पार्सल मैनेजमेंट सिस्टम से बदली पार्सल सेवा की तस्वीर

  • ओटीपी आधारित डिजिटल पार्सल सेवा से हो रही राजस्व में वृद्धि
  • पार्सल लदान से जोधपुर मंडल को दस माह में 19 करोड़ रुपए की कमाई,
  • पिछले वर्ष से ढाई करोड़ ज्यादा,अभी दो माह शेष

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),पार्सल मैनेजमेंट सिस्टम से बदली पार्सल सेवा की तस्वीर। रेलवे पार्सल सेवा के डिजिटलाइजेशन से लदान प्रक्रिया में सुगमता,पारदर्शिता और ग्राहक सुविधा के साथ-साथ राजस्व में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की जा रही है। विशेष रूप से ई-ऑक्शन और पार्सल मैनेजमेंट सिस्टम (पीएमएस) जैसे नवाचारों से न केवल पार्सल लदान में तेजी आई है, बल्कि इससे अर्जित आय में वृध्दि के सकारात्मक परिणाम भी सामने आए हैं।

उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल के डीआरएम अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि चालू वित्त वर्ष में जनवरी माह तक पार्सल लदान से लगभग 19 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया गया है,जो वर्ष 2024-25 के निर्धारित लक्ष्य से ढाई करोड़ रुपये अधिक है।उन्होंने बताया कि पार्सल सेवा से अर्जित कुल आय पिछले वर्ष की तुलना में 4 करोड़ 5 लाख रुपये अधिक है।

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सीनियर डीसीएम हितेश यादव ने बताया कि उत्तर पश्चिम रेलवे द्वारा पार्सल सेवा में आधुनिक डिजिटल तकनीकों को प्रभावी रूप से लागू किया गया है। पार्सल मैनेजमेंट सिस्टम (पीएमएस) के माध्यम से ग्राहक अब अपने पार्सल की वास्तविक स्थिति की जानकारी रियल-टाइम में प्राप्त कर सकते हैं। बुक किए गए पार्सल की डिजिटल बिल्टी ई-मेल के जरिए उपलब्ध हो रही है,जबकि ओटीपी आधारित सुपुर्दगी प्रणाली से पार्सल की डिलीवरी अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनी है।

उन्होंने बताया कि पीएमएस लागू होने से पार्सल सेवा न केवल तेज और विश्वसनीय बनी है बल्कि इससे ग्राहकों की संतुष्टि में भी निरंतर वृद्धि हो रही है। पार्सल राजस्व में हो रही बढ़ोतरी उत्तर पश्चिम रेलवे की ग्राहकों के प्रति प्रतिबद्धता और आधुनिक तकनीक अपनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को दर्शाती है।

पीएमएस की मुख्य विशेषताएं
-ऑनलाइन बुकिंग-पार्सल/लगेज की कंप्यूटराइज्ड बुकिंग
-डिजिटल रसीद-कागजी झंझट खत्म
-रीयल-टाइम ट्रैकिंग-बुकिंग से डिलीवरी तक निगरानी
-स्वचालित शुल्क गणना-दूरी व वजन के अनुसार सही किराया
-पारदर्शिता व सुरक्षा-गड़बड़ी की संभावना कम
-राजस्व निगरानी
-रेलवे के लिए बेहतर प्रबंधन

ये कर सकते हैं पीएमएस का उपयोग
-आम यात्री
-व्यापारी/व्यवसायी
-ई-कॉमर्स कंपनियाँ
-रेलवे पार्सल कार्यालय

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