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उम्मीद कार्ड के लिए पंद्रह दिन में 800 पंजीयन

रेलवे अस्पताल हुआ ऑनलाइन

जोधपुर,उत्तर-पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल पर चिकित्सा सेवाएं ऑनलाइन हो गई हैं। अब रेलवे में चिकित्सकीय परामर्श से लेकर औषधि वितरण तक का कार्य कम्प्यूटर के जरिए होने लगा है। इसे देखते हुए सेवानिवृत्त कर्मचारियों में उम्मीद कार्ड बनवाने के काम में भी तेजी आई है।

मंडल रेल प्रबंधक

बंधक गीतिका पांडेय ने बताया कि जोधपुर मंडल पर चिकित्सा सेवाओं को और अधिक व्यवस्थित बनाने और इसमें पारदर्शिता लाने के महत्ती उद्धेश्य से रेलवे अस्पताल को ऑनलाइन मोड पर लिया गया है जिसके तहत अब प्रत्येक रेलकर्मी चाहे वह सेवारत हो या पेंशनर्स को चिकित्सा सेवाओं का लाभ लेने के लिए उम्मीद कार्ड रखना होगा।

उन्होंने बताया कि इससे चिकित्सकीय परामर्श, दवाई, सिक अथवा फिट, लेबोरेट्री की जांच रिपोर्ट इत्यादि का पूरा रिकॉर्ड संबंधित चिकित्सक और स्वयं रोगी के मोबाइल ऐप एचएमआईएस में सुरक्षित रहेगा जिसे रोगी खुद जब चाहे देख सकता है।
उन्होंने बताया कि इस नई व्यवस्था के दृष्टिगत जिन पेंशनर्स ने अब तक उम्मीद कार्ड नहीं बनवाया है उनसे जल्दी से उम्मीद कार्ड बनवाने को कहा गया है ताकि चिकित्सा सुविधा में निरंतरता बनी रहे।

15 दिनों में बने 800 उम्मीद कार्ड

रेलवे में चिकित्सा सुविधाओं का लाभ लेने के लिए लागू की गई नई व्यवस्था को देखते हुए रेल प्रशासन द्वारा उम्मीद कार्ड बनाने के लिए लगाए गए शिविर के अच्छे परिणाम सामने आए हैं। इसके लिए रेलवे अस्पताल, डीआरएम ऑफिस और रेलवे बैंक में चल रहे विशेष शिविर में पिछले 15 दिनों में करीब 800 रेलकर्मचारियों ने उम्मीद कार्ड बनवाने हेतु अपना पंजीयन कराया। शिविर 28 अक्टूबर तक चलेगा।

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