बीमाधारी को अपराधी कहने पर ₹12 हजार के दावे पर ढाई गुणा हर्जाना
जिला उपभोक्ता आयोग
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),बीमाधारी को अपराधी कहने पर ₹12 हजार के दावे पर ढाई गुणा हर्जाना। जिला उपभोक्ता आयोग जोधपुर प्रथम ने बीमाधारी को अपराधी कहे जाने पर 12 हजार रुपए के दावे पर ढाई गुणा हरजाना बीमा कंपनी पर लगाया है।
आयोग के अध्यक्ष राजकुमार सुथार और सदस्य दिलशाद अली ने यूनिवर्सल सौंपो जनरल इंश्योरेंस कंपनी के खिलाफ दायर परिवाद मंजूर कर परिवादी को दो माह में दावा राशि 12 हजार 245 रुपए मय ब्याज तथा हरजाना और परिवाद व्यय 31 हजार रुपए अदा करने का आदेश दिया है और बीमा कम्पनी को चेतावनी दी है कि भविष्य में किसी भी बीमाधारक के खिलाफ अपराधी जैसे शब्द लिखे जाने पर भारी हरजाना लगाया जाएगा।
मुकुल सिंघवी ने अधिवक्ता अनिल भंडारी के माध्यम से परिवाद दायर कर कहा कि अप्रैल 2021 में उनके पुत्र के बाएं हाथ में फ्रैक्चर होने पर कोविड महामारी के दौरान दावा कागजात स्कैन कर ईमेल से प्रेषित किए गए,क्योंकि उस दौरान डाक व्यवस्था बंद थी। बीमा कंपनी के टीपीए ने हार्ड कापी के अभाव में दावा खारिज कर दिया।
हैंडीक्राफ्ट फैक्ट्री के गोदाम में लगी भीषण आग
अधिवक्ता भंडारी ने कहा कि इरडा द्वारा अधिसूचित स्वास्थ्य बीमा विनियम 2016 में साफ कहा गया है कि टीपीए को दावे पर निर्णय लेने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि बीमा कंपनी ने अपने शपथ पत्र में परिवादी जो एक वरिष्ठ अधिवक्ता है,को बिना कोई कारण बताए अपराधी अंकित किया है,सो बीमा कंपनी पर हरजाना लगाया जाए। बीमा कंपनी की ओर से कहा गया कि परिवाद मियाद बाहर है सो खारिज किया जाए।
जिला उपभोक्ता आयोग ने परिवाद मंजूर कर बीमा कंपनी पर 20 हजार रुपए हरजाना,11 हजार रुपए परिवाद व्यय लगाते हुए दावा राशि 12 हजार 245 रुपए मय ब्याज दो माह में अदा करने का आदेश देते हुए कहा कि इरडा विनियम के तहत टीपीए को दावे पर निर्णय लेने का कोई अधिकार ही नहीं है और कोविड के दौरान डाक व्यवस्था सुचारू नहीं होने से दावा खारिज करना बीमा कंपनी की सेवा में त्रुटि है।
उन्होंने कहा कि परिवादी जो अधिवक्ता है,के बाबत अपराधी जैसे शब्द लिखा जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने बीमा कंपनी को चेतावनी दी कि बीमाधारी उन्हें प्रीमियम देते हैं और भविष्य में अपराधी जैसे शब्द लिखे जाने पर बीमा कम्पनी पर भारी हरजाना लगाया जाएगा।
