बिना मुआवजा खेतों से बिजली लाइन निकालने पर हाईकोर्ट की रोक
- राजस्थान हाईकोर्ट
- किसानों को राहत
- राज्य सरकार व बिजली कंपनियों को नोटिस जारी
- जवाब मांगा
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),बिना मुआवजा खेतों से बिजली लाइन निकालने पर हाईकोर्ट की रोक।
राजस्थान हाईकोर्ट ने फलोदी जिले के किसानों को राहत देते हुए उनके खेतों और मकानों के ऊपर से बिजली लाइन खींचने की कार्रवाई पर यथा स्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है। जस्टिस सुदेश बंसल की एकल पीठ ने राज्य सरकार,स्थानीय प्रशासन और निजी ऊर्जा कंपनियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
मामला लोहावट तहसील के ग्राम इंदों की ढाणी द्वितीय (पटवार हल्का भीकमकोर) निवासी हरि सिंह,खमा कंवर और सुआ कंवर की रिट याचिका से जुड़ा है। इस मामले में राजस्व विभाग के सचिव, फलोदी जिला कलेक्टर,लोहावट के उपखंड अधिकारी और तहसीलदार को प्रतिवादी बनाया गया है। इनके अलावा दो निजी कंपनियों क्लीन मैक्स 70 मेगावाट हाइब्रिड रिन्यूएबल एनर्जी पार्क,भीकम कोर के साइट मैनेजर अमित मिश्रा और बीकानेर में प्लॉट नंबर 14, देवभूमि विनिमय प्राइवेट लिमिटेड, करमीसर रोड स्थित सीएमईएस पावर 2 प्राइवेट लिमिटेड के साइट मैनेजर कुलदीप सुरपुरा को भी नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
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बिना मुआवजे खींची जा रही लाइन
याचिकाकर्ताओं की ओर से वकील ने तर्क दिया कि संबंधित निजी कंपनियों द्वारा याचिकाकर्ताओं के कृषि खेतों और रिहायशी घरों के ठीक ऊपर से लटकती हुई बिजली की लाइन खींची जा रही है। वकील ने स्पष्ट किया कि खसरा नंबर 1175/1137 में की जा रही इस पूरी कवायद में किसानों को कोई मुआवजा नहीं दिया जा रहा है, जो कि उनके अधिकारों का सीधा हनन है।
कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं के वकील के तर्कों को सुनने के बाद रिट याचिका और स्टे एप्लीकेशन पर सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी किए हैं। इसके साथ ही कोर्ट ने अंतरिम आदेश पारित करते हुए स्पष्ट निर्देश दिया है कि खसरा नंबर 1175/ 1137 पर बिजली लाइन खींचने के संबंध में मौके पर जो स्थिति आज है, उसे अगले आदेश तक यथावत बनाए रखा जाए।
