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  • पाली सांसद के प्रयास हुए सफल
  • प्रधानमंत्री व वस्त्रमंत्री का जताया आभार

नई दिल्ली,देश में कपड़ा नगरी से विख्यात पाली को अपने पांच दशक पुराने कपड़ा उद्योग को लगे प्रदूषण के दंश से मुक्ति पाने की दशा में एक ऐतिहासिक सफलता मिल गई है। वस्त्र मंत्रालय भारत सरकार एवं उद्योग विभाग राजस्थान सरकार द्वारा अनुमोदित सीईटीपी फाउण्डेशन, पाली की परियोजना 12 एमएलडी  सीईटीपी में जेएलडी अपग्रेडेशन का शिलान्यास गुरूवार को हो गया। इस कार्यक्रम में पाली सांसद पीपी चौधरी भी वर्चुअल जुड़े, जिनकी भूमिका इस परियोजना को शिलान्यास तक आने में बहुत महत्वपूर्ण रही। इस शिलान्यास कार्यक्रम में सासंद ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं केन्द्रीय वस्त्र मंत्री का आभार जताया। विकट परिस्थितियों मे गुजर रहे पाली के कपड़ा उद्योग के लिए संजीवनी समान इस परियोजना के लिए पीपी चौधरी ने पाली सांसद के रूप में निर्वाचित होने के बाद से ही इस पर काम करना आरंभ कर दिया था। सन् 2015 से लेकर पिछले 6 वर्षों से इस परियोजना को मूर्त रूप देने हेतु किए गए पाली सांसद के लगातार अथक प्रयासों को आज 12 एमएलडी  सीईटीपी में जेएलडी अपग्रेडेशन के शिलान्यास के साथ ही एक साथ बड़ी सफलता मिली है।
लगातार रूप से रहे सक्रिय
2014 में पाली सासंद के रूप में अपनी पारी का आंरभ करने वाले पी पी चौधरी के लिए पाली को खोई  पहचान दिलाना मूल संकल्प रहा। पाली के लिए कपड़ा उद्योग जो कभी उसकी प्रमुख पहचान रहा था, प्रदूषण के कारण एक अभिशाप के रूप में परिवर्तित हो चुका था। उसे प्रदूषण के दंश से मुक्त करने का संकल्प लिए पाली सांसद ने पाली को पुनः एक बार फिर से कपड़ा नगरी के रूप में ख्याति प्राप्त हो, इसकी शुरूआत उन्होने मार्च 2015 में की। भारत सरकार में तत्कालीन वस्त्र राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संतोष गंगवार को अपने पत्र के माध्यम से पाली में सीटीईपी प्लांट की मांग की। इस पर वस्त्र मंत्रालय ने12 अक्टूबर 2015 को पाली 12 एमएलडी सीईटीपी प्लांट संख्या 6 को जेएलडी (जीरो लिक्विड डिस्जार्च) कपड़ा नगरी की वर्षों पुरानी मुराद को पूरा करने के पहले कदम के रूप में सैद्धांन्तिक अनुमोदन दिया गया। इस सैद्धान्तिक अनुमोदन की पहली सफलता के बाद पाली सांसद ने फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा और पाली के कपड़ा उद्योग के लगे दंश को मिटाने में अपनी यात्रा आंरभ कर दी।
प्लांट के फंड की व्यवस्था में रहे आगे
सैद्धान्तिक अनुमोदन की स्वीकृति मिलने के बाद इस परियोजना को धरातल पर लाने के लिए सांसद पीपी चौधरी ने फंड की व्यवस्था में दिन-रात एक कर दिए। सैद्धान्तिक अनुमोदन के वर्ष यानि 2015 में सांसद ने इस परियोजना के लिए भारत सरकार से 50 करोड़ रू. की मंजूरी दिलवाई। इसके बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से राज्य सरकार के फंड के रूप में 25 करोड़ राशि को अपने प्रयासों के माध्यम से इस अति  महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के स्वीकृत करवाए। शेष 25 करोड़ की धनराशि सीईटीपी पाली द्वारा व्यवस्था की गई। इस तरह से कपड़ा उद्योग के लिए महत्वपूर्ण इस परियोजना के लिए सांसद चौधरी ने लगातार रूप से चाहे केन्द्र सरकार हो या राज्य सरकार के माध्यम से फंड की व्यवस्था से लेकर परियोजना को आ रही अड़चनों को दूर करने के लिए अपने प्रयास जारी रखे। आज शिलान्यास के बाद पाली को न केवल अपनी खोई हुई पहचान मिलेगी बल्कि कपड़ा उद्योग को प्रदुषण के दंश से मुक्ति भी मिलेगी।

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