Arora society's national level digital discussion held

जोधपुर,श्रीदरियाव युवा समिति जोधपुर द्वारा अरोड़ा समाज की डिजिटल परिचर्चा आयोजित की गई। इस परिचर्चा का विषय “वर्तमान समय मे विवाह योग्य युवक युवती के परिचय सम्मेलन की आवश्यकता, चुनौतियां और समाधान” रखा गया। समाज मे परिचय सम्मेलन जैसे कार्यक्रमो की महत्वता को दर्शाना इसका मुख्य उद्देश्य था।

परिचर्चा में जोधपुर से अखिल भारतीय राजस्थानी अरोड़ा खत्री सर्वोच्च समिति जोधपुर के संरक्षक ज्योति प्रकाश जी छाबड़ा,उदयपुर से सामूहिक विवाह समिति के संयोजक भरत लाल छाबड़ा, अजमेर से मारवाड़ी अरोड़ा खत्री पंचायत महामंत्री एवं शिक्षा समिति सदस्य डॉ सुरेंद्र जी पोपा, जावरा मध्यप्रदेश से अरोड़ा खत्री पंचायत के अध्यक्ष बालयोगी विष्णु साजिया सहित राष्ट्रीय स्तर पर अरोड़ा समाज के लगभग 275 लोगों को अपने घरों से ऑनलाइन जोड़ा गया।

वक्ताओं ने समाज मे शिक्षा के बढ़ते स्तर पर संतोष व्यक्त करते हुए युवाओं को अपनी इच्छा के अनुरूप जीवन साथी चुनने की प्रक्रिया में डिजिटल युग को देखते हुए ऑनलाइन परिचय सम्मेलन की, स्वजातीय विवाह को प्रोत्साहित करने के लिए परिचय सम्मेलन की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

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दरियाव युवा समिति के संयोजक अभिषेक अरोड़ा ने बताया कि परिचर्चा में अनेक विषयो पर विचार-विमर्श किया गया। जिसमें अनेक समस्याओं के सुझाव भी प्राप्त हुए। परिचर्चा का संचालन डॉ. गौतम अरोड़ा द्वारा किया गया जो बहुत ही सराहनीय था। समाज के समस्त बंधुओ ने उनके संचालन की तारीफ भी की।

जावरा मप्र से कार्यक्रम में शामिल हुए बालयोगी विष्णु साजिया ने कहा कि ऑनलाइन परिचय सम्मेलन आयोजित करने से ज्यादा देश-विदेश के युवा आसानी से इस मुहिम से जुड़ सकेंगे। उन्होंने अरोड़ा खत्री समाज को एक प्रगतिशील समाज बताते हुए कहा कि समयानुसार नई-नई तकनीकों को स्वीकार करना और जरूरत के अनुसार अपने को बदलना एक प्रगतिशील समाज की निशानी है।

उदयपुर से भरत ने भविष्य में सामूहिक विवाह की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया और परिचय सम्मेलन एवं सामूहिक विवाह के जुड़ाव को अपने आप में कार्यशैली बताया और कहा कि आज के समय मे धन की महत्वता को देखते हुए सामूहिक विवाह का आयोजन अपने आप मे एक बहुत बड़ा सामाजिक एवं महत्वपूर्ण आयोजन होगा। उन्होंने अब तक समाज द्वारा इस संदर्भ में किये गए समस्त कार्यो का ब्यौरा भी दिया। समिति को उसी प्रारूप पर काम करने के लिए मार्गदर्शन दिया।

अजमेर से डॉ सुरेंद्र ने इस कोरोना काल मे तकनीक के माध्यम से परिचय सम्मेलन आयोजित करने को एक बहुत ही सराहनीय प्रयास बताया। समिति को इस कार्यक्रम को एक अच्छे प्रारूप के साथ करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने बताया की क्षेत्रीय कमिटी बनाकर ज्यादा से ज्यादा परिचय प्रपत्र एकत्रित कर उन्हें प्रेषित करना चाहिए जिससे कोई बाकी न रह न जाये और किसी प्रकार की समस्या ना हो। उन्होंने लाइव के माध्यम से जुड़े युवक युवती एवं उनके अभिभावकों से निवेदन भी किया कि इस तरह के कार्यक्रमो का वे हिस्सा बने और ज्यादा से ज्यादा संख्या में मंच पर आकर परिचय देवे।

जोधपुर से ज्योति प्रकाश छाबड़ा ने हर वर्ष प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजन के साथ परिचय सम्मेलन करने का सुझाव दिया ताकि प्रतिभावान युवाओं को प्रोत्साहित किया जा सके और सामाजिक मेल मिलाप भी बढ़ सके। उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से प्रतिभावान युवाओं का सामाजिक आयोजनों की तरफ रुझान बढ़ेगा और उन्हें इन आयोजनों में एक दूसरे से मिलने जुलने का अवसर भी मिलेगा ।

कोरोना महामारी व डिजिटल युग को देखते हुए समिति ने बताया कि वे ऑनलाइन परिचय सम्मेलन की दिशा में काम कर रही है, ताकि देश-विदेश में रह रहे युवक-युवतियों को एक दूसरे को जानने-समझने और सही जीवन साथी का चुनाव करने में आसानी रहे।

इसी सन्दर्भ संगठन के तकनीकी संयोजक जयेश अरोड़ा ने बताया कि संगठन ने डिजिटल परिचय सम्मेलन के संदर्भ में 23 अप्रैल को ऑनलाइन फॉर्म जारी कर दिए थे और अब तक लगभग 200 से अधिक फॉर्म जमा भी हो चुके हैं, और उसी का आगे का कार्य प्रगति पर है। उन्होंने ये भी बताया कि समाज द्वारा एक वेबसाइट का निर्माण भी किया गया है, जिस पर युवक-युवती के बायोडाटा का संग्रहण-प्रसारण भी किया जा कसकेगा।

इसी के सहयोग में वक्ताओं ने समाज में शिक्षा के बढ़ते स्तर पर संतोष व्यक्त करते हुए युवाओ को अपनी इच्छा के अनुरूप जीवन साथी चुनने की प्रक्रिया में स्वजातीय विवाह को प्रोत्साहित करने के लिए परिचय सम्मेलन की आवश्यकता पर जोर
दिया। समाज बंधुओ द्वारा कार्यक्रम की बहुत ही सरहाना की गई और सभी ने निवेदन किया कि इस तरह के कार्यक्रमो का निरंतर आयोजन होता रहना चाहिए।