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सूने मकान में हुई एक करोड़ की चोरी का 11वें दिन खुलासा: जीजा साला और ससुर गिरफ्तार

  • रणछोडज़ी मंदिर के पास होटल में रुके थे शातिर नकबजन
  • दो सौ सीसीटीवी फुटेज देखे -बांसवाड़ा-उदयपुर तक पीछा
  • चोरी का पूरा माल बरामद

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),सूने मकान में हुई एक करोड़ की चोरी का 11वें दिन खुलासा: जीजा साला और ससुर गिरफ्तार।शहर के सरदारपुरा चौथी ए रोड पर 25 जनवरी की रात में हुई एक करोड़ की चोरी का पुलिस ने आज खुलासा करते हुए जीजा-साला और ससुर को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से पुलिस ने चोरी का पूरा माल भी जब्त कर लिया है। अभियुक्त चाबी बनाने वाले सीकलीगर हैं।

आरोपी बांसवाड़ा जिले के है।
वारदात को अंजाम देने से पहले जोधपुर आए और यहां राज रणछोडज़ी मंदिर के पास एक होटल में रुके थे। वारदात कर वापिस रोडवेज बस से फरार हो गए।

पुलिस उपायुक्त विनीत कुमार बंसल ने बताया कि मूलत: मुंबई के मोरीवली हाल मेहता मेंशन हाल चौथी ए रोड निवासी कारोबारी भरत मेहता पुत्र संपत राज मेहता ने रिपोर्ट दी थी। उनके सूने घर से 25 जनवरी रात को अज्ञात चोर पांच किलो चांदी के बर्तन-आभूषण के साथ पांच सौ ग्राम गोल्ड के जेवरात चुरा ले गए थे। जिस पर केस दर्ज किया गया था।

दो सौ कैमरों को खंगाला गया 
सरदारपुरा थानाधिकारी जयकिशन सोनी ने बताया कि प्रकरण के खुलासे के लिए गठित टीम ने सरदारपुरा और आस पास के तरकीबन 2 सौ कैमरों के फुटेज को खंगाला। तब पता लगा कि बांसवाड़ा के सिकलीगर सिक्ख लोग है जो चाबी बनाने का काम करते हैं। इस पर उनकी पहचान के प्रयास किए गए। तब पता लगा कि यह लोग बांसवाड़ा के हैं और उनकी पहचान बाद में दीपसिंह और रणदीप सिंह के रूप में हुई। तब उन दोनों को पकड़ा गया। पूछताछ में चोरी करना बताया।

होटल पर जेसीबी से तोड़फोड़ ग्राहकों को पीटा

जोधपुर आए और होटल में रूके
आरंभिक पूछताछ में पता लगा कि यह लोग 25 जनवरी को जोधपुर आए फिर राज रणछोडज़ी मंदिर के पास एक होटल में रूके थे। बाद में आधी रात को निकले। यहां सरदारपुरा बी रोड पर एक बाइक को लॉक तोड़ कर उक्त घटनास्थल पर गए।

महामंदिर से शास्त्रीनगर तक घूमे 
वारदात के लिए सूने मकान की टोल के लिए पहले महामंदिर फिर सरदारपुरा और शास्त्रीनगर एरिया में गए अंतत: सरदारपुरा डी रोड भरत मेहता का मकान चुना गया।

पुलिस टीमें रतलाम और गुजरात तक गई 
आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस की टीम बांसवाड़ा,उदयपुर, रतलाम एवं गुजरात तक गई। बाद में लोकेशन बांसवाड़ा मिलने पर वहां से पकड़ा जा सका।

रोडवेज बस से बांसवाड़ा पहुंचे 
यहां आरोपी दीपसिंह और रणदीप सिंह बांसवाड़ा अपने घर पहुंचे जहां पर दीपसिंह के पिता तीरथ सिंह उर्फ तीतर सिंह ने माल को खुर्दबुर्द कर छुपा दिया। आरोपी पहले पिंडवाडा फिर बांसवाड़ा पहुंचे थे।

होटल मालिक को बताया नानी मर गई 
आरोपियों ने वारदात के बाद आनन फानन में होटल से रवाना होकर होटल मालिक को अपनी नानी के देहांत की जानकारी दी और सामान लेक र चले गए। इस पर उसने भी ज्यादा ध्यान नहीं दिया।

इन्हें किया गया गिरफ्तार 
पुलिस ने अब प्रकरण में उदयपुर प्रतापनगर के गुरुनानक कॉलोनी निवासी रणदीपसिंह पुत्र अजीत सिंह,बांसवाड़ा के मयूर मिल के पीछे रहने वाले दीपसिंह और उसके पिता तीरथ सिंह उर्फ तीतर सिंह को गिरफ्तार किया है।

पुलिस टीम में यह थे शामिल 
पुलिस टीम में एसआई दीपलाल, हैडकांस्टेबल बजरंग,साइबर सैल के हैडकांस्टेबल प्रेम चौधरी, कांस्टेबल राजाराम,कैलाश, मोतीलाल,संतराम एवं महेंद्र भी शामिल थे।