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जोधपुर, नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे एम्पलॉइज यूनियन का 18वां वार्षिक अधिवेशन जयपुर में कोरोनाकाल में वर्चुअल स्थिति में सम्पन्न हुआ जिसमें जोन के सभी मण्डलों के पदाधिकारी व डेलीगेटों ने गूगल मीट के माध्यम से यू-ट्यूब से जुड़क़र भाग लिया। जोधपुर मण्डल से सभी शाखा सचिव अपनी-अपनी शाखाओं में कर्मचारियों के साथ यू-ट्यूब से अधिवेशन में जुड़े।अधिवेशन को एआईआरएफ.के महामंत्री शिवगोपाल मिश्रा ने सम्बोधित करते हुए कहा कि इस समय हमारे समक्ष भारतीय रेल व रेल कर्मचारियों की नौकरी बचाने की वृहद चुनौती है तथा सरकार कोरोना काल के कारण स्पेशल ट्रेन के नाम से गाडिय़ां चला कर मनमाना किराया वसूलते हुए रेलों को निजीकरण की तरफ धकेल रही है। ऐसे में प्राइवेट गाडिय़ों का संचालन आम लोगों के लिए कैसे लाभप्रद होगा। संरक्षित, आरामदायक एवं किफायती यात्रा तभी यात्रियों को मिल पाएगी जबकि रेलों का संचालन सरकारी क्षेत्र में रहेगा। भारतीय रेलवे देश के युवाओं को स्थाई रोजगार देने वाला सबसे बडा उद्योग है, रेलों के निजीकरण से स्थाई रोजगार के अवसर समाप्त हो जाएंगे और ठेके पर काम करने की परिस्थिति में श्रमिकों के शोषण के द्वार खुल जाएंगे। यूनियन के महामंत्री मुकेश माथुर ने पूरे वर्ष की गतिविधियों की रिपोर्ट प्रस्तुत की। जोधपुर मंडल सचिव मनोज कुमार परिहार ने बताया कि महामंत्री की रिपोर्ट पर सभी कार्यकारिणी के सदस्यों व पदाधिकारियों द्वारा भाषण देकर अपने-अपने मण्डल की समस्याओं पर चर्चा करते हुए रिपोर्ट तथा लेखा जोखा का समर्थन किया। जोधपुर मंडल अध्यक्ष महेन्द्र व्यास ने बताया कि इस कार्यक्रम मे रामनिवास चौधरी, सुनील टाक, जसबीर सिंह चौधरी, जगदीश शर्मा, बन्ने सिंह, अशोक सिंह मेडतिया, हनुमानदास वैष्णव, महेन्द्र सिंह चारण, अशोक शर्मा, हेमन्त शर्मा, महेन्द्र सिंह चारण, शरद जोशी, परमानन्द गुर्जर, जितेन्द्र ढाका, अशोक शर्मा, शंकर सिंह, ओमाराम चौधरी, कल्याण सिंह, बिलाल खां, मोहम्मद नामान, रमेश चन्द्र सैन, नरेश कुमार, सुखराम ढाका, दिनेश जाखड़, विजया व्यास, आशा खीची आदि ने भाग लिया।