जोधपुर, बेंगलुरु में आयोजित पैरास्विमिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर पूरे भारत में जोधपुर का नाम व मान बढ़ाने वाले दिव्यांग पिंटू गहलोत का आज जोधपुर पहुंचने पर जोधपुर रेलवे स्टेशन पर भव्य स्वागत किया गया।

पिंटू ने बेंगलुरु में आयोजित पैरा स्विमिंग चैंपियनशिप विकलाग में भाग लिया जिसमें पिंटू ने कांस्य पदक जीतकर तीसरे स्थान पर रहे। पिंटू को इस चैंपियनशिप में भाग लेने के लिए आर्थिक सहायता की जरूरत थी। पिंटू के दोनों हाथ दो अलग-अलग दुर्घटना में कट गए थे व पिंटू एक गरीब परिवार का लड़का है।

divyang pintu gehlot reached jodhpur after winning bronze medal in paraswimming championship jodhpur all over india .

पिंटू के पिता एक कमठा मजदूर हैं जिसके चलते उसकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं जिसकी समाज के लोगों, समाजसेवी संस्थाओं ने आर्थिक सहायता देकर इस चैंपियनशिप में भाग लेने के लिए भेजा। उनके भरोसे पर खरा उतरने की बात पिंटू गहलोत ने कही थी और आज राष्ट्रीय स्तर की चैंपियनशिप में पदक जीतकर जोधपुर पहुंचे इस पर सभी ने उनका भव्य स्वागत किया।

पिंटू ने इस जीत के बाद का लक्ष्य बताते हुए कहा कि वह एक बार भारत का नाम रोशन करना चाहता है और आगे का लक्ष्य यही है कि वह लगातार प्रयास कर एक बार दुनिया भर में भारत का नाम रोशन करे।