बिलकोट नैनीडांडा की चोटी पर चढ़ा जंगली हाथी
- क्षेत्र के निवासी भयभीत
- हाथी ने मचाया तांडव
- पेयलाइन को किया तहसनहस
पौड़ी(दूरदृष्टीन्यूज),बिलकोट नैनीडांडा की चोटी पर चढ़ा जंगली हाथी। उत्तराखंड के कई इलाकों में जंगली जानवरों का आतंक लगातार बढ़ता ही जा रहा है।जंगली जानवरों से यहां के निवासियों को जान माल नुकसान जारी है। उत्तराखंड से गुलदार के हमले की घटना की खबरें लगातार आती रही हैं। उत्तराखंड के कई ग्रामीण क्षेत्रों में जंगली जानवरों के नुकसान से लोगों ने खेती करना ही छोड़ दिया। किसानों की मेहनत पर जंगली जानवर भारी पड़ रहे हैं,उनकी मेहनत पर एक झटके में पानी फेर देते हैं।अब तक बाघ, भालू,गुलदार,भेड़िए,बंदर,लंगूर, सुवरों ने भारी आतंक मचाया ही था,अब यहां जंगली हाथी भी पहुंचने लगे हैं।
ताजी घटना पौड़ी गढ़वाल जिले के बिलकोट क्षेत्र के नैनीडांडा का है, जहां बुधवार रात सड़क से उपर 2 किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई चढ़कर जंगली हाथी प्राथमिक व राजकीय उप्रा.विद्यालय में पहुँच गया। पूरे इलाके में हाथी ने तांडव मचा दिया,हालांकि किसी तरह का जन हानि नही हुई,लेकिन जंगली हाथी ने यहां के पेयजल की सारी लाइन तोड़ कर तहसनहस कर दिया। इस घटना के चलते क्षेत्रीय निवासी भयभीत हैं। उन्हें दिन भर पानी के बिना परेशान रहना पड़ा।
ग्रामीण राजेश प्रकाश थपलियाल ने बताया कि कई दिनों से विद्यालय के आस पास बाघ के दहाड़ने की आवाज आ रही है। कुछ ही दिन पहले गांव में पालतू बकरी और गाय को बाघ ने अपना निवाला बना दिया था। यहां लगातार जंगली जानवरों का आतंक बना हुआ है। ग्रामीणों ने सरकार व वन विभाग से क्षेत्र में सुरक्षा की गुहार लगाई है।
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यह बहुत ही कष्टदायक पर पीड़ादायक स्थिति है,जहां ग्रामीण अपने ही घरों में सुरक्षित नहीं हैं। शासन,प्रशासन को कार्य योजना बना कर इस समस्या से क्षेत्र वासियों को निजात दिलानी चाहिए। एक तरफ सरकार पलायन रोकने की बात कहती है,दूसरी तरफ ऐसी स्थिति में उत्तराखंड के गांव में रहकर कौन अपने जीवन को संकट में डालना चाहेगा?यह विचारणीय प्रश्न है।
खेतों में कुछ उगाने की कोशिश करते हैं तो उन्हें जंगली जानवर चट कर जाते हैं,पशुओं और लोगों की जान का खतरा हर समय मंडराता रहता है। सरकार को इस तरफ पहल करते हुए अविलंब कार्रवाई करनी होगी,तभी लोग बिना भय के यहां निवास कर सकेंगे।
