• दादी को सुपुर्द की बच्ची
  • कांस्टेबल सुरेंद्र सिंह ने निभाई ड्यूटी

जोधपुर, शहर के निकटवर्ती केरू स्थित नाडिया का बास की रहने वाली पांच साल की मासूम बच्ची दोपहर में मसूरिया मेघवाल बस्ती से लापता हो गई। वह दादी के साथ शादी समारोह में आई थी। दोपहर में निकली बच्ची पुलिस के हाथ लगी। पांच घंटे तक पुलिस परिजन को तलाश करती रही। आखिरकार बच्ची के परिजन का पता लगाकर उसे दादी के हाथ सुपुर्द किया गया। इसमें देवनगर थाने के कांस्टेबल सुरेंद्रसिंह ने अपनी ड्यूटी निभाते हुए मानवीयता का परिचय दिया। परिजन ने पुलिस को साधुवाद दिया। देवनगर थानाधिकारी सोमकरण ने बताया कि दरअसल केरू के नाडिया का बास की रहने वाली वृद्धा सीतादेवी मसूरिया स्थित मेघवाल बस्ती में रिश्तेदारी में एक शादी समारोह में बुधवार रात को आई थी। उसके साथ पांच साल की पौत्री साक्षी भी थी। गुरूवार की दोपहर में साक्षी खेलते- खेलते इधर उधर निकल गई। बाद में दादी का ध्यान गया कि बच्ची कहां चली गई। इस पर वह भी अन्य रिश्तेदारों के साथ ढूंढने लगी। इस बीच बच्ची घूमते हुए मसूरिया चौकी की तरफ चली गई। जहां निकट खड़ी रहकर वह रोती हुई कांस्टेबल सुरेंद्र 0सिंह को नजर आई। तब बच्ची को पूछने उसने अपने मां पिता का नाम तो बता दिया। मगर घर का पता बताने में नाकाम रही। इस बच्ची को लेकर फिर कांस्टेबल सुरेंद्र सिंह ने उच्चाधिकारियों तक सूचना पहुंचाई। फिर परिजन की तलाश करवाई की। शाम करीबन साढ़े छह बजे के आस पास बच्ची की दादी सीतादेवी भी पुलिस के पास पहुंच गई। फिर बच्ची को सकुशल सीतादेवी को सुपुर्द कर दिया गया।