अपहरण मामले का खुलासा: 36 घंटे बाद पुलिस ने पांच को पकड़ा
- लेनदेन के विवाद में हुआ था युवक का अपहरण
- पुलिस ने रोहट से छुड़ाया
- दो कांस्टेबल निलंबित
- पांच आरोपी गिरफ्तार
- दोस्त ही दे रहा था अपहरण कर्ताओं को सूचना
- पांच महिने पहले लिए थे एक लाख उधार
- नहीं लौटा रहा था
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),अपहरण मामले का खुलासा: 36 घंटे बाद पुलिस ने पांच को पकड़ा। खांडा फलसा थाना क्षेत्र में गुरुवार सुबह एक युवक के अपहरण के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसे रोहट इलाके से दस्तयाब कर लिया है। साथ ही पुलिस ने पांच लोगों को पकड़ा है। मोबाइल लोकेशन ट्रेस करती हुए पुलिस उन तक पहुंची।
इनके बीच अब तक पूछताछ में लेन देन विवाद का होना बताया गया है। फिलहाल पुलिस पकड़े गए लोगों से गहनता से पूछताछ कर रही है। इसमें पीड़ित युवक का दोस्त ही अपहरण कर्ताओं को सूचना दे रहा था। इधर पुलिस कमिश्नर ने मामले में लापरवाही बरतने पर खाण्डाफलसा पुलिस थाने के दो कांस्टेबल जगदीश और परसाराम को सस्पेंड कर दिया है।
अब तक पड़ताल में सामने आया कि पीडि़त ने एक आरोपी से पांच छह महिने पहले एक लाख रुपए उधार लिए थे जो वह नहीं चुका पा रहा था। जिसके चलते उसका अपहरण किया गया। आरोपी अपने किसी रिश्तेदार से कार मांग कर लाए थे,जिसे पुलिस ने घटना वाले दिन ही बरामद कर लिया था।
यह है मामला,रोहिट में मिली लोकेशन
पुलिस के अनुसार मेड़ती गेट चौकी के पास कसाइयों की गली निवासी मनान पुत्र मोहम्मद उमर अपने दोस्त राकिब के साथ गुरुवार सुबह 11.30 बजे सिवांची गेट से जा रहा था। उम्मेद अस्पताल के आपातकालीन इकाई के गेट के सामने पहुंचे तो सफेद कार में चार-पांच युवक आए और मनान को पकड़ लिया। मनान के दोस्त राकिब ने मनान के पिता को सूचना दी। पिता ने थाने में अज्ञात युवकों के खिलाफ अपहरण की एफआइआर दर्ज की गई है। पुलिस को आरोपियों की कार गुरुवार रात को ही कुड़ी भगतासनी क्षेत्र में मिल गई थी। इस मामले में मनान के साथ चल रहा उसका दोस्त राकिब ही गद्दार निकला।
राकिब ने ही मनान के बारे में सारी सूचनाएं अपहरणकर्ताओं को दी। राकिब ने मनान के पिता को उसके अपहरण की सूचना भी दी। अपहरणकर्ताओं के साथ लगाातर राकिब की चेटिंग चल रही थी। पुलिस ने राकिब को बुलाकर उसका मोबाइल चैक किया था तब विश्वासघात का पता चला। इसके बाद साइबर सैल के एएसआई राकेश सिंह एक्टिव हो गए और उन्होंने लगातार मोबाइल लोकेशन ट्रेस करते हुए पुलिस जांच टीम को अपहरणकर्ताओं तक पहुंचा दिया।
इन्हें किया गिरफ्तार
पुलिस आयुक्त ओमप्रकाश, डीसीपी पूर्व पीडी नित्या के निर्देशानुसाए एवं एडीसीपी पूर्व वीरेंद्र सिंह राठौड़,एसीपी केंद्रीय मंगलेश चूण्डावत के सुपरविजन और थानाधिकारी बलवंताराम के नेतृत्व में गठित टीम ने सिवांची गेट निवासी फैजान शाह पुत्र इकलास शाह,उदयमंदिर आसन निवासी राकिब पुत्र जाकिर हुसैन,कुरैशियों का बास रोहट निवासी आसिफ अली पुत्र लियाकत अली, रूघानियों की ढाणी इटादा चितलवाना पुलिस थाना झाब जिला जालोर निवासी कमलेश कुमार पुत्र रामकिशन विश्नोई और देवपुरा की ढाणी धांधिया पुलिस थाना लूणी निवासी भावेश पटेल पुत्र सोहनराम पटेल को गिरफ्तार किया गया है।
दोनों पक्ष एक दूसरे के परिचित
दोनों पक्ष पूर्व में एक दूसरे से परिचित है तथा दोनों पक्षों के बीच आपसी लेनदेन का विवाद है जिसके चलते अपहरण की उक्त घटना कारित की गई।
दो कांस्टेबल पर गिरी गाज, निलंबित किया
पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश ने दो अलग-अलग आदेश जारी कर खांडाफलसा पुलिस थाना के कांस्टेबल परसाराम व जगदीश को निलंबित कर दिया है। निलंबन काल के दौरान उनका मुख्यालय रिजर्व पुलिस लाइन जोधपुर आयुक्तालय रहेगा। आदेश में निलंबन का कारण उनके खिलाफ विभागीय जांच बताया गया है।लेकिन यह बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई अपहरण की घटना के कारण की गई है।
लाल पट्टी लगी कार पर पुलिस ने नहीं दिया जवाब
पुलिस ने कार पर लगी लाल पट्टी के संबंध में फिलहाल जानकारी देने से इंकार कर दिया। गाड़ी नंबर भी महाराष्ट्र पासिंग की है। पुलिस ने गाड़ी चोरी की होने से भी इंकार किया है। आरोपी द्वारा गाड़ी रिश्तेदार से मांगकर लाना बताया है। लाल पट्टी लगी कार से वह किसी प्रशासनिक अधिकारी होने का भी अंदेशा बना है।
