प्रधानमंत्री न झुकते हैं और न टूटते हैं-राजनाथ सिंह
-रक्षा मंत्री ने किया मारवाड़ राजपूत सभा के समारोह में वीरांगनाओं का सम्मान
-आज भारत कुछ बोलता है तो दुनिया कान खोलकर सुनती है
-कहीं कोई जरूरत पड़ती है तो आपके सांसद शेखावत भेजे जाते हैं
जोधपुर(डीडीन्यूज),प्रधानमंत्री न झुकते हैं और न टूटते हैं-राजनाथ सिंह। देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि युद्ध में भी नैतिकता का पालन किया जाना चाहिए,यह भारत की परंपरा है। आधुनिक युग में भी नैतिकता का पालन भारत और हमारी सेना करती है। उन्होंने कहा कि मुझे बतौर रक्षा मंत्री सवा छह साल हो गए हैं। मैं देखता हूं, अपने जवानों और अफसरों का जज्बा और जुनून गजब का है।
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह सोमवार को जोधपुर में पावटा क्षेत्र के मारवाड़ राजपूत सभा भवन में आयोजित वीरांगना सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने शॉल ओढ़ाकर एवं स्मृति चिह्न भेंट कर वीरंगनाओं का सम्मान किया।
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रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत पहले वाला भारत नहीं रहा। भारत को यदि कोई छेड़ेगा तो भारत किसी को छोड़ेगा नहीं। पहले जब भारत बोलता था,दुनिया में जिस गंभीरता के साथ भारत को लिया जाना चाहिए था,वो नहीं लिया जाता था, लेकिन आज यदि भारत अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कुछ बोलता है तो दुनिया भारत को कान खोलकर सुनती है।
मारवाड़ का जिक्र करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि मैं देश की सीमाओं पर जाता हूं तो वहां मारवाड़ के सैनिक मिलते हैं।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गजेन्द्र सिंह शेखावत की तारीफ करते हुए कहा कि आपके सांसद तो कमाल करते हैं। वे न केवल संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री हैं,कहीं कोई जरूरत पड़ती है तो आपके सांसद गजेंद्र सिंह शेखावत भेजे जाते हैं। पानी और खून तो राजस्थान का ही है। राजनाथ सिंह ने कहा कि आपके गजेन्द्र शेखावत एनर्जेटिक है, इफेक्टिव है और एक्टिव हैं। रक्षा मंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय जगत में भारत की प्रतिष्ठा बढ़ी है। कोई देश कितना भी ताकतवर हो, वो कुछ भी कर ले,लेकिन हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी न झुकते हैं और न टूटते हैं।
शेखावत ने उठाया ईडब्ल्यूएस में छूट का मुद्दा:-
शेखावत ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के समक्ष आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के नियमों में पश्चिमी राजस्थान में रियायत का मुद्दा उठाया। शेखावत ने कहा कि ईडब्ल्यूएस को राजस्थान सरकार ने नौकरी के लिए जो छूट दी है,वो केंद्र सरकार में उपलब्ध नहीं है। जब केंद्रीय कैबिनेट और संसद ने ईडब्ल्यूएस का निर्णय पारित किया था,तब सीमा लगाई थी कि पांच एकड़ या गांव में निश्चित मात्रा में आवासीय भूमि है तो उन्हें लाभ नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि आप उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हैं,वहां और पश्चिमी राजस्थान की परिस्थिति में बहुत फर्क है। पश्चिमी राजस्थान में लोगों के पास जमीन तो है,लेकिन यहां हर साल अकाल पड़ता है।
उत्तर प्रदेश की पांच एकड़ से पश्चिमी राजस्थान की पांच एकड़ जमीन की तुलना करें तो न्याय नहीं होगा। शेखावत ने कहा कि मैंने इसे लेकर प्रधानमंत्री से भी आग्रह किया और उन्होंने मुझे इस बात का भरोसा भी दिलाया कि इसे लेकर एक बार रिवीजन करेंगे।
ये थे उपस्थित:-
समारोह की अध्यक्षता राजपूत समाज के अध्यक्ष हनुमान सिंह खांगटा ने की। राजस्थान के कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल,पूर्व सांसद गज सिंह,विधायक बाबू सिंह राठौड़, रविन्द्र सिंह भाटी,हमीर सिंह भायल, पूर्व कैबिनेट मंत्री शंभू सिंह ख़ेतासर, डॉ.नारायण सिंह माणकलाव उपस्थित थे।
