डॉ.अंबेडकर ने अंधकार से रोशनी का रास्ता दिखाया-प्रो.मीणा
परिनिर्वाण दिवस पर नेहरू अध्ययन केन्द्र का प्रश्नोत्तरी एवं व्याख्यान आयोजित
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),डॉ.अंबेडकर ने अंधकार से रोशनी का रास्ता दिखाया-प्रो.मीणा। नेहरू अध्ययन केन्द्र के तत्वाधान में प्रज्ञा निकेतन विकलांग छात्रावास में बाबा साहेब डॉ.बीआर अंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर प्रज्ञा निकेतन छात्रावास के विद्यार्थियों ने संविधान की महत्ता पर विचार व्यक्त किए तथा सामूहिक रुप से वंदे मातरम एवं संविधान की प्रस्तावना का पाठ किया। सामूहिक गीत गाकर बाबा साहेब का श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि कला संकाय के अधिष्ठाता प्रो. औतार लाल मीणा ने कहा कि डॉ. बीआर अंबेडकर ने भारतीय समाज को संविधान की विधि से संचालित कर अंधकार से रोशनी का मार्ग दिखाया। यह रोशनी का पथ सभी वर्गों के लिए समान रुप से बनाया गया है। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि हम शरीर के किसी अंग से विहीन हो सकते है लेकिन अपने ज्ञान चक्षुओं से शिक्षा का मार्ग हमेशा प्रशस्त करें, क्योंकि शिक्षा शेरनी का वह दूध है, जिससे हर मनुष्य दहाड़ सकता है।
नेहरू अध्ययन केन्द्र के निदेशक डॉ. भरत कुमार ने बताया कि 7 नवंबर 2025 को वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ है। संविधान अंगीकार के 75 वर्ष भारत पूर्ण कर चुका है,ऐसे में विद्यार्थियों में संवैधानिक मूल्यों, राष्ट्रीय एकता और अखंडता एवं स्वतंत्रता संग्राम के नायकों के बलिदान को याद रखने के लिए केन्द्र द्वारा श्रृंखलाबद्ध व्याख्यान, निबंध,प्रश्नोत्तरी, पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
वंदे संवैधानिक भारत कार्यक्रम श्रृंखला में जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय में संविधान की प्रस्तावना का पाठ एवं वंदे मातरम सामूहिक गायन के साथ ही विधि संकाय,कला संकाय,टेप्से हेप्सन सेंटर,भारत सेवा संस्थान आदि स्थानों पर प्रश्नोत्तरी,निबंध एवं व्याख्यान का आयोजन किया।
प्रज्ञा निकेतन छात्रावास कार्यक्रम का संचालन वार्डन डॉ.अर्पिता कक्कड़ ने किया। डॉ.अर्पिता ने कहा कि कि देश में वंचित वर्गों एवं दिव्यांग नागरिकों को समाज की मुख्य धारा में लाने के लिए समान अवसर प्रदान करने चाहिए। दिव्यांग विद्यार्थियों को शिक्षा के समान अवसर मिलने पर राष्ट्र का सर्वांगीण विकास हो सकता है। कार्यक्रम में विजेताओं को पारितोषिक प्रदान किए गए तथा इस अवसर छात्रावास के सभी कर्मचारी भी उपस्थित थे।