जनकपुरी में रामलखन का स्वागत

पांचवे दिन की श्रीराम कथा

जोधपुर,केलावा स्थित रघुवंश पुरम आश्रम और केशवप्रिया गौशाला में लंबी से पीड़ित गोवंश के कष्टों के निवारण के लिए हो रहे श्रीराम कथा एवं सहस्त्र चंडी यज्ञ में मानस वक्ता संत मुरलीधर ने श्रीराम कथा के पंचम दिन के प्रसंग में विश्वामित्र के साथ राम और लक्ष्मण के जनकपुर आने, राजा जनक के द्वारा उनका स्वागत सत्कार करने,पुष्प वाटिका के प्रसंग पर कहा मुनि लोगो को निशाचरों से छुटकारा दिलाने के बाद विश्वामित्र राम लखन संग जनकपुर प्रस्थान करते हैं।

पुष्प वाटिका में पहली बार भगवान राम और माँ जानकी एक दूसरे के समक्ष आते हैं। सीता जी पुष्प वाटिका में गोरी पूजन करने के लिए आती हैं। संत ने बताया कि जब हमारे मन मे कुछ मांगने का भाव होता है तो हमारी पूजा का भाव भी बदल जाता है। राम कथा के अवसर पर संपत कुमार काबरा,कुमार काबरा,घनश्याम भूतड़ा,राजेंद्र पारीक,रविंद्र,मधु सहित अनेक भक्त उपस्थित थे।

दूरदृष्टिन्यूज़ की एप्लिकेशन डाउनलोड करें-http://play.google.com/store/apps/details?id=com.digital.doordrishtinews