिर 1 किलो अफीम की पोटली दिखाकर उसे एनडीपीएस एक्ट के मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। गिरफ्तारी से बचने के लिए उससे रुपए की डिमांड की गई। जिसके बाद पीडि़त ने कहा कि उसके पास पैसे नहीं है तो पुलिसकर्मियों ने कहा कि तुम्हारे साले के पास काफी पैसे है उससे मंगवाओ। बाद में पीडि़त ने जीजा को छुड़ाने के लिए रूपए कांस्टेबल को दिए। हालांकि पता लगने पर रूपए लौटा भी दिए गए। कितने रूपयों का लेनदेन हुआ इस पर संशय बना है।

इनका कहना है

कुड़ी थाने के तीन कांस्टेबलों को सस्पेेंड किया गया है। थानाधिकारी को लापरवाही बरते जाने पर सस्पेंड किया गया है। अब इस मामले की जांच एडीसीपी पश्चिम को सौंपी गई है। कांस्टेबलों को अनुशासनहीनता के चलते निलंबित किया गया है। विभागीय स्तर पड़ताल की जा रही है।

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