दादा दादी की भूमिका बालक के माता पिता से भी बढ़कर होती है-ओमप्रकाश

दादा दादी सम्मेलन का आयोजन

जोधपुर,विद्यामन्दिर,कमला नेहरू नगर में शनिवार को दादा दादी सम्मेलन का आयोजन किया गया। सर्वप्रथम माँ शारदा के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ विद्याभारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान द्वारा संचालित शिशुवाटिका आदर्श में किया गया।

इस अवसर पर विद्या भारती राजस्थान क्षेत्र शिशुवाटिका प्रमुख ओमप्रकाश शर्मा ने मुख्य वक्ता के रूप में अपने उद्बोधन में कहा कि घर बालक की प्रथम पाठशाला होती एवं माता प्रथम गुरू। किन्तु बालक के दादा-दादी की भूमिका बालक के माता पिता से भी बढ़कर होती है।

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बालक के समग्र विकास में उसके शरीर,प्राण,मन,बुद्धि एवं आत्मा सभी अंगों के विकास की व्यवस्था करनी चाहिए। इस निमित्त बालक का आवास,भोजन,नींद,प्रेम,विश्वास, सुरक्षा एवं उचित रीति से लालन पालन हेतु सभी पक्षों पर विचार करना चाहिए। आज का नन्हा बालक ही भविष्य का श्रेष्ठ नागरिक बनेगा एवं समाज व देश के संचालन में अपनी भूमिका अदा करेगा। अतः कम उम्र से ही बालकों में अच्छे संस्कारों का बीजारोपण करना चाहिए।

कार्यक्रम के अन्त में विद्यालय समिति के अध्यक्ष नरेश अग्रवाल ने आगन्तुक सभी दादा-दादियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन शिशु वाटिका की प्रधानाचार्य कल्पना शर्मा ने किया। इस अवसर पर विद्याभारती जोधपुर प्रान्त के शिशुवाटिका प्रमुख राजकुमार बंसल, महानगर सचिव मिश्रीलाल प्रजापति एवं कार्यालय प्रमुख माधवदास वैष्णव, विद्यालय समिति के अध्यक्ष आदि गणमान्य प्रबुद्ध जन उपस्थित थे।

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