नहीं सुलझी कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा के मौत की गुत्थी
- कंपाउंडर दस्तयाब
- मेडिकल सामग्री कब्जे में
- साध्वी का कमरा सीज
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),नहीं सुलझी कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा के मौत की गुत्थी। कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा के मौत की गुत्थी आज दूसरे दिन भी नहीं सुलझ सकी। इस मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश के निर्देशन में मामले की गहन जांच की जा रही है।
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पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए साध्वी को इंजेक्शन लगाने वाले कंपाउंडर को दस्तयाब कर लिया है। पुलिस द्वारा आवश्यक पूछताछ के साथ इंजेक्शन के खोल सहित संबंधित मेडिकल सामग्री को कब्जे में लिया गया है। इसके अलावा साध्वी के कमरे को भी सील कर दिया गया है और मोबाइल फोन समेत अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए हैं।
महात्मा गांधी अस्पताल की मोर्चरी में एसीपी छवि शर्मा के नेतृत्व में पुलिस प्रशासन मुस्तैद रहा। इस दौरान पुलिस इंस्पेक्टर जुल्फिकार अली और राजीव भादू भी जाब्ते के साथ मौके पर मौजूद थे। मोर्चरी में मीडिया से बातचीत करते हुए साध्वी के पिता ब्रह्मनाथ ने कई अहम तथ्य सामने रखे। उन्होंने बताया कि खांसी-जुकाम की शिकायत के चलते आश्रम में कंपाउंडर को बुलाया गया था।
इंजेक्शन लगाए जाने के महज पांच मिनट बाद ही साध्वी प्रेम बाईसा ने दम तोड़ दिया। पिता ने यह भी स्वीकार किया कि साध्वी के मोबाइल फोन से संदेश भेजा गया था।उन्होंने बताया कि साध्वी के कहने पर ही किसी साथी गुरु महाराज द्वारा उनके मोबाइल से मैसेज डाला गया। बताया गया है कि साध्वी ने अंतिम समय में न्याय दिलाने की बात कही थी।
कंपाउंडर से पूछताछ में खुलेंगे अहम राज
पिता ब्रह्मनाथ ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। पुलिस का कहना है कि कंपाउंडर को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और सभी पहलुओं पर गंभीरता से जांच जारी है। इससे पहले आज सुबह एमजीएच में कथावाचक प्रेम बाईसा के शव का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया गया। इस दौरान मोर्चरी में कई साधु-संत मौजूद थे।
पुलिस का पहरा भी मोर्चरी के बाहर देखा गया। तीन डॉक्टरों की मेडिकल टीम द्वारा उनका पोस्टमार्टम किया गया। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही मृत्यु के कारण पता लग पाएगा। नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने मुख्यमंत्री से इस मामले की गंभीरता से जांच करने की मांग की है।
