Doordrishti News Logo

तृतीय श्रेणी शिक्षिका का वेतन रोकने के आदेश पर रोक

  • राजस्थान हाईकोर्ट की बड़ी राहत
  • विभागीय अनुमति से बीएड कर रही शिक्षिका के पक्ष में अंतरिम आदेश -अधिवक्ता एसके मारू ने की प्रभावी पैरवी

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),तृतीय श्रेणी शिक्षिका का वेतन रोकने के आदेश पर रोक। राजस्थान हाईकोर्ट ने तृतीय श्रेणी शिक्षिका शालू बानो को राहत देते हुए शिक्षा विभाग की ओर से वेतन रोकने के आदेश पर स्थगन लगा दिया है। मामले में हाईकोर्ट के अधिवक्ता एसके मारू की प्रभावी पैरवी के बाद यह आदेश पारित हुआ।

प्राप्त जानकारी के अनुसार,याचिकाकर्ता शालू बानो जोधपुर जिले के मुर्कासनी में तृतीय श्रेणी शिक्षिका के पद पर नियुक्त हैं। नियुक्ति के समय उनके पास एसटीसी की योग्यता थी और इसी योग्यता के आधार पर उनका चयन हुआ था। नियुक्ति के बाद से वह विभाग में अपनी सेवाएं दे रही हैं।

नशे का प्रलोभन देने वालों पर रहेगी पैनी नजर

याचिकाकर्ता विभागीय अनुमति प्राप्त करने के बाद जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय से पत्राचार माध्यम से बीएड पाठ्यक्रम कर रही थीं। इसी दौरान शिक्षा विभाग ने बिना पूर्व नोटिस दिए उनका मासिक वेतन रोक दिया। विभाग की ओर से तर्क दिया गया कि बीएड की इंटर्नशिप ड्यूटी की श्रेणी में नहीं आती,इसलिए इस अवधि का वेतन देय नहीं है।

इस आदेश को चुनौती देते हुए याचिकाकर्ता की ओर से राजस्थान हाईकोर्ट में याचिका पेश की गई। मामले में अधिवक्ता एसके मारू ने पक्ष रखते हुए विभागीय आदेश पर रोक लगाने की मांग की। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग के वेतन रोकने संबंधी आदेश पर स्थगन लगा दिया,जिससे याचिकाकर्ता को अंतरिम राहत मिली है।

अधिवक्ता एसके मारू ने मामले में याचिकाकर्ता का पक्ष प्रभावी ढंग से रखा। हालांकि,यह अंतरिम आदेश है और प्रकरण का अंतिम निर्णय होना अभी शेष है।