रीढ़ की हड्डी का दूरबीन से सफल ऑपरेशन
महात्मा गांधी चिकित्सालय की नई उपलब्धि
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),रीढ़ की हड्डी का दूरबीन से सफल ऑपरेशन। शहर के महात्मा गांधी अस्पताल में स्पाइन सर्जरी के नई तकनीक से सफल ऑपरेशन का जल्दी ही जनता को फायदा मिलेगा। अब एमजीएच में स्पाइन इंजरी सेंटर की सौगात,स्पाइन एंडोस्कोपी की नवीनतम तकनीक UBE से रीढ़ की हड्डी का ऑपरेशन होने लगेंगे।
स्पाइन के ऑपरेशन की सबसे उन्नत स्पाइन सर्जरी जिसे UBE नाम से जाना जाता है,पिछले छह महीने में 10 से ज्यादा सफल ऑपरेशन किए गए। उस उन्नत तकनीक से दक्षिण कोरिया के ईम जिन हुवा एवं सँग क्यू सोन ने यह तकनीक पूरी दुनिया को दी,इसके लिए स्पाइन सर्जन डॉ.महेंद्र सिंह टाक ने कुछ समय पहले दक्षिण कोरिया जाकर इस तकनीक की बारीकियां सीखी थी।
गौरतलब है कि डॉ.महेंद्र टाक ने इस तकनीक का उपयोग कर जोधपुर को स्पाइन सर्जरी के विश्व मानचित्र पर लाकर खड़ा कर दिया है। महात्मा गांधी अस्पताल लगभग पिछले एक दशक से स्पाइन सर्जरी के नवीनतम तकनीक एवं शोध कार्य के लिए देशभर में अलग पहचान रखता है,उसी कड़ी में एक और विकसित कदम रखते हुए उन्होंने यह नया मुकाम स्थापित किया है। एंडोस्कोपिक स्पाइन सर्जरी की विभिन्न तकनीक का उपयोग करते हुए स्लिप डिस्क का एक बेहतर से बेहतर इलाज पश्चिमी राजस्थान की जनता को मुहैया करवाया जा रहा है।
यूबीई एक अलग तरह की स्पाइन की ऑपरेशन की तकनीक है जो खासकर विकसित देशों में बहुत तेजी से अपनायी जा रही है, क्योंकि इस तकनीक में साधारण औजारों का उपयोग करके भी दूरबीन द्वारा मिनिमल इनवेसिव तकनीक से स्पाइन सर्जरी करना संभव है इसमें रीढ़ की हड्डी का ऑपरेशन दूरबीन की सहायता से किया जाता है। इस तकनीक में रीढ़ जी हड्डी के एक ही तरफ दो छोटे छोटे सूक्ष्म छेद बनाकर सलाइन मीडिया के अंदर स्पाइन का ऑपरेशन किया जाता है।
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ऑर्थोपेडिक ऑपरेशन में काम आने वाले साधारण दूरबीन की सहायता से एवं कुछ उन्नत औजारों की सहायता से रीढ़ की हड्डी की अधिकतर बीमारियों का ऑपरेशन दूरबीन से करने में सफलता हांसिल की जा सकती है दक्षिण कोरिया एवं चीन एवं जापान के वैज्ञानिक इस तकनीक को बहुत ही उत्सुकता से अपना रहे है एवं शोध कर रहे है।ऐसा माना जा रहा है जल्द ही यह तकनीक स्पाइन सर्जरी का पूरा प्रारूप ही बदल देगी। दुनिया भर में यह बहुत ही तेजी से प्रचलित हो रही है
अस्थि रोग विभागाध्यक्ष डॉ.अरुण वैश्य ने बताया कि जोधपुर का भी इस तकनीक में प्रतिनिधित्व होना अपने आप में एक बहुत ही गर्व का विषय है। यूनिट हेड एवं वरिष्ठ आचार्य डॉ.महेश भाटी के मार्गदर्शन में स्पाइन सर्जन रीढ़ की हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ.महेंद्र सिंह टाक ने स्लिप डिस्क का दूरबीन से यह ऑपरेशन किया। उनकी टीम में डॉ.सुशांत गुप्ता,डॉ.आकाश गुप्ता, डॉ.विकास शर्मा थे।
एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष वरिष्ठ आचार्य डॉ. राकेश कर्णावट,डॉ.अभिलाषा थानवी, डॉ.विवेक सोनी एवं डॉ. प्रेक्षा थे। OT इंचार्ज मीनाक्षी अग्रवाल,स्टॉफ गणपत सिंह, प्रकाश एवं पारस सिस्टर,वार्ड बॉय ज्ञान प्रकाश,अकरम का सहयोग रहा। महात्मा गांधी अस्पताल अधीक्षक डॉ. फतेह सिंह भाटी एवं मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ.बीएस जोधा ने अस्थि रोग विभाग को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी है।
