- सावन के झूले पर झूली महिलाएं
- राजस्थानी गीतों पर किया नृत्य
जोधपुर, हरियाली अमावस्या के अवसर पर वैसे तो जोधपुर में कई तरह के आयोजन हुए मगर बनी ठणी सांस्कृतिक संस्थान द्वारा रिसोर्ट में आयोजित किए गए सावन उत्सव में महिलाओं ने जमकर न केवल मस्ती की बल्कि हंसती मुस्कुराती हुई झूले पर झूलने का आनन्द भी लिया। कोई लहरिया में तो कोई पद बंधेज पोशाक में राजस्थानी गीतों पर थिरकते हुए भी नजर आई।
बनी ठणी सांस्कृतिक संस्थान की अध्यक्ष खुशी शेखावत ने बताया कि कोरोना वायरस के चलते महिलाएं अपने घरों में ही परिवार की जिम्मेदारी को संभाल रही थी मगर अब कोरोना वायरस का असर कम पड़ने के साथ नए मरीज आने बंद हो गए तब संस्थान ने हरियाली अमावस्या के अवसर पर महिलाओं के लिए विशेष तौर पर सावन उत्सव का आयोजन किया।
महिलाओं ने जमकर इस अवसर पर मस्ती की। सावन उत्सव में समाजसेवी कल्पना चांपावत, मिसेज एशिया यूनिवर्स काजल कुमारी, राजस्थानी लोक गायक सोनू कंवर, समाजसेवी प्रियाजीत कंवर, नेहा कंवर, लोक कलाकार छोटू खान अतिथि के रूप में मौजूद थे। लंगा कलाकारों ने जमकर अपने हुनर का प्रदर्शन किया। खुशी शेखावत ने बताया कि राजस्थान सरकार द्वारा निर्धारित कोरोना वायरस की गाइड लाइंस को ध्यान में रखकर यह आयोजन चौपासनी स्थित रिसॉर्ट में उत्साह और उमंग के साथ आयोजित किया गया। तरह-तरह की राजस्थानी पोशाकों से लबरेज महिलाएं सावन के गीत गाने के साथ सावन की खुशी में झूमी।
दूरदृष्टिन्यूज़ की एप्लिकेशन अभी डाउनलोड करें – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.digital.doordrishtinews
लंबे समय बाद महिलाएं सावन उत्सव में झूले झूलती हुई भी नजर आई। राजस्थान की संस्कृति को ध्यान में रखकर सावन उत्सव की थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम को लेकर महिलाओं में गजब का उत्साह देखा गया। इस अवसर पर महिलाओं को विशेष प्रकार के गेम्स का भी आनंद लेने का मौका मिला। स्पेशल डांस कंपटीशन में भी महिलाओं ने जमकर अपनी प्रतिभा का हुनर दिखाया। सावन उत्सव में लहरिया से लेकर बंधेज व अन्य राजस्थान की विभिन्न तरह की वेशभूषा में महिलाओं ने जब सावन उत्सव मनाया तो निश्चय ही लंबे समय बाद महिलाओं ने खुद को तनाव से मुक्त पाया।
ये भी पढें – स्कूल के पास में शराब की दुकान: लोग उतरे सड़क़ पर, समझाइश पर हुए शांत