हॉट एक्सल बॉक्स डिटेक्टर से बढ़ी रेल सुरक्षा

  • जोधपुर मंडल में 13 स्थानों पर सिस्टम स्थापित
  • जोधपुर मंडल में स्मार्ट निगरानी से बढ़ी रेल सुरक्षा

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),हॉट एक्सल बॉक्स डिटेक्टर से बढ़ी रेल सुरक्षा।उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल में रेल सुरक्षा को और सुदृढ़ बनाने के लिए अत्याधुनिक ‘हॉट एक्सल बॉक्स डिटेक्टर’सिस्टम तेजी से स्थापित किए जा रहे हैं। मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि यह तकनीक ट्रेनों के एक्सल और बेयरिंग के तापमान की निगरानी कर संभावित हादसों को पहले ही पहचान लेती है।

उन्होंने बताया कि मंडल के विभिन्न महत्वपूर्ण रेलखंडों में अब तक 13 स्थानों पर यह डिटेक्टर लगाए जा चुके हैं। इनमें लाडनू-सुजानगढ़, मेड़ता रोड-डेगाना,जोधपुर-मेड़ता रोड,फलोदी-मारवाड़ बिठड़ी, ओसियां-भीकमकोर,उत्तरलाई-बाड़मेर,अजीत-समदड़ी,जोधपुर कैंट-राईका बाग,भगत की कोठी-जोधपुर (लूनी डाउन साइड),श्रीभादरिया लाठी-जेठा चांधन(जैसलमेर-फलोदी सेक्शन), मालवाड़ा-मारवाड़ रतनपुर (समदड़ी-भीलड़ी सेक्शन) और बीकानेर-मेड़ता रोड सेक्शन (मारवाड़ छापरी) प्रमुख हैं।

उन्होंने बताया कि इस आधुनिक तकनीक से न केवल रेल संचालन की सुरक्षा बढ़ी है,बल्कि मेंटेनेंस व्यवस्था भी अधिक प्रभावी हुई है। साथ ही ट्रेनों की समयपालन में भी सुधार देखने को मिल रहा है।

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तापमान अधिक होने पर देता है अलर्ट
डीआरएम ने बताया कि जब किसी एक्सल का तापमान तय सीमा से अधिक हो जाता है,तो एचएबीडी सिस्टम तुरंत अलर्ट जारी करता है। इससे समय रहते कार्रवाई कर बेयरिंग फेल होने या ट्रेन के पटरी से उतरने जैसी घटनाओं को रोका जा सकता है।

हॉट एक्सल की स्थिति पर अगले स्टेशन पर रोकी जाती है ट्रेन
डीआरएम के अनुसार यह सिस्टम क्लाउड आधारित रियल-टाइम अलर्ट पर काम करता है। जैसे ही किसी कोच या वैगन में हॉट एक्सल की स्थिति बनती है,इसकी सूचना तुरंत कंट्रोल ऑफिस तक पहुंच जाती है। इसके बाद संबंधित ट्रेन को अगले स्टेशन या उपयुक्त स्थान पर रोककर तकनीकी जांच की जाती है।

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