IIT जोधपुर और राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के बीच ऐतिहासिक समझौता

  • जलवायु-सहिष्णु राजस्थान की दिशा में एक सशक्त कदम
  • ₹150 करोड़ का जलवायु परिवर्तन उत्कृष्टता केंद्र उन्नत अनुसंधान डेटा-आधारित नीति ढांचे और क्षेत्र-विशिष्ट सतत अनुकूलन रणनीतियों को देगा गति

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),IIT जोधपुर और राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के बीच ऐतिहासिक समझौता।जलवायु-सहिष्णुता और सतत पर्यावरणीय शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान जोधपुर (IIT जोधपुर) और राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (RSPCB) ने ₹150 करोड़ के एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं,जिसके अंतर्गत IIT जोधपुर में जलवायु परिवर्तन उत्कृष्टता केंद्र (Centre of Excellence for Climate Change-CoE-CC) की स्थापना की जाएगी।

राजस्थान राज्य बजट 2025-26 के अंतर्गत परिकल्पित यह रणनीतिक पहल अकादमिक अनुसंधान और व्यावहारिक सार्वजनिक नीतियों के बीच की खाई को पाटने का लक्ष्य रखती है, जिससे राजस्थान विज्ञान-आधारित जलवायु अनुकूलन और पर्यावरण प्रबंधन में अग्रणी राज्य के रूप में उभरेगा।यह उत्कृष्टता केंद्र जलवायु बुद्धिमत्ता (Climate Intelligence) के एक केंद्रीय नोड के रूप में कार्य करेगा और राज्य को साक्ष्य-आधारित निर्णय-निर्माण तथा दीर्घकालिक सहिष्णुता योजना में सहयोग प्रदान करेगा।

यह केंद्र उच्च-प्रभाव और अनुप्रयोग-उन्मुख अनुसंधान पर केंद्रित होगा,जिसके प्रमुख फोकस क्षेत्र इस प्रकार हैं।
• उन्नत जलवायु एवं प्रदूषण मॉडलिंग: 25 किमी × 25 किमी के सूक्ष्म स्तर पर उच्च-रिज़ॉल्यूशन जलवायु और वायु प्रदूषक मानचित्रों का विकास।

• पूर्व चेतावनी प्रणालियाँ: लू,बाढ़ और सूखे जैसी चरम जलवायु घटनाओं के लिए रीयल-टाइम पूर्वानुमान एवं चेतावनी तंत्र।

• एकीकृत जलवायु डेटा हब: ऐतिहासिक और रीयल-टाइम जलवायु एवं पर्यावरणीय आंकड़ों के लिए एक केंद्रीकृत रिपॉजिटरी का निर्माण।

• क्षेत्र-विशिष्ट जलवायु सहिष्णुता: जल संसाधन,कृषि,सार्वजनिक स्वास्थ्य और शहरी शासन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए लक्षित अनुकूलन रणनीतियाँ।

अनुसंधान के साथ-साथ,यह सहयोग क्षमता निर्माण,प्रशिक्षण कार्यक्रमों,तकनीकी अध्ययनों, विशेषज्ञ परामर्श और ज्ञान आदान- प्रदान को भी सुदृढ़ करेगा। इसके अंतर्गत प्रदूषण निगरानी,जलवायु आकलन और नियामक सहयोग के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता,डेटा विज्ञान, सेंसर और उन्नत विश्लेषण का व्यापक उपयोग किया जाएगा।

इस अवसर पर प्रो.अविनाश कुमार अग्रवाल,निदेशक, IIT जोधपुर ने कहा कि जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय क्षरण हमारे समय की सबसे गंभीर चुनौतियों में से हैं। इनका समाधान ऐसे उपायों से ही संभव है जो विज्ञान पर आधारित हों,डेटा से संचालित हों और समाज की आवश्यकताओं के अनुरूप हों। राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के साथ साझेदारी में स्थापित यह उत्कृष्टता केंद्र,जलवायु सहिष्णुता और पर्यावरणीय शासन के लिए नीति-प्रासंगिक,विस्तार योग्य और प्रभावी समाधानों में IIT जोधपुर की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय महत्व के एक संस्थान के रूप में,IIT जोधपुर इस सहयोग को अनुसंधान और वास्तविक-दुनिया के क्रियान्वयन के बीच सेतु बनाने के अवसर के रूप में देखता है। इस केंद्र के परिणाम न केवल नियामक ढांचे को सशक्त करेंगे,बल्कि आजीविकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए राजस्थान के लिए एक सतत और जलवायु-सहिष्णु अर्थव्यवस्था के निर्माण में भी योगदान देंगे।
यह सहयोग RSPCB के अधिकारियों की तकनीकी और संस्थागत क्षमताओं को संरचित प्रशिक्षण और व्यावहारिक सहभागिता के माध्यम से सुदृढ़ करेगा, वहीं IIT जोधपुर के संकाय सदस्यों और विद्यार्थियों को वास्तविक पर्यावरणीय एवं जलवायु शासन की चुनौतियों से जुड़ने का सार्थक अवसर प्रदान करेगा।

आईआईटी व एसएलआईईटी के मध्य एमओयू

इस समझौता ज्ञापन पर कपिल चंद्रावल,सदस्य सचिव,राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा प्रो. दीपक स्वामी,IIT जोधपुर की ओर से हस्ताक्षर किए गए,जिससे राजस्थान में सतत विकास और जलवायु सहिष्णुता के लिए एक दीर्घकालिक,मिशन-उन्मुख साझेदारी की शुरुआत हुई।
यह ऐतिहासिक सहयोग विज्ञान आधारित नीति-निर्माण,पर्यावरण संरक्षण और जलवायु अनुकूलन को आगे बढ़ाने के लिए IIT जोधपुर और RSPCB की साझा प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है तथा जटिल और सतत विकसित हो रही पारिस्थितिक चुनौतियों से निपटने में अकादमिक-सरकारी सहयोग की निर्णायक भूमिका को पुनः स्थापित करता है।