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केंद्रीय जलशक्ति मंत्री ने फिर की राजस्थान के मुखिया की घेराबंदी

जयपुर, केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के बहाने राज्य के मुखिया अशोक गहलोत की घेराबंदी की। शेखावत ने कहा कि सचिन पायलट कह रहे हैं कि राजस्थान में कांग्रेस सरकार का आधा कार्यकाल खत्म, लेकिन हमारी मांगें अभी भी पेंडिंग हैं। राज्य में अगर सचिन पायलट की मांगें पेंडिंग हो सकती हैं तो जनता का क्या हाल होगा? कौन सुनेगा?

अपने ट्वीट में शेखावत ने कहा कि लोकतंत्र जनता से आता है, किसी एक परिवार से नहीं, इसलिए लोकतंत्र का सम्मान करो गहलोत जी, निलंबन रद्द करो। उन्होंने कहा कि राजस्थान में चाहे महिला सांसद हो, महिला महापौर हो या साधारण महिला, यहां कौन सुरक्षित है? गहलोत सरकार को राज्य की बेटियों से विशेष द्वेष है। महिला उत्पीड़न तो जैसे इनका विशेषाधिकार है। शेखावत ने कहा कि तानाशाह गहलोत सरकार के तानाशाही कारनामों का बीज कांग्रेस की अलोकतांत्रिक परिवारवाद सोच में है।

महिलाओं के प्रति अपराध रोज के समाचार का हिस्सा

राजस्थान में महिला सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए शेखावत ने कहा कि जयपुर में लॉकडाउन के दौरान 22 वर्षीय युवती से हुआ सामूहिक दुष्कर्म का मामला राजस्थान में इकलौता नहीं है। महिलाओं के प्रति अपराध तो अब रोज के समाचार का हिस्सा है। इससे देश भर में राज्य की छवि भी बिगड़ी है। उन्होंने कहा कि राजस्थानवासियों की सुरक्षा को राज्य सरकार को राजनीति से परे रख कर प्राथमिकता देनी चाहिए।

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उन्होंने कहा कि दिन-दहाड़े मर्डर और गैंगरेप की घटनाएं सच में चिंता का विषय है। ये राजस्थान सरकार की योग्यता पर सवाल है। किसी और प्रदेश में किसी भी घटना का राजनीतीकरण करना हो तो कांग्रेस अपनी टोली के साथ सड़कों पर सबसे पहले उतरती है, लेकिन राजस्थान में चाहे जीवनदायिनी टीके बर्बाद हों, चाहे जनता से लूट मार हो, चाहे बेटियों का बलात्कार हो, कांग्रेसी मौन व्रत धारण कर लेते हैं।

राज्य सरकार को केवल सत्ता में बने रहने की चिंता

उन्होंने कहा कि हमारे राज्य की सरकार को अपने विधायकों के बंगले की ज्यादा फिक्र है, सत्ता में बने रहने की चिंता है। वे लोग देश की सफलता में खामियां ढूंढते हैं और विरोध को हवा देते हैं। वे बेटियों, गरीबों, पीड़ितों के बारे में नहीं सोचते, इनका दुख उन्हें परेशान नहीं करता!