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सरसों व चना की समर्थन मूल्य पर खरीद

  • जोधपुर संभाग में 20 मार्च से पंजीकरण
  • 01 अप्रैल से शुरू होगी खरीद

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),सरसों व चना की समर्थन मूल्य पर खरीद। सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)गौतम कुमार दक ने बताया कि भारत सरकार से स्वीकृति प्राप्त होने के बाद राजफेड द्वारा रबी- 2026 के अंतर्गत सरसों एवं चना की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी)पर खरीद शीघ्र प्रारम्भ की जाएगी। उन्होंने बताया कि जोधपुर संभाग में किसानों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया 20 मार्च से प्रारम्भ होगी तथा 01 अप्रैल से समर्थन मूल्य पर खरीद शुरू की जाएगी।

सरसों का एमएसपी 6200 रुपये तथा चना का 5875 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित
इस संबंध में सहकारिता विभाग जोधपुर के उप रजिस्ट्रार हेमेंद्र सिंह आशिया ने बताया कि भारत सरकार द्वारा सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य 6200 रुपये प्रति क्विंटल तथा चना का 5875 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया गया है।

उन्होंने बताया कि खरीद की निर्धारित सीमा जिलेवार ऑनलाइन उपलब्ध करवा दी गई है। जोधपुर क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत आने वाले जिलों में एनसीसीएफ (NCCF) के माध्यम से खरीद कार्य कराया जाएगा।

क्यूआर कोड अथवा ई-मित्र के माध्यम से होगा पंजीकरण
उन्होंने बताया कि सरसों एवं चना विक्रय के इच्छुक किसान स्वयं क्यूआर कोड स्कैन कर अथवा ई-मित्र केन्द्रों के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण करवा सकेंगे। समर्थन मूल्य पर खरीद किसानों की आधार आधारित बायोमेट्रिक पहचान के माध्यम से ही की जाएगी।

खरीद 60 दिवस की अवधि में पूर्ण करने के निर्देश
भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुसार एनसीसीएफ द्वारा समर्थन मूल्य पर खरीद 60 दिवस की अवधि में की जाएगी। सहकारिता राज्य मंत्री ने निर्देश दिए हैं कि खरीद केन्द्रों पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से सुनिश्चित की जाएं ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

एफएक्यू गुणवत्ता मानकों के अनुरूप ही होगी खरीद
उप रजिस्ट्रार आशिया ने बताया कि किसान पूर्व की भांति एफएक्यू गुणवत्ता मापदण्डों के अनुरूप अपनी फसल क्षेत्र के क्रय केन्द्रों अथवा ग्राम सेवा सहकारी समिति केन्द्रों पर विक्रय कर सकेंगे। किसानों की सुविधा के लिए राजफेड में कॉल सेंटर 18001806001 स्थापित किया गया है। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे अपनी फसल को साफ-सुथरा कर तथा छानकर ही क्रय केन्द्रों पर लाएं, ताकि गुणवत्ता मापदण्डों के अनुरूप जिंस का विक्रय सुनिश्चित हो सके।