रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राष्ट्र को समर्पित किए 125 बुनियादी ढांचा परियोजनाएँ

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राष्ट्र को समर्पित किए 125 बुनियादी ढांचा परियोजनाएँ।रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को 4,796 करोड़ रुपये मूल्य की 125 रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण अवसंरचना परियोजनाओं का उद्घाटन कर उन्हें राष्ट्र को समर्पित किया। इनमें परियोजना चेतक के अंतर्गत राजस्थान की दो परियोजनाएँ भी शामिल हैं।

सीमा सड़क संगठन (BRO) द्वारा निष्पादित इन परियोजनाओं में 28 सड़कें,93 पुल तथा 04 विविध कार्य शामिल हैं,जो जम्मू-कश्मीर, लद्दाख,अरुणाचल प्रदेश,हिमाचल प्रदेश,उत्तराखंड,पश्चिम बंगाल, सिक्किम,मिज़ोरम,राजस्थान और गुजरात के दुर्गम भूभागों में निर्मित किए गए हैं। “चेतक का प्रयास,देश का विकास” के अपने मूलमंत्र पर चलते हुए परियोजना चेतक ने राजस्थान के मरुस्थलीय भूभाग की चुनौतियों को पार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अंतर-राज्यीय संपर्क को सुदृढ़ करते हुए क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास में अत्यंत योगदान दिया है।

राजस्थान की प्रमुख परियोजनाओं में पिठेवाला मोड़ (PTM)-AD टोबा लुंडेट सड़क शामिल है,जिसे राष्ट्रीय राजमार्ग सिंगल लेन (3.75 मीटर कैरिजवे) विनिर्देशों के अनुरूप उन्नत किया गया है। इसका उद्घाटन 07 दिसंबर 2025 को प्रधान, श्रीमोहनगढ़ और स्थानीय सरपंच की उपस्थिति में किया गया। एक महत्वपूर्ण अंतर्राज्यीय मार्ग, भाकासर मवसारी सड़क,जिसे राष्ट्रीय राजमार्ग डबल लेन विनिर्देशों के अनुरूप उन्नत किया गया है और जो राजस्थान एवं गुजरात को जोड़ती है का भी उद्घाटन गुजरात के राज्य मंत्री (खादी,ग्राम एवं ग्रामीण उद्योग) स्वरूप ठाकोर एवं 45 BRTF के कमांडर कर्नल जीएस बाजवा की उपस्थिति में किया गया।

इन दोनों सड़कों ने सरकार की उस प्रतिबद्धता को मजबूत किया है जिसका उद्देश्य राष्ट्र के आंतरिक एवं सीमा क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त करना है।पिठेवाला-मोड़ (PTM)-AD टोबा-लुंडेट सड़क (114.45 किमी) राजस्थान के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में स्थित है और अंतरराष्ट्रीय सीमा के समानांतर चलती है। इस सड़क के निर्माण ने सीमा सड़क नेटवर्क को मजबूत किया है तथा यह सशस्त्र बलों और इंदिरा गांधी नहर परियोजना (IGNP) दोनों के लिए अत्यधिक महत्त्वपूर्ण है।

बकासर- मवसारी सड़क (32.49 किमी) बकासर गाँव (जिला बाड़मेर, राजस्थान)को मवसारी गाँव (जिला बनासकांठा,गुजरात) से जोड़ती है। अंतरराष्ट्रीय सीमा की निकटता के कारण यह सड़क सैन्य अभियानों के लिए अत्यंत रणनीतिक महत्त्व रखती है। इसके अतिरिक्त,यह लूणी बेसिन के विस्तृत दलदली क्षेत्र से होकर गुजरती है,जिससे दैनिक यात्रियों को अत्यधिक सुविधा मिली है। बकासर से मवसारी के बीच यात्रा समय 2 घंटे 30 मिनट से घटकर मात्र 20 मिनट रह गया है। यह सड़क दोनों राज्यों के बीच व्यापार में वृद्धि करते हुए पूरे क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करेगी।

इन परियोजनाओं के सफलता पूर्वक पूर्ण होने के साथ,BRO राष्ट्रीय विकास एवं रक्षा तैयारियों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः दृढ़ करता है। रक्षामंत्री ने BRO के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की और सरकार के इस संकल्प को दोहराया कि अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी सीमा अवसंरचना को और सुदृढ़ किया जाएगा,जिससे संपर्क और रणनीतिक बढ़त सुनिश्चित हो सके।