बर्ड फ्लू से बढऩे लगी चिंता, अब तक 200 कुरजां की मौत

कुरजां की मौत का मामला

जोधपुर, शहर के निकट बिलाड़ा क्षेत्र के कापरड़ा गांव में करीब 200 कुरजां के मरने के पीछे बर्ड फ्लू सामने आने के बाद चिंता बढ गई है। क्योंकि बर्ड फ्लू का फैलाव भी कोरोना की तरह ही होता है। पशुचिकित्सकों के अनुसार बर्ड फ्लु जुनोटिक बीमारी है। हालांकि अभी तक इंसान में फैलने के केस आए नहीं है। पशु चिकित्सक के अनुसार जिस तालाब में कुरजां की मौत हुई है उसके आस-पास के एरिए को प्रतिबंधित करना चाहिए। इस क्षेत्र में पीपीई किट ग्लवज आदि पहना जरुरी है।

माचिया रेस्क्यू सेंटर के पशु चिकित्सक ज्ञान प्रकाश के अनुसार कुरजा में पहले वही लक्षण देखने को मिले जो रानीखेत बीमारी में होते हैं। लेकिन सेम्पल की जांच के बाद बर्ड फ्लू एविएन इन्फ्लुएंजा मिला है। उन्होंने बताया कि यह जुनोटिक बीमारी है अन्य पक्षियों में फैलने के साथ इंसानों में फैलने का भी खतरा रहता है।

बर्ड फ्लू से बढऩे लगी चिंता, अब तक 200 कुरजां की मौत

हवा में फैलता है वायरस

इस बीमारी के चलते कुरजां के लिए बिलाड़ा के पास ही रेस्क्यु सेंटर बनाया गया। इन्हें माचिया रेस्क्यू सेंटर नहीं लाया गया। यहां अन्य पक्षियों को बीमारी फैलने का डर बना रहता है। बर्ड फ्लू का वायरस भी हवा में फैलता है और छूने से भी डिजीज फैलती है। कुरजां के मरने के बाद कापरड़ा से 10 किमी दूर रामासनी गांव के पास मृत कुरजां मिलने के बाद वहां तालाब को डिसइन्फेक्टेड करवाया गया है। बर्ड फ्लू के बाद प्रशासन के साथ ही वन विभाग की भी चिंताएं बढ गई हैं।

प्रशासन का अलर्ट

जांच रिपोर्ट आने के बाद प्रशासन ने सभी प्रशासनिक अधिकारियों को बर्ड फ्लू को लेकर अलर्ट रहने के निर्देश दिये हैं। हजारों किलोमीटर लम्बा सफर तय कर शीतकालीन प्रवास पर आने वाले प्रवासी पक्षी कुरजां जब एक बार उड़ान भरती है तो वह यहां अपने गंतव्य पर ही आकर रुकती है। ऐसे में अंदेशा लगाया जा रहा है कि यह प्रवासी पक्षी अपने साथ ही इनफेक्शन लाए हों।

साइबेरियन क्रेन भोजन की तलाश में आती

साइबेरियन क्रेन भोजन की तलाश में ठंडे प्रदेश से यहां आती हैं। तीन से चार हजार के झुंड में आये इस पक्षी में कापरड़ा के आस पास ही मौत हुई है। हालांकि आज एक भी कुरजा मृत नहीं मिली बताया जा रहा है कि दवाइयों के छिड़काव के बाद मौत रुकी है।

सेंपल जांच में नेगेटिव रिपोर्ट से मिली राहत

कापरड़ा रेस्क्यु सेटर जाने वाले चिकित्सक व स्टाफ ने बर्ड फ्लू की जानकारी के बाद अपने सेंपल देकर जांच करवाई। उन्होंने कहा कि इन्फेक्शन फैलने का खतरा रहता है। और उनसे अन्य जानवरों में इंफेक्शन फैल सकता है। इसलिए सावधानी जरुरी लेकिन जांच नेगेटिव आने से स्टाफ ने राहत की सांस ली।

दूरदृष्टिन्यूज़ की एप्लिकेशन अभी डाउनलोड करें – http://play.google.com/store/apps/details?id=com.digital.doordrishtinews

Related posts:

एक स्त्री ने स्त्री को जन्म दिया और स्त्री उदास हो गई...

February 19, 2026

कृषि व किसान कल्याण राज्यमंत्री भागीरथ चौधरी गुरुवार को जोधपुर आयेंगे

February 19, 2026

66 ई-मित्र कियोस्कों का आकस्मिक निरीक्षण

February 19, 2026

एमडीएमएच को कपाल एवं रीढ़ शल्य चिकित्सा क्रैनियोटोम एवं ड्रिल सेट भेंट

February 19, 2026

राजस्थान के पत्रकारों का प्रतिनिधिमंडल 18 से 23 फरवरी तक चंडीगढ़ एवं पंजाब के दौरे पर

February 19, 2026

नई सड़क से कार चुराने वाला शातिर गिरफ्तार,कार बरामद

February 19, 2026

शराब के लिए पैसे नहीं देने पर हुई थी हत्या

February 19, 2026

कूडो मिक्स्ड कॉम्बैट बेल्ट ग्रेडिंग परीक्षा का आयोजन

February 19, 2026

नाबालिग से कई बार दुष्कर्म,युवक ने दूसरी जगह की शादी

February 19, 2026