Rajasthan: विधानसभा में राज्य का बजट पेश
– वित्तमंत्री और उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने किया बजट पेश
जयपुर(दूरदृष्टीन्यूज),विधानसभा में राज्य का बजट पेश। राजस्थान की भजन लाल सरकार में उपमुख्य मंत्री और वित्त मंत्री दीया कुमारी ने बुधवार को विधान सभा में वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। वित्त मंत्री दीया कुमारी ने बजट पेश करते हुए कहा कि देश के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से सबका साथ सबका विकास,सबका विश्वास,सबका प्रयास के मूल मंत्र को आत्मसात करते हुए राज्य की सरकार प्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
दीया कुमारी ने कहा कि नारी शक्ति की भूमिका को प्रमुख रखते हुए सरकार सेवा,समर्पण और सुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। अल्प समय में सामाजिक सुरक्षा के तहत 91 लाख लाभार्थियों को 28,400 करोड़ रुपये की पेंशन प्रदान की गई है। समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक जन कल्याण की योजनाओं का लाभ पहुंचाकर उन्हें सशक्त बनाने का कार्य किया गया है। युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए भर्ती परीक्षाओं का पारदर्शी आयोजन कर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं। कृषि क्षेत्र की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत 76 लाख 18 हजार किसानों को 10,900 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता प्रदान की गई है। गेहूं के समर्थन मूल्य पर 2,05,000 से अधिक कृषि कनेक्शन देकर किसानों को समृद्ध और सक्षम बनाने का प्रयास किया गया है।
बजट के प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:-
राज्य बजट वर्ष 2026-27 के प्रमुख बिन्दु
- -बजट आकार-6 लाख 10 हजार 956 करोड़ रुपये
- -वर्ष 2026-27 के बजट अनुमानों में 3 लाख 25 हजार 740 करोड़ 14 लाख रुपये की राजस्व प्राप्तियां
- -वर्ष 2026-27 के बजट अनुमानों में 3 लाख 50 हजार 54 करोड़ 7 लाख रुपये का राजस्व व्यय
- -वर्ष 2026-27 के बजट अनुमानों में राजस्व घाटा 24 हजार 313 करोड़ 93 लाख रुपये
- -वर्ष 2026-27 का राजकोषीय घाटा 79 हजार 492 करोड़ 52 लाख रुपये जो GSDP का 3.69 प्रतिशत है।
- -राज्य सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) वर्ष 2026-27 में बढ़कर 21 लाख 52 हजार 100 करोड़ रुपये
- -आत्मनिर्भर विकसित राजस्थान @ 2047 (दो हजार सैंतालीस) की परिकल्पना की कार्ययोजना के लिए 10 (दस) स्तम्भ
-पहला स्तम्भ:-
अव-संरचना का विस्तार (Infrastructure Expansion)
1.सड़क :-
-शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन को सुगम बनाने के लिए State Highways, ROB/ RUB/Flyover/ Elevated Roads, Bridges आदि के निर्माण, मरम्मत व उन्नयन,लगभग एक हजार 800 करोड़ रुपये की लागत
-नॉन-पेचेबल व क्षतिग्रस्त सड़कों के लिए एक हजार 400 करोड़ रुपये तथा मिसिंग लिंक सड़कों के लिए 600 करोड़ रुपये का प्रावधान
-आगामी वर्ष 250 अटल प्रगति पथों के 500 करोड़ रुपये की लागत के कार्य हाथ में लिये जाने प्रस्तावित
-विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों एवं Logistic Parks के पहुँच मार्गों के विकास,400 करोड़ रुपये का व्यय
-आगामी वर्ष भी मानसून उपरान्त सड़कों की मरम्मत के लिए 500 करोड़ रुपये
-ROBs/RUBs पर 920 करोड़ रुपये से अधिक का व्यय
-आगामी दो वर्षों में एक हजार किलमीटर लम्बाई से अधिक की सड़कों को राज्य राजमार्गों में एवं दो हजार किलोमीटर लम्बाई से अधिक की सड़कों को मुख्य जिला मार्गों में क्रमोन्नत
-लगभग 500 किलोमीटर लम्बाई के State Highways मय पुलिया व बाईपास 2 हजार 700 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विकसित
-राष्ट्रीय/राज्य राजमार्गों एवं शहरों में सुदृढ़ Intelligent Traffic Management System (ITMS) के लिए चरणबद्ध रूप से लगभग दो हजार कैमरे 100 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित
2.पेयजल :-
मुख्यमंत्री जल जीवन मिशन (शहरी) योजना का दायरा बढ़ाते हुए 5 हजार करोड़ रुपये का व्यय कर चरणबद्ध रूप से पेयजल आधारभूत संरचना सम्बन्धी कार्य प्रस्तावित
-अमृत 2.0 योजना के तहत आगामी वर्ष 3 लाख पेयजल कनेक्शन
-एक हजार 92 गाँवों की लगभग 20 लाख आबादी को बीसलपुर से पेयजल का आपूर्ति स्तर बेहतर करने के लिए सूरजपुरा से चाकसू तक नवीन Transmission Line (TM-II) सम्बन्धी कार्य 650 करोड़
-आगामी वर्ष 600 Tube wells व एक हजार 200 Handpumps लगाये जाने प्रस्तावित
-सशक्त जल प्रबंधन की दृष्टि से जयपुर में Centre of Excellence की स्थापना, 10 करोड़
-Bureau of Water Use Efficiency की स्थापना कर जयपुर में HCM RIPA, सचिवालय एवं जल भवन में pilot basis पर
-पेयजल सुविधा तथा Non- Domestic एवं Industrial Units के लिए पानी उपलब्ध कराने के
-दृष्टिगत Rajasthan State Water Policy
3. ऊर्जा :-
-प्रदेश में विद्युत तंत्र के और अधिक विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण के लिए 220 केवी के छह, 132 केवी के तेरह तथा 33 केवी के 110 GSS का निर्माण
-बीकानेर में मेहरासर-दीनसर- बराला व सवाईसर-करणीसर भाटियान-बिकोलोई तथा जैसलमेर में राघवा-सेहुआ क्षेत्र में लगभग 4 हजार 830 मेगावॉट क्षमता के सौर पार्कों का विकास Joint Venture के माध्यम से
दूसरा स्तम्भः-
नागरिक सुविधाओं से गुणवत्ता युक्त जीवन स्तर में वृद्धि
-राज्य के नगर निकायों में 7 लाख Street Lights
-पंचगौरव योजना के अन्तर्गत आगामी वर्ष, जिलों में आधारभूत संरचना, पर्यटन उन्नयन, सांस्कृतिक संरक्षण, स्थानीय उत्पादों की branding तथा नवाचार आधारित परियोजनाओं के लिए 150 करोड़ रुपये व्यय
-स्थानीय निकायों एवं राजकीय उपक्रमों के लिए RAJ-SETU (Rajasthan Structured Enabler for Transformative Urban and Infrastructure Financing) Fund
तीसरा स्तम्भ :-
औद्योगिक विकास एवं निवेश को प्रोत्साहन
-औद्योगिक क्षेत्र एवं आधारभूत संरचनाओं के विकास के लिए Land Aggregation के विकल्प
-समस्त संभाग मुख्यालयों पर Plug and Play Facility for Small and Micro Enterprises, आगामी वर्ष 350 करोड़ रुपये
-Logistic Hubs विकसित किये जाने हेतु Inland Container Depot (ICD), Multi-Modal Logistic Hub आदि की स्थापना
-Rajasthan Foundation के दक्षिण अफ्रीका, New Zealand, Canada आदि को सम्मिलित करते हुए 14 नये Chapters
-माटी कला से जुड़े कलाकारों के उत्थान के लिए आगामी वर्ष 5 हजार Electric Wheels
-Rajasthan ODOP Policy, 2024 के अन्तर्गत ऋण लेने वाली सूक्ष्म एवं लघु इकाइयों को margin money उपलब्ध कराये जाने के लिए 15 करोड़ रुपये का प्रावधान।
चौथा स्तम्भ :-
-मानव संसाधन का सशक्तीकरण
युवा विकास एवं कल्याण :-
-हमारी सरकार युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रतिबद्ध है। इसे ध्यान में रखते हुए हमारे द्वारा ‘युवा नीति’, ‘कौशल नीति’ तथा ‘रोजगार नीति’ लागू की गयी हैं। हमने 4 लाख भर्तियों के संकल्प को पूरा करने की दिशा में जहां सरकारी क्षेत्र में एक लाख से अधिक नियुक्तियां दी हैं, वहीं निजी क्षेत्र में 2 लाख से अधिक रोजगार के अवसर भी सृजित किये हैं। वर्तमान में एक लाख 43 हजार पदों पर भर्तियां प्रक्रियाधीन हैं तथा एक लाख पदों पर भर्ती किये जाने के लिए परीक्षा कैलेण्डर भी जारी कर दिया गया है।
-‘मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना’ में एक लाख युवाओं को 10 लाख रुपये तक के ऋण पर शत-प्रतिशत ब्याज अनुदान तथा Margin Money अनुदान आदि की सुविधा, 1000 करोड़ रुपये का प्रावधान
-National Testing Agency (NTA) की तर्ज पर प्रदेश में Rajasthan State Testing Agency (RSTA) की स्थापना
-Startups के विकास के लिये VIBRANT (Value-driven Innovation and Business Research for Aspiration and Nurturing Talent) Programme
-‘रानी लक्ष्मी बाई केन्द्रों’ की 150 महाविद्यालयों में स्थापना, लगभग 25 हजार छात्रायें लाभान्वित
-महाविद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए रोजगार परक कौशल, career guidance तथा digital mentoring के उद्देश्य से DREAM (Digital Readiness and Empowerment through Assisted Mentoring) Programme, लगभग 50 हजार विद्यार्थी लाभान्वित
-‘नशामुक्त राजस्थान’ की संकल्पना को साकार करने के लिए Raj-SAVERA (Statewide Anti-drugs Vigilance, Enforcement, Rehabilitation and Awareness) कार्यक्रम
-प्रत्येक जिले में Industry Partners को जोड़ते हुए Institute of Skill Development and Vocational Training
-उभरते Startups की Mentorship व Scaling के लिए ‘iStart Ambassador Programme’
-Next Generation Technology से युक्त नवीन Techno Hubs की स्थापना, 30 करोड़ रुपये का व्यय
-कक्षा 8वीं, 10वीं एवं 12वीं में अध्ययन करने वाले चयनित मेधावी विद्यार्थियों को स्वयं के स्तर पर Tablet/ Laptop क्रय किये जाने के लिए e-Voucher के माध्यम से 20 हजार रुपये तक की सहायता
-9वीं कक्षा में प्रवेश लेने वाली जरूरतमंद छात्राओं को साइकिल हेतु e-Voucher
-कक्षा 1 से 8 के 40 लाख से अधिक जरूरतमंद विद्यार्थियों को निःशुल्क Uniform उपलब्ध कराने के लिए DBT, लगभग 250 करोड़ रुपये का व्यय
-प्रदेश के Toilet सुविधा से वंचित रहे समस्त विद्यालयों में Toilets
-2 हजार500 से अधिक विद्यालयों की मरम्मत एवं जीर्णोद्धार हेतु 550 करोड़ रुपये व्यय
-Raj PAHAL (Portable Access for Holistic and Assisted Learning) कार्यक्रम, प्रत्येक जिले में एक School on Wheels
-प्रदेश के एक हजार विद्यालयों में AI आधारित Personalised Learning Labs की स्थापना
-400 विद्यालयों को चरणबद्ध रूप से CM-RISE (Rajasthan Innovative School of Excellence) स्कूलों में क्रमोन्नत, एक हजार करोड़ रुपये का व्यय
-‘खेलो राजस्थान Youth Games’ के ग्राम पंचायत, ब्लॉक, जिला एवं राज्य स्तर पर आयोजन, 50 करोड़ रुपये व्यय
-सड़क दुर्घटना, प्रसूति, Heart Attack जैसी आपात स्थितियों में मरीजों को त्वरित उपचार मिल सके, इसके लिए RAJ-SURAKSHA (Rajasthan System for Urgent Response,
-Accident Stabilization and Hospital Access) योजना
-‘सभी के लिए मानसिक स्वास्थ्य’ के दीर्घकालिक लक्ष्य की प्राप्ति के साथ-साथ बदलती जीवनशैली एवं प्रतिस्पर्धा के वर्तमान परिवेश में अवसाद, चिन्ता एवं आत्महत्या आदि की रोकथाम हेतु Raj- MAMTA (Rajasthan Mental Awareness, Mentoring and Treatment for All) Programme
-जिला मुख्यालयों पर Mental Health Care Cell की स्थापना
-जेके लोन चिकित्सालय-जयपुर में 500 bed क्षमता के IPD Tower, 75 करोड़ रुपये
-चरणबद्ध रूप से 500 अतिरिक्त Drug Distribution Counters की स्थापना
-जयपुर,अजमेर,बीकानेर,उदयपुर, कोटा व जोधपुर के चिकित्सा महाविद्यालयों के मुख्य चिकित्सालयों में 500 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक विश्राम गृह
-अटल आरोग्य फूड कोर्ट, 100 करोड़ रुपये व्यय
-मृतक के पार्थिव शरीर को चिकित्सालय की mortuary से सम्मानपूर्वक घर तक पहुँचाने हेतु निःशुल्क सुविधा के लिए ‘मोक्ष वाहिनी योजना’
-पांचवाँ स्तम्भः सुदृढ़ सामाजिक सुरक्षा प्रणाली
-जिला स्तर पर Rural Women BPO, 100 करोड़ रुपये का व्यय
-मुख्यमंत्री लखपति दीदी ऋण योजना के अन्तर्गत राज्य की लखपति दीदियों को ब्याज अनुदान पर दिये जा रहे ऋण की सीमा एक लाख रुपये से बढ़ाकर एक लाख 50 हजार (एक लाख पचास हजार) रुपये
-50 (पचास) नवीन Enterprises, लगभग 20 करोड़ रुपये
-समस्त संभागीय मुख्यालयों पर ‘Raj Sakhi Stores’
-सभी जिलों में चरणबद्ध रूप से Centre for Entrepreneurship and Capacity Building
-मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना के अन्तर्गत महिला/SHG को दिये जाने वाले ऋण की सीमा 50 लाख (पचास लाख) रुपये से बढ़ाकर एक करोड़ रुपये
-11 हजार अमृत पोषण वाटिकाओं का निर्माण, लगभग 500 करोड़ रुपये का व्यय
-‘Rajasthan State Early Childhood Care, Development and Education Policy’
-7 हजार 500 आंगनबाड़ियों को ‘नन्द घर’ के रूप में, 225 करोड़ रुपये का व्यय
-किशोरी बालिका योजना का विस्तार करते हुए राज्य के समस्त 27 Aspirational Blocks में 50 हजार से अधिक बालिकायें लाभान्वित
-श्रमिकों के कल्याण एवं रोजगार अवसरों में वृद्धि हेतु श्रम-सेतु Mobile App
छठा स्तम्भ :-
-पर्यटन, कला एवं सांस्कृतिक धरोहर
-खुड़ी-जैसलमेर में ultra luxury Special Tourism Zone (STZ), कुलधरा में पर्यटक सुविधा केन्द्र
-भरतपुर में अत्याधुनिक ब्रज कन्वेंशन सेंटर का निर्माण, 100 करोड़ रुपये
-शेखावाटी हवेली संरक्षण योजना के अन्तर्गत झुंझुनूं, चूरू एवं सीकर में 660 से अधिक चिन्हित हवेलियों के Facade Improvement के साथ-साथ Heritage Street Furniture व साफ-सफाई सम्बन्धी सुविधायें, आगामी 2 वर्षों में 200 करोड़ रुपये का व्यय
-जैसलमेर, जोधपुर, बीकानेर, बाड़मेर और जालोर को शामिल करते हुए ‘थार सांस्कृतिक सर्किट’
-झुंझुनूं में War Museum
सातवाँ स्तम्भ :-
-सुशासन एवं डिजिटल परिवर्तन
-Next Generation Citizen Service Reforms
-समस्त नगरीय निकायों में चरणबद्ध रूप से स्मार्ट सेवा केन्द्र
-आगामी वर्ष, प्रथम चरण में 100 प्रमुख सेवाओं को Whats App Platform पर भी शुरू
-25 हजार युवाओं एवं महिलाओं को ‘Mini e-Mitra’ के रूप में अधिकृत
-नवीन IT Policy
-State Data Centre की विभिन्न सुविधाओं जैसे-Co-location, Cloud Storage, Backup, Cyber Security आदि सेवाओं को Startups, MSME एवं नागरिकों को किफायती दर पर उपलब्ध कराने हेतु Digital Infrastructure Facilitation Policy
-Geo Spatial Policy
-Dedicated Data and Policy Strategy Unit-CM PRAMAN (Policy, Research and Analytics for Measurable Action and Nexus)
-Next Generation Reforms के रूप में राजस्थान जन विश्वास अधिनियम 2.0
-Drone Policy, State Drone Cell का गठन कर AI/ML based Data Repository
-‘मरूधरा राजभूमि Digital Atlas’
-निर्माण व विस्तार सम्बन्धी कार्यों की समयबद्ध व निष्पक्ष गुणवत्ता जांच के लिए third party द्वारा
-संचालित Centralised Quality Control Labs
-De-regulation and Business Reforms 2.0, De-regulation Cell का गठन
-साइबर अपराधों पर नियंत्रण एवं रोकथाम के लिए Rajasthan Cyber Crime Control Centre (R4C) की स्थापना
-कर्मचारियों के समग्र कल्याण हेतु ‘Salary Account Package’
-चरणबद्ध रूप से ‘मुख्यमंत्री शिशु-वात्सल्य सदन’
-पंचायतीराज संस्थाओं को State Panchayat Awards
आठवाँ स्तम्भ : –
-कृषि विकास एवं किसानों का कल्याण
-प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं से सम्बन्धी विभिन्न कार्य 11 हजार 300 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से
-आगामी वर्ष 50 हजार सोलर पम्प संयंत्रों, एक हजार 500 करोड़ रुपये का व्यय
-समस्त श्रेणियों के आवंटियों को कृषि भूमि के पेटे बकाया किश्तों की राशि 1 अप्रेल, 2026 से 30 सितम्बर, 2026 तक एकमुश्त जमा कराये जाने पर ब्याज में शत-प्रतिशत छूट
-विभिन्न कृषि यंत्रों यथा-Power Tiller, Disc Plough, Cultivator, Harrow, Reaper आदि हेतु 160 करोड़ रुपये का अनुदान, लगभग 50 हजार कृषक लाभान्वित
-500 Custom Hiring Centres, 96 करोड़ रुपये की लागत से स्थापना
-मुख्यमंत्री बीज स्वावलम्बन योजना अन्तर्गत १० प्रतिशत अनुदान पर 70 हजार क्विंटल बीज, 50 करोड़ रुपये का व्यय, 3 लाख कृषक लाभान्वित
-5 हजार कृषकों को नेपियर घास का निःशुल्क वितरण
-कृषकों को data driven consultancy services, precision input management, crop planning support व market intelligence की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए Agri Stack PMU का गठन
-Knowledge Enhancement Programme के अन्तर्गत आगामी वर्ष 3 हजार 300 किसानों को
-राज्य से बाहर Exposure Visit
-Green house-Polyhouse/Shadenet, Low Tunnel, Plastic Mulch उपलब्ध करवाने के लिए आगामी वर्ष 4 हजार कृषकों को 200 करोड़ रुपये का अनुदान
-Vertical Support System आधारित खेती हेतु 5 हजार कृषकों को अनुदान
-कृषकों को अनुदानित 500 Solar Crop Dryers
-ब्याज मुक्त अल्पकालीन फसली ऋण वितरण योजना के अन्तर्गत आगामी वर्ष 35 लाख से अधिक किसान साथियों को 25 हजार करोड़ रुपये के ऋण, 800 करोड़ रुपये ब्याज अनुदान पर व्यय
-दीर्घकालीन सहकारी कृषि एवं Non-Farming Sectors हेतु 590 करोड़ रुपये के ऋण पर 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान, लगभग 26 हजार किसान एवं लघु उद्यमी लाभान्वित
-राज्य के और विशिष्ट Agro- Processed Products को राष्ट्रीय एवं अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान तथा इनसे जुड़े कृषकों को बेहतर मूल्य दिलवाने की दृष्टि से मिशन Raj GIFT (Geographical
-Indication For Transformation of Production and Livelihoods)
-प्रदेश में 250 मीट्रिक टन एवं 500 मीट्रिक टन क्षमता के 50-50 गोदामों का निर्माण, लगभग 20 करोड़ रुपये का व्यय
-200 नवगठित गोदाम विहीन ग्राम सेवा सहकारी समितियों में 100 मीट्रिक टन क्षमता के गोदाम एवं कार्यालय भवन मय चारदीवारी निर्माण, 30 करोड़ रुपये
-आगामी वर्ष राष्ट्रीय स्तर के Conclave on Spices का आयोजन
-अलवर में Centre of Excellence for Onion and Vegetables,
-श्रीगंगानगर में Centre of Excellence for Kinnow
-बांसवाड़ा में Centre of Excellence for Mango
-जोधपुर,कोटा व उदयपुर में Organic Food Market की स्थापना
-प्रदेश के चयनित जिलों में 2 हजार कृषकों, Processors, व्यापारियों व निर्यातकों को प्रशिक्षण
-नवीन कृषि उपज अनाज मण्डी-बागीदौरा-बांसवाड़ा, सिकराय दौसा, राजियासर स्टेशन (सूरतगढ़)-श्रीगंगानगर,
-सब्जी मण्डी-सवाई माधोपुर, बयाना-भरतपुर
-नवगठित जिलों में जिला सहकारी उपभोक्ता भण्डार
-समस्त जिलों में नवीन उपहार विक्रय केन्द्र
-किसानों को गर्मी एवं बरसात से बचाव के लिए Shed निर्माण सहित मण्डियों तक पहुंच मार्ग एवं यार्डों में अन्य आधारभूत कार्यों के लिए 350 करोड़ रुपये व्यय
पशुपालन एवं डेयरी :-
-200 ग्राम पंचायतों में पशु चिकित्सा उपकेन्द्र
-25 पशु चिकित्सा उपकेन्द्रों को पशु चिकित्सालय में क्रमोन्नत
-50 पशु चिकित्सालयों को प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालयों में क्रमोन्नत
-Rajasthan Cooperative Dairy Infrastructure Development Fund की राशि एक हजार करोड़ रुपये से बढ़ाकर दो हजार करोड़ रुपये
-NCR, उत्तर प्रदेश,मध्य प्रदेश आदि राज्यों में सरस उत्पादों के Outlets, 100 करोड़ रुपये का व्यय
-मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक सम्बल योजना, 700 करोड़ रुपये का अनुदान, लगभग 5 लाख पशुपालक
-ग्रामीण क्षेत्र में एक हजार नवीन दुग्ध संकलन केन्द्रों की स्थापना
-अलवर में 3 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता के Milk Processing Plant, 200 करोड़ रुपये का व्यय
-500 डेयरी बूथ का आवंटन
-एक लाख पशुपालकों को value added दुग्ध आधारित उत्पाद शुद्ध घी, मावा, पनीर, मिठाई आदि तैयार किये जाने के लिए प्रशिक्षित
-तबीजी-अजमेर में Poultry Feed Unit
नवाँ स्तम्भः
हरित विकास एवं पर्यावरणीय सततता
-Mission ‘हरियाळो-राजस्थान’ के अन्तर्गत आगामी वर्ष 10 करोड़ पौधारोपण
-राज्य के समस्त जिला मुख्यालयों पर आगामी वर्ष उन्नत ‘नमो नर्सरी’
-प्रत्येक पंचायत समिति स्तर पर चरणबद्ध रूप से ‘नमो वन’
-अजमेर, ब्यावर, हनुमानगढ़, बीकानेर, दौसा, जयपुर सहित 16 जिलों में मॉडल उद्यान ‘Oxyzones’ के रूप में विकसित, 32 करोड़ रुपये का व्यय
-चित्तौड़गढ़ में कुम्भा बायोलॉजिकल पार्क,31 करोड़ रुपये का व्यय
-वन्यजीव संरक्षण के साथ-साथ संरक्षित क्षेत्रों में Man-Animal Conflict पर विशेष ध्यान दिये जाने के उद्देश्य से आगामी वर्ष PRITHWI (Project for Resilient and Integrated Terrestial Habitats and Wildlife Valorization Initiative) परियोजना, एक हजार 500 करोड़ रुपये
-मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान (MJSA) 2.0 के तृतीय चरण के तहत आगामी वर्ष लगभग 5 हजार गांवों में 2 हजार 500 करोड़ रुपये की लागत से Water Harvesting Structures के एक लाख 10 हजार कार्य
-वन भूमि की क्षतिपूर्ति के लिए गैर-वन भूमि से एक हजार हेक्टेयर का Land Bank
-अलवर, उदयपुर, सवाई माधोपुर, कोटा, बूंदी तथा जयपुर में Specialised Centres for Treatment of Wild Animals खोले जायेंगे।
-भरतपुर,सांभर-जयपुर व मीठड़ी- कुचामन में Specialised Centres for Treatment of Avian Diseases
-बनेड़ा (शाहपुरा)-भीलवाड़ा में Eco-Park, टोडारायसिंह टोंक में नेचर पार्क
-वन्य क्षेत्रों में Mobility बढ़ाने तथा वन्यजीव Rescue प्रणाली के संवर्द्धन के लिए Rapid Mobility Teams के गठन के साथ ही 291 Wildlife Ambulances, 25 करोड़ रुपये का व्यय
-श्रीकर्ण नरेन्द्र कृषि विश्वविद्यालय, जोबनेर-जयपुर में Centre of Excellence for Natural Farming की स्थापना
-जयपुर एवं जोधपुर में PPP Mode पर Compressed Bio Gas Plants की स्थापना
-Air Quality Monitoring के लिए जोधपुर में भी Early Warning Systems
-पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण के क्षेत्र में Research and Development हेतु जयपुर में
-‘State of the Art’ प्रयोगशाला
-NCR क्षेत्र में थानागाजी अलवर, बहरोड़, नीमराणा-कोटपूतली बहरोड़, तिजारा-खैरथल तिजारा तथा बयाना भरतपुर में Continuous Ambient Air Quality Monitoring Stations (CAAQMS), 20 करोड़ रुपये की लागत से
-Rajasthan State Pollution Control Board (RSPCB) में Research and Development Cell स्थापित
-जयपुर,जोधपुर,कोटा,अलवर, उदयपुर, बीकानेर, भरतपुर एवं अजमेर में Noise Monitoring Stations
-प्रदेश के प्रत्येक जिले के चयनित विद्यालय में Green School Programme
-समस्त जिलों में शवदाह के लिए Closed Combustion Cremation Furnace की स्थापना
-किसानों को Carbon Credits दिलवाकर प्रोत्साहन राशि उपलब्ध करवाने के लिए राज्य में पहली
-बार Carbon Credit Pilot Project
-प्रदूषण को कम करने तथा Industrial Waste Water के समुचित उपचार हेतु Common Effluent Treatment Plants (CETPs), बालोतरा सहित अन्य स्थानों पर CETP निर्माण हेतु एक हजार करोड़ रुपये का व्यय
-नगरीय निकायों हेतु Solid Waste Management Policy
दसवाँ स्तम्भ : –
-2047 तक 4.3 ट्रिलियन डॉलर की मजबूत अर्थव्यवस्था
-हमारा ध्येय है कि Strategic Financial Planning, Financial Stability व Citizen Centric सुशासन को सुदृढ़ करें, जिससे राजस्थान विकसित एवं आदर्श राज्य के रूप में स्थापित हो।
-कृषि बजट प्रावधान में गत वर्ष की तुलना में 7.59 प्रतिशत की वृद्धि
-हमारे द्वारा निवेश प्रोत्साहन (RIPS), निर्यात संवर्द्धन, लॉजिस्टिक्स, टेक्सटाइल एवं वस्त्र, MSME, उद्योग संवर्द्धन जैसी प्रगतिशील नीतियाँ लागू, प्रदेश का Investment Climate बेहतर हुआ
बजट 2026-27 कर-प्रस्ताव संबंधी बिन्दु:-
-मुख्यमंत्रीभजनलाल शर्मा के नेतृत्व में सरकार का आर्थिक विकास को गति देते हुये आमजन, किसानों,श्रमिकों,युवाओं एवं उद्यमियों पर कर के भार को यथासम्भव न्यूनतम रखने का Vision |
-‘कर में स्थिरता,प्रक्रिया में सरलता और प्रशासन में पारदर्शिता’ कर नीति का मूल आधार।
-“कम बोझ, अधिक भरोसा और तेज फैसले” के सिद्धान्त पर Ease of Doing Business, निवेश, नवाचार और रोजगार को प्रोत्साहन तथा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में लागू Business Reforms Action Plan (BRAP) के अन्तर्गत राजस्थान को Top Achiever का दर्जा ।
1. वाणिज्यिक कर :-
-GST 2.0 से आवश्यक उपभोग की वस्तुओं और सेवाओं पर कर कम होने और व्यापारियों की अनुपालन लागत घटने से कीमतों में कमी और महंगाई पर नियंत्रण।
-GST Tax Payers की सुविधा के लिये अपीलीय प्राधिकारी के यहां ऑनलाइन सुनवाई का Module तथा Registration संबंधी अपीलों को प्राथमिकता के आधार पर 60 दिन में निस्तारण।
2. पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग :-
-ईस्टाम्प एवं Online/Anywhere Registration के माध्यम से पंजीयन सेवाओं का सरलीकरण एवं समयबद्ध निस्तारण।
-e-Registration व्यवस्था के तहत पक्षकारों के e-verification, Slot Booking, ऑनलाइन पंजीयन और डिजिटल प्रमाणित प्रतियाँ प्राप्त करने की सुविधायें शीघ्र प्रारम्भ।
-सभी 106 पूर्णकालिक उप-पंजीयक कार्यालयों का मॉडल उप-पंजीयक कार्यालय के रूप में विकास ।
-MSME उद्यमियों को सभी वित्तीय संस्थानों एवं सभी प्रकार के ऋणों पर स्टाम्प ड्यूटी की दर 0.125 प्रतिशत और अधिकतम 10 लाख रुपये।
-ऋण दस्तावेजों पर पंजीयन शुल्क की दर को 1 प्रतिशत से घटाकर 0.5 प्रतिशत तथा अधिकतम एक लाख रुपये ।
3. परिवहन विभाग :-
-16.5 मैट्रिक टन से भारी माल वाहक वाहनों पर देय Motor Vehicle Tax के प्रतिवर्ष भुगतान के साथ-साथ एकबारीय भुगतान का भी विकल्प।
-वाहन-जनित वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के उपायों के तहत 6 वर्ष पुराने परिवहन और 15 वर्ष पुराने गैर-परिवहन वाहनों पर देय Green Tax की दरों का पुनरीक्षण।
-अन्य राज्यों से राजस्थान में स्थायी रूप से लाये गये गैर-परिवहन वाहनों के पंजीकरण पर Motor Vehicle Tax में 50 प्रतिशत तक छूट।
4.खान एवं पेट्रोलियम विभाग :-
खातेदारी भूमि तथा खनन पट्टों एवं क्वारी लाईसेंस के बीच स्थित क्रमशः 1.00 हैक्टेयर एवं 0.18 हैक्टेयर से कम सरकारी भूमि का खनन/क्वारी प्रयोजनों के लिये आवंटन के प्रावधान।
-आगामी वित्तीय वर्ष में 10 ब्लॉक्स तथा 100 अप्रधान खनन प्लॉटों की नीलामी Pre Embedded Clearance के साथ।
-M-Sand के न्यूनतम 25 प्रतिशत उपयोग को चरणबद्ध रूप से 50 प्रतिशत तक बढ़ाया जाना।
-खातेदारी भूमि में खनन पट्टा आवंटन हेतु आवेदन के समय देय प्रीमियम राशि 40 प्रतिशत से घटाकर 30 प्रतिशत।
-खनिज विभाग का पुनर्गठन एवं खनिज अभियन्ताओं एवं भू-वैज्ञानिकों के 15 नये कार्यालय खोले जाने के साथ-साथ 10 AME कार्यालयों को ME कार्यालयों में क्रमोन्यन।
-AI/ML तकनीक का उपयोग कर Critical and Strategic Mineral Exploration को बढ़ावा
-पर्यावरण संतुलन के साथ सुरक्षित और वैज्ञानिक खनन कार्य को बढ़ावा देने के लिये स्टार रेटिंग व्यवस्था एवं उत्कृष्ट कार्य करने वाले खानधारकों का सम्मान।
-Base Metal, Limestone, Manganese & Iron जैसे खनिजों हेतु जियो फिजिकल सर्वे एवं ड्रिलिंग कार्य तथा “स्टेट ऑफ आर्ट-खनिज कोर लाइब्रेरी” की स्थापना।
-आगामी वित्तीय वर्ष में 60 नये सीएनजी स्टेशन तथा 250 EV चार्जिंग स्टेशन स्थापना।
-वन्य जीव अभयारण्यों एवं राष्ट्रीय उद्यानों के 10 किलोमीटर परिधि में, Eco Sensitive Zone Notification के अभाव में बन्द रहे खनन पट्टों एवं क्वारी लाइसेंसों की इस अवधि को Deemed Non-Working Period घोषित किया जाना।
5. एमनेस्टी :-
विगत दो वर्षों में लायी गई Amnesty योजनाओं के क्रम को आगे बढ़ाते हुए विभिन्न Amnesty योजनाएं:-
-1 करोड़ रुपये तक के लम्बित VAT प्रकरण में बकाया मूल राशि का 50 प्रतिशत जमा कराये जाने पर ब्याज एवं पेनल्टी में शत् प्रतिशत छूट।
-किसानों एवं मण्डी व्यापारियों की मण्डी शुल्क, कृषक कल्याण फीस आदि के पेटे दिनांक 31.12.2025 तक बकाया मांगें दिनांक 30.09. 2026 तक जमा कराये जाने पर ब्याज की राशि में 100 प्रतिशत की छूट।
-भूमि कर की बकाया मांग राशि की 25 प्रतिशत राशि 30.09.2026 तक जमा कराने पर भूमि कर की शेष राशि के साथ-साथ ब्याज एवं शास्ति में शत् प्रतिशत छूट।
-कृषि कार्यों में प्रयुक्त ट्रैक्टर्स के Registration Renewal से लम्बित मामलों में पेनल्टी राशि में छूट हेतु एमनेस्टी।
-निरस्त एवं प्रभावी खनिज Concessions के साथ ही अप्रधान से प्रधान घोषित खनिजों के मामलों में प्रधान घोषित होने से पूर्व की बकाया राशि के सम्बन्ध में एमनेस्टी।
6. उद्योग एवं वाणिज्य :-
-वर्ष 2047 तक राज्य की GDP को 4.3 ट्रिलियन डॉलर तक पहुँचाने का संकल्प तथा इसमें उद्योग एवं सेवाओं का योगदान GDP के 80 प्रतिशत से अधिक होना लक्षित।
-निवेशकों और उद्योगों के लिये Single Window 2.0 Platform; इसके अंतर्गत “एक आवेदन और एक डिजिटल ट्रैक” के माध्यम से सभी विभागीय स्वीकृतियाँ।
-विभिन्न विभागों में निरीक्षण एवं जाँच व्यवस्था को Risk-Based |
-Renewable Energy, ई-व्हीकल,ग्रीन हाइड्रोजन एवं ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में युवाओं को आधुनिक कौशल प्रदान कर रोजगार से जोड़ने हेतु ‘Energy Transition Skilling Cluster’ |
-राजस्थान ओडीओपी पॉलिसी- 2024 के तहत Expansion हेतु ऋण लेने वाली इकाईयों को भी 10 प्रतिशत मार्जिन मनी असिस्टेंस ।
7. RIPS:-
-IFMS तथा RIPS Portal का Integration कर निवेशकों को देय वित्तीय प्रोत्साहनों की प्रक्रिया का पूर्णतः डिजिटलीकरण।
-टैक्सटाइल उद्योग को Payroll Subsidy के रूप में Asset Creation Incentive का एक अतिरिक्त विकल्प।
-RIPS-2024 के अन्तर्गत Interest Subvention का लाभ मैन्यूफैक्चरिंग के साथ-साथ सर्विस सेक्टर को भी।
-GCC तथा Warehouse & Logistics सेक्टर्स को भी RIPS-2024 के अन्तर्गत Expansion के लाभ।
-नवीकरणीय ऊर्जा उपकरणों का Manufacturing Ecosystem विकसित किये जाने के उद्देश्य से Integrated Solar Cell & Module निर्माण इकाईयों को RIPS-2024 के तहत लाभ अनुमत।
-Export Oriented Industrial Development को बढ़ावा देने हेतु Container Manufacturing RIPS-2024 के अन्तर्गत Thrust Sector के रूप में शामिल।

