एमबीएम विश्वविद्यालय में वार्षिक उत्सव तरंग-2026 का शुभारंभ
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),एमबीएम विश्वविद्यालय में वार्षिक उत्सव तरंग-2026 का शुभारंभ। शहर के एमबीएम विश्वविद्यालय में वार्षिक उत्सव तरंग सुबह 11 बजे माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ शुरू हुआ। कार्यक्रम के सह-संयोजक प्रो.पीयूष चौधरी ने आयोजन समिति की ओर से सभी अतिथियों,आचार्यों एवं विद्यार्थियों का स्वागत किया।
विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो.अजय कुमार शर्मा ने विद्यार्थियों से कहा कि विद्यार्थी जीवन केवल पढ़ाई, असाइनमेंट और परीक्षाओं तक सीमित नहीं होता,बल्कि यह रचनात्मकता,प्रतिभा और व्यक्तित्व विकास का भी महत्वपूर्ण समय होता है। उन्होंने मिडटर्म परीक्षाओं के निकट होने के कारण विद्यार्थियों पर बढ़ने वाले शैक्षणिक दबाव का उल्लेख करते हुए सभी को तरंग 2026 महोत्सव में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया।
उन्होंने बताया कि ऐसे सांस्कृतिक और तकनीकी आयोजन मानसिक तनाव कम करने और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करने में सहायक होते हैं। एमबीएम विश्वविद्यालय विद्यार्थियों के समग्र विकास में विश्वास रखता है,जहाँ शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ आत्मविश्वास, टीम भावना,नेतृत्व क्षमता एवं आत्म-अभिव्यक्ति को समान महत्व दिया जाता है।
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डॉ.जयश्री वाजपेयी,डीन,फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड आर्किटेक्चर ने विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह समारोह छात्रों के लिए पिछले सेमेस्टर की मेहनत के बाद रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेकर तरोताजा होने और अपनी क्षमताएँ निखारने का अवसर है। डॉ. वजपाई ने ‘अवलोकन’ और ‘तैयारी’ पर जोर देते हुए विद्यार्थियों को प्रेरित किया और विश्वास जताया कि उनका अनुभव, पुरस्कार और प्रमाणपत्र भविष्य और प्लेसमेंट में सहायक होंगे। कार्यक्रम के दौरान डीन,स्टूडेंट वेलफेयर ने कहा कि इस महोत्सव की शुरुआत करना उनके लिए अत्यंत प्रसन्नता की बात है और एक छात्र के सर्वांगीण विकास के लिए पढ़ाई के साथ-साथ इस प्रकार की गतिविधियाँ भी आवश्यक हैं।
डीन कला,शिक्षा,विज्ञान,सामाजिक विज्ञान,वाणिज्य एवं प्रबंधन संकाय (FAESSSCM)प्रो. एसके सिंह ने ‘तरंग’ नाम की सराहना करते हुए बताया कि जहाँ सामान्य भाषा में इसका अर्थ मोज़- मस्ती या लहर होता है,विज्ञान की भाषा में यह ऊर्जा के संचार का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव विद्यार्थियों के भीतर मौजूद नकारात्मक ऊर्जा को सकारात्मक ऊर्जा में परिवर्तित करेगा और उन्हें स्थानीय स्तर से राष्ट्रीय स्तर तक अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करेगा। अंत में,कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. कैलाश चौधरी द्वारा किया गया।
विश्वविद्यालय के जन सम्पर्क अधिकारी आर्किटेक्ट कमलेश कुम्हार ने बताया कि इस अवसर पर विद्यार्थियों के लिए कविता लेखन,चित्रकला और कार्टूनिंग जैसी गतिविधियाँ आयोजित की गईं। संचालन और निर्णय राजकुमार चौहान ने किया। उन्होंने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। राजकुमार चौहान ने कहा कि इंजीनियरिंग के छात्र देश की प्रतिभा हैं, उन्हें अपनी पढ़ाई के साथ-साथ अन्य सह-शैक्षणिक गतिविधियों में भी भाग लेना चाहिए। ऐसी गतिविधियों से सर्वांगीण विकास होता है।
