आधी रात को जेएनवीयू में एनएसयूआई का हंगामा
- प्रदर्शनी साइन बोर्ड को उखाड़ा -पोस्टर फाड़े
- केंद्रीय मंत्री शेखावत ने किया था उद्घाटन
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),आधी रात को जेएनवीयू में एनएसयूआई का हंगामा। जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने शनिवार रात को मुख्य द्वार पर लगे साइन बोर्ड,बैनर और पोस्टर फाड़ दिए। कार्यकर्ताओं के शनिवार रात करीब दो बजे गेट पर लगे साइन बोर्ड को गिरा दिया और तोडफ़ोड़ की। इसका वीडियो भी सामने आया है।
दरअसल विश्वविद्यालय में भारत की विश्व विरासत: राजस्थान प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। प्रदर्शनी का उद्घाटन शनिवार को केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने किया था। यह प्रदर्शनी विश्वविद्यालय के केंद्रीय कार्यालय के परिसर में लगाई गई है। इसका आयोजन राष्ट्रीय अभिलेखागार एवं संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से किया जा रहा है। प्रदर्शनी दस दिनों तक सुबह दस बजे से शाम पांच बजे तक आमजन के लिए खुली रहेगी। इसमें राजस्थान की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी सामग्री प्रदर्शित की जा रही है।
राजनीतिक प्रचार का लगाया आरोप
घटना को लेकर छात्र नेता एमएल चौधरी ने कहा कि मैंने और मेरे साथियों ने मिलकर जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय के हेड ऑफिस के मुख्य द्वार पर लगी नाम पट्टिका (साइन बोर्ड) पर चिपकाए गए सरकारी कार्यक्रम के प्रचारात्मक पोस्टरों को हटाया। विश्वविद्यालय एक शैक्षणिक एवं स्वायत्त संस्थान है। इसे किसी भी प्रकार के राजनीतिक या सरकारी प्रचार का माध्यम बनाना न केवल अनुचित है, बल्कि इससे विश्वविद्यालय की गरिमा और शैक्षणिक वातावरण भी प्रभावित होता है।
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उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय से देखा जा रहा है कि विश्वविद्यालय परिसर को धीरे-धीरे सरकारी कार्यक्रमों और राजनीतिक प्रचार का माध्यम बनाया जा रहा है,जो कि बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। जिस प्रकार से विश्वविद्यालय प्रशासन आरएसएस और भाजपा के इशारों पर कार्य करता हुआ दिखाई दे रहा है,वह निंदनीय है और छात्र हितों के साथ अन्याय है।
विवि की गरिमा के लिए उठाया कदम
एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष बबलू सोलंकी ने बताया कि एनएसयूआई का हमेशा से यह स्पष्ट मत रहा है कि विश्वविद्यालय परिसर केवल शिक्षा,शोध और छात्रों के उज्जवल भविष्य के लिए होना चाहिए,न कि किसी भी प्रकार के राजनीतिक या सरकारी प्रचार के लिए। इसी सोच के साथ आज हमने विश्वविद्यालय की गरिमा को बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया और मुख्य द्वार पर लगाए गए प्रचारात्मक पोस्टरों को हटाया।
