दस थाना क्षेत्र में कर्फ्यू के बाद आधे शहर में पसरा सन्नाटा
- पुलिस की तरफ से भी किए जा रहे केस दर्ज
- कईयों को पुलिस ने उठाया
- जरूरत पड़ऩे पर अन्य थाना क्षेत्र में भी बढ़ सकता है कर्फ्यू
जोधपुर, शहर में भड़क़े सांप्रदायिक तनाव के बाद अब आधे से ज्यादा शहरी इलाकों में बंद की स्थिति बन गई है। कई जगहों पर पुलिस खुद पहुंच कर दुकानों को बंद करवाने में जुटी है। बाहरी इलाकों को तनाव से बचाने के लिए पुलिस ने प्रतिष्ठानों को बंद करवाने की जद्दोजहद आरंभ कर दी है। आधे से ज्यादा शहर में पुलिस छावनी दिख रही है। दस थानों क्षेत्रों में जिनमें जिला पूर्व के सदर बाजार, सदर कोतवाली, खांडाफलसा, नागौरी गेट एवं उदयमंदिर के साथ ही जिला पश्चिम में पांच थाना क्षेत्र प्रतापनगर, प्रतापनगर सदर, सूरसागर, सरदारपुरा एवं देवनगर से लगते इलाकों में सन्नाटा पसरने के साथ ही पुलिस इसके अलावा आने वाले अन्य थाना क्षेत्रों में बंद करवाने की जुगत करने लगी है। शास्त्रीनगर इलाकों में भी अपरान्ह में चाय की थडिय़ों और प्रतिष्ठानों को बंद करवाने की कवायद शुरू कर दी गई। शाम चार बजे तक सभी प्रतिष्ठान बंद हो गए।
धारा 144 लगाई गई
पुलिस ने अब ऐतिहातन तौर पर धारा 144 को लगा दिया है। जहां पर चार पांच व्यक्ति एक साथ इकठ्ठे नहीं हो सकते हैं। यह आदेश कमिश्नरेट एवं जिला प्रशासन की तरफ से जारी कर दिए गए हैं।
पुरा मोहल्ला में बच्ची को मारने का प्रयास
शहर के पूरा मोहल्ला,भजन की चौकी मोहल्ले में भी हालात कुछ ऐसे ही बने रहे। कुछ युवक लाठी-डंडा लेकर निकले थे। 7 साल की बच्ची अपने पापा की दुकान के बाहर खड़ी थी। इन युवकों की नजर बच्ची पर पड़ी। लाठी लेकर वो दौड़े। बच्ची कुछ समझ पाती, इससे पहले ही लाठी से हमला बोल दिया। पास के किराना व्यवसायी ने अपनी जान की परवाह नहीं की और उस बच्ची की ओर दौड़े। बच्ची पर किए गए लाठी का वार व्यवसायी ने अपने पर ले लिया। इसके बाद उपद्रवियों ने उस पर लाठी से कई वार किए। उसके पीठ और कमर पर गंभीर चोटें आई हैं।
जानकारी के अनुसार पूरा मोहल्ला, भजन की चौकी में एक व्यक्ति का मकान है। उन्हें नहीं पता था कि शहर के बाहर क्या चल रहा है। वो इससे बेफिक्र थे कि दंगे की आग उनके घर तक भी पहुंच जाएगी। 8 साल की बच्ची घर के बाहर खड़ी थी। स्थानीय लोगों को भनक लग चुकी थी कि कुछ लोग मोहल्ले की तरफ बढ़ रहे हैं। ऐसे में अचानक कुछ लोगों ने हमला कर दिया। पड़ोसी दुकानदार ने उसे बचाया।
उपद्रवियों को रोकने में रही नाकाम
जोधपुर में दो गुटों के बीच हुए विवाद के 12 घंटे बाद भी पुलिस उपद्रवियों को रोकने में नाकाम रही। शहर को जलाने में उपद्रवी एक बार फिर सफल रहे। प्लानिंग के साथ आए उपद्रवियों ने जमकर उत्पात मचाया। तेजाब से भरी बोतलें घरों पर फेंकी। दहशत फैलाने के लिए तलवारें लहराई। कबूतरों का चौक में युवक की पीठ पर चाकू से हमला कर दिया। युवक को महात्मा गांधी अस्पताल ले जाया गया। उसे इस दंगे में चाकू लगा इस बारे में फिलहाल पुलिस स्पष्ट नहीं कर पाई।
विवाद तंग गलियों तक पहुंचा
शहर के 14 से ज्यादा मोहल्लों में उपद्रवियों ने मंगलवार को जमकर उत्पात मचाया और पत्थरबाजी की। जालोरी गेट से शुरू हुआ विवाद शहर की तंग गलियों तक पहुंच गया। यहां पहले जालप मोहल्ला में विधायक के घर के बाहर दो बाइक को आग लगा दी गई।
शेखावत का मुख्यमंत्री पर जुबानी निशाना
हिंसा को लेकर बीजेपी ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर निशाना साधा है। केंद्रीय मंत्री जलशक्ति गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा जोधपुर जल रहा था और मुख्यमंत्री जन्मदिन के गुलदस्ते लेने में व्यस्त थे। समुदाय विशेष के लोगों ने घरों में घुसकर महिलाओं से बदतमीजी की, लोगों के घरों पर हमला किया। इसके बाद एक राय होकर चौक में धर्म विशेष के नारे लगाए। पुलिस कार्रवाई करने की जगह खड़ी होकर देखती रही। ऐसा लगता है कि पुलिस-प्रशासन किसी के दबाव में काम कर रहा है।
इनका कहना है
कर्फ्यू लगाने के बाद मामला फिलहाल कंट्रोल में है। पुलिस की तरफ से मामले दर्ज किए जा रहे हैं। काफी लोगों को डिटेन किया गया है। जरूरत पड़ने पर अन्य थाना क्षेत्रों में भी कर्फ्यू लगाया जा सकता है। कर्फ्यू में आवश्यक सेवाओं को इससे मुक्त रखा गया है। मेडिकल की दुकानें खुली रहेगी। दोनों पक्ष की तरफ से दी जाने वाली रिपोर्ट पर भी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले दर्ज किए जा रहे हैं।
-पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) वंदिता राणा।
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