ऑपरेशन ड्रगमग: 35 हजार के इनामी को पकड़ा
- साइक्लोनर टीम की एक और उपलब्धि
- छह साल से फरार इनामी बदमाश को पकड़ने के लिए पुलिस को बनना पड़ा ट्रक का खलासी
जोधपुर(डीडीन्यूज),ऑपरेशन ड्रगमग: 35 हजार के इनामी को पकड़ा। जोधपुर रेंज की साइक्लोनर टीम ने एक और इनामी तस्कर को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। साइक्लोनर टीम ने 35 हजार के एक इनामी तस्कर को पकड़ा है। उसे सूरत से गिरफ्तार कर जोधपुर लाया गया है। वह पिछले करीब छह साल से फरार चल रहा था।
पुलिस महानिरीक्षक विकास कुमार ने बताया कि शिवपुरा नेहरों का बास पुलिस थाना आरजीटी बाड़मेर निवासी मगाराम पुत्र खेताराम को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी मगाराम राजस्थान और मध्य प्रदेश दो राज्यों में तस्करी का नेटवर्क चला रहा था। उस पर 35 हजार का इनाम घोषित था और वह एक प्रकरण में पिछले छह वर्ष से वांछित चल रहा था।
उन्होंने बताया कि मगाराम मध्य प्रदेश से मारवाड़ में महीने की चार से पांच नशे की खेप लेकर आता था। वर्ष 2019 में वह पचपदरा पुलिस थाने में आठ क्विंटल डोडा पोस्त भरकर ले जाते समय पुलिस से घिर जाने पर अपनी गाड़ी छोडक़र भाग गया। गाड़ी में अवैध हथियार और अफीम बरामद हुई थी जिससे उस पर एनडीपीएस का मामला दर्ज किया गया। वर्ष 2023 में स्कॉर्पियो गाड़ी से डोडा पोस्त ले जाने के दौरान आरजीटी थाना में पकड़ा गया,लेकिन जमानत पर आने के बाद फिर से इस काम में लग गया।
साइक्लोनर टीम को सूचना मिली कि मगाराम ने पेमेंट का कोई ऑन लाइन तरीका सीखा है लेकिन परिवार के सारे बैंक अकाउंट से ऐसा सुराग नहीं लगा। टीम को पता चला कि वह फर्जी नंबर के जरिए अनजान अकाउंट के जरिए पेमेंट करता है। मगाराम गुजरात ट्रक लेकर जाता था तो कई सारे पेट्रोल पंप पर इसी से पेमेंट करता था और पेमेंट करने के बाद फोन और नेट ऑफ कर देता था। ऐसे ही एक पेट्रोल पंप पर भुगतान से मगाराम के गुजरात के ट्रक ले जाने की तकनीकी सूचना टीम को मिली।
पेट्रोल पंप पर पेमेंट की सूचना मिलने के बाद टीम उसका पीछा करते गुजरात के सूरत के बड़ोदरा गांव पहुंची। मगाराम वहां एक प्रतिष्ठान पर गाय का चारा उतार कर राजस्थान वापसी के लिए ट्रक खाली कर माल भरवाने में व्यस्त था। ट्रक की पहचान होते ही साइक्लोनर टीम ने ट्रैकों में से किसी ट्रक का खलासी बनकर आसपास जनता से जांच की। आखिरकार एक होटल में खाना खाते हुए दिखे मगाराम को टीम ने पकड़ लिया। पूछने पर मगाराम ने पहले तो अपना नाम पता सब फर्जी बताया लेकिन टीम ने सख्ती से पूछताछ की तो उसने अपना सारा भेद खोल दिया।
