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स्पेशल एबल्ड लोगों को सशक्त करने के लिए समाज आए साथ-शेखावत

100 दिव्यांगजनों को बांटे निःशुल्क उपकरण

जोधपुर,केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि स्पेशल एबल्ड लोगों को सशक्त करने के लिए समाज को साथ आने की आवश्यकता है। शनिवार को शेखावत ने वॉइस ऑफ स्पेशल एबल्ड पीपल संस्था की ओर से लघु उद्योग भारती भवन में 100 दिव्यांगजनों को निःशुल्क ऑटोमेटिक सिलाई मशीनें,व्हील चेयर आदि उपकरणों का वितरण कर उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम की प्रेरणा से आयोजित इस समारोह में उपकरण वितरित कर उत्साह और सुकून की अनुभूति हुई।

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केंद्रीय मंत्री ने कहा कि दुनिया भर में 50 करोड़ से ज्यादा लोग किसी न किसी कारण से दिव्यांग हैं। भारत में ऐसा माना जाता है कि 2.68 करोड़ स्पेशल एबल्ड लोग हैं। कुछ साल पहले की बात करूं तो भारत में रूढ़ीवादी सोच थी कि पूर्व जन्म में कोई पाप या ऐसा कर्म किया होगा, उसके चलते इस जन्म में ऐसा हुआ होगा। हालांकि अब यह सोच धीरे-धीरे बदलने लगी है।उन्होंने कहा कि हम सभी ने अनुभव किया होगा। ऐसे बहुत सारे लोग जो दृष्टिबाधित हैं। ईश्वर ने उनको विशेष क्षमता दी है।

दृष्टिबाधित होने के बावजूद उनका सामान्य आदमी से ज्यादा कौशल और क्षमता होती है। अपने बचपन का एक संस्मरण साझा करते हुए उन्होंने कहा कि उनके गांव में एक सज्जन जन्म से दृष्टिबाधित थे। उन्होंने 17-18 साल की उम्र में गांव में जो कोई भी पढ़े- लिखे लोग थे,उनके साथ रामचरित्र मानस का अध्ययन करना शुरू किया। 25-26 साल की उम्र तक आते-आते उन्हें रामचरित्रमानस कंठस्थ हो गई। जब गांव में रामचरित्रमानस का पाठ होता और कोई छोटी सी त्रुटि भी कर देता तो वो बता देते थे कि इस नंबर पेज पर,इस लाइन में यह शब्द लिखा हुआ है, तुमने शब्द को गलत पढ़ा है, या छोड़ दिया,वापस पढ़ो।

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केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश में विकलांग शब्द का प्रयोग होता था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसकी परिभाषा को बदला और दिव्यांग शब्द को प्रयोग में लिया जाने लगा। शेखावत ने स्टीवन हॉकिंस का जिक्र किया,जिन्होंने मात्र दो उंगलियों के सहारे भौतिक विज्ञान में उल्लेखनीय कार्य किए। अपने राजस्थान के देवेंद्र झाझड़िया ने दिव्यांग होते हुए भी दो बार पैरा ओलंपिक में गोल्ड मेडल हासिल किया।

उन्होंने कहा कि ऐसे सभी लोगों के लिए हम क्या कर सकते हैं,उनकी आवश्यकताओं को पहचान कर सूचीबद्ध किया जाए। भारत सरकार की योजनाओं के माध्यम से उन्हें सशक्त किया जा सकता है। वॉइस ऑफ स्पेशल एबल्ड पीपल संस्था के प्लेटफार्म पर कैंप ऑर्गेनाइज कर सकते हैं। इसे पूरे राजस्थान तक ले जा सकते हैं। जनसहयोग से भी इनके जीवन में परिवर्तन लाया जा सकता है।

कार्यक्रम में वैज्ञानिक प्रो.ओपीएन कल्ला,जोधपुर दक्षिण की महापौर वनिता सेठ,संस्था के लक्ष्मण सिंह निबाड़ा,पूर्व विधायक जोगाराम पटेल सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद थे।

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