कलक्टर ने किया एमडीएमएच का व्यापक निरीक्षण

  • मथुरादास माथुर अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार पर जोर
  • स्वास्थ्य सेवाओं,अधोसंरचना और वित्तीय प्रबंधन की समग्र समीक्षा कर दिए निर्देश

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),कलक्टर ने किया एमडीएमएच का व्यापक निरीक्षण। जिला कलक्टर आलोक रंजन ने मंगलवार को मथुरादास माथुर अस्पताल (एमडीएमएच) का निरीक्षण कर अस्पताल प्रशासन व संबंधित विभागों केअधिकारियों के साथ विस्तृत बैठक की। इस दौरान उन्होंने अस्पताल का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा आधारभूत संरचना,चिकित्सा सुविधाओं,वित्तीय प्रबंधन एवं प्रशासनिक कार्यप्रणाली की समग्र समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।

सिविल एवं विद्युत कार्यों की समीक्षा
जिला कलक्टर रंजन ने राजस्थान राज्य सड़क विकास निगम (RSRDC) तथा सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) के सिविल एवं विद्युत अधिकारियों के साथ अस्पताल में संचालित कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने ऑपरेशन थियेटर (OT) ब्लॉक, कॉटेज वार्ड एवं इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरोसाइंसेज से संबंधित परियोजनाओं की जानकारी लेते हुए कार्यों की गुणवत्ता एवं डिजाइन के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया,ताकि रोगी एवं पर्यावरण अनुकूल अधोसंरचना सुनिश्चित की जा सके।

चिकित्सा सुविधाओं का अवलोकन
उन्होंने अस्पताल की ओपीडी एवं आईपीडी व्यवस्थाओं का अवलोकन करते हुए ट्रॉमा सेंटर एवं ओपीडी ब्लॉक का निरीक्षण किया। साथ ही इंटीग्रेटेड हॉस्पिटल मैनेजमेंट सिस्टम (IHMS) के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा कर रोगी सेवाओं में सुधार के लिए सूचना प्रौद्योगिकी के अधिकतम उपयोग के निर्देश दिए।

वित्तीय स्थिति पर चर्चा
बैठक में एमडीएम अस्पताल की मेडिकेयर रिलीफ सोसायटी की वित्तीय स्थिति की समीक्षा करते हुए जिला कलक्टर ने आय के स्रोतों एवं व्यय की प्रवृत्तियों की जानकारी ली। उन्होंने अनावश्यक व्यय में कमी लाने पर बल देते हुए मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य (MAA) योजना के प्रभावी उपयोग को आय के एक सशक्त माध्यम के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए तथा आय-व्यय प्रबंधन को संतुलित एवं सुदृढ़ बनाने के लिए सुझाव प्रदान किए।

रोगी सेवाएं एवं विशेष विषयों पर चर्चा
जिला कलक्टर ने राज्य के बाहर से आने वाले मरीजों के उपचार संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इस पर अस्पताल प्रशासन ने बताया कि बाहरी राज्यों के मरीजों का उपचार निर्धारित शुल्क के आधार पर किया जाता है। बैठक में एमडीएम अस्पताल पर डेंटल कॉलेज एवं क्षेत्रीय कैंसर केंद्र (RCI) के अतिरिक्त वित्तीय भार का विषय भी उठाया गया, जिस पर इन संस्थानों के लिए पृथक बजट प्रावधान की आवश्यकता बताई गई।

प्रशासनिक स्तर पर पारदर्शिता एवं वित्तीय अनुशासन हो सुनिश्चित
रंजन ने अस्पताल में दैनिक कार्यों में सूचना प्रौद्योगिकी के शत- प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसमें बायोमेट्रिक उपस्थिति एवं राज-काज पोर्टल के प्रभावी उपयोग पर विशेष जोर दिया गया। उन्होंने गैर-आवश्यक दवाओं की खरीद एवं व्यय की समीक्षा करते हुए पारदर्शिता एवं वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के निर्देश भी दिए।

रोगियों से लिया फीडबैक, मीडिया से संवाद
निरीक्षण के दौरान जिला कलक्टर ने अस्पताल में भर्ती मरीजों एवं उनके परिजनों से संवाद कर व्यवस्थाओं एवं उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में फीडबैक प्राप्त किया। उन्होंने मीडिया प्रतिनिधियों से भी वार्ता कर निरीक्षण के प्रमुख बिंदुओं की जानकारी साझा की।

निरीक्षण के माध्यम से जिला कलक्टर ने अस्पताल की अधोसंरचना,चिकित्सा सेवाओं, वित्तीय प्रबंधन एवं प्रशासनिक दक्षता के विभिन्न पहलुओं की समग्र समीक्षा करते हुए आवश्यक निर्देश प्रदान किए। उन्होंने गुणवत्ता पूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं,सतत विकास एवं तकनीक के प्रभावी उपयोग के माध्यम से अस्पताल व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ करने पर बल दिया।

बैठक एवं निरीक्षण के दौरान डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ.बीएस जोधा, एमडीएम अधीक्षक डॉ.विकास राजपुरोहित,उपखण्ड अधिकारी (दक्षिण) पंकज कुमार जैन सहित जेडीए,पीडब्ल्यूडी,आरएसआरडीसी,नगर निगम एवं चिकित्सालय के संबंधित अधिकारी एवं कार्मिक उपस्थित थे।