जोधपुर, एक हाथ और एक पैर से वंचित जोधपुर की रहने वाली संगीता विश्नोई अब अपने सपनों को पूरा कर पाएंगी,एथलीट संगीता विश्नोई ने न केवल लंदन में जाकर अपने हुनर का लोहा मनवा दिया बल्कि अब एक बार फिर उसे चेन्नई में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेना है और ऐसे में आर्थिक हालातों से जूझ रही संगीता विश्नोई की मदद करने के लिए आगे आया है।

रिटायर्ड विंग कमांडर केके शाह, उनका परिवार और कुछ मित्र, जिन्होंने विमान से आने जाने की व्यवस्था के अलावा ड्रेसेज से लेकर अकाउंट तक मे केश डलवा दिया है।
जोधपुर के बुध नगर की रहने वाली संगीता विश्नोई,जिनके एक हाथ नहीं और एक पैर नहीं है, मगर सपने ऐसे की उन्हें पूरा करने में न घर की परिस्थितियां आड़े आई और ना ही दिव्यांगता।

चेन्नई में 24 मार्च से आयोजित होने वाली राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में शिरकत करने के लिए संगीता बिश्नोई ने खुद को तो मजबूत बना लिया मगर जब बाधा आई आने-जाने का खर्च उठाने की तब आगे आया जोधपुर का केके शाह का परिवार, जिन्होंने तमाम व्यवस्था अपने हाथ में ले ली।
संगीता विश्नोई के चेहरे पर खुशी और कामयाबी के लिए हौसला साफ नजर आ रहा है। दरअसल,संगीता बिश्नोई ने रिटायर्ड विंग कमांडर केके शाह की पुत्रवधू स्मिता शाह से जहां से संपर्क कर अपनी परेशानी और कामयाब होने के जुनून के बारे में जब बताया तो सभी ने मिलकर जो कोशिश की उसी का नतीजा है कि अब संगीता विश्नोई अपना परफॉर्मेंस चेन्नई में राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में दिखा पाएगी
बाईट-संगीता बिश्नोई,नेशनल एथलीट
बाईट-स्मिता शाह, मददगार
बाईट-के के शाह,मददगार
