Doordrishti News Logo

योजना तभी सफल जब दुरूस्त हो वैल्यू चेन्स

बागवानी मिशन की जनरल काउंसिल के सदस्य बाफना ने दिया प्राइमरी प्रोसेसिंग को सब्सिडी देने का सुझाव

जोधपुर, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर की अध्यक्षता में हुई एकीकृत बागवानी विकास मिशन;एमआईडीएच की जनरल काउंसिल की बैठक में काउंसिल के नवनियुक्त सदस्य आदित्य बाफना ने प्राइमरी प्रोसेसिंग को सब्सिडी देने समेत कई सुझाव दिए। उन्होंने देश में टिशू कल्चर प्रोटोकॉल युक्त अत्याधुनिक लेबोरेटरीज स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया। आदित्य बाफना ने कहा कि अनार और खजूर के लिए बागवानी क्लस्टर विकास कार्यक्रम में राजस्थान को शामिल किया जाना चाहिए।

बैठक में केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज मंत्री गिरिराज सिंह, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्री नारायण राणे, संस्कृति पर्यटन एवं पूर्वाेत्तर क्षेत्र विकास मंत्री जी किशन रेड्डी, विज्ञान और प्रौद्योगिकी एवं पृथ्वी विज्ञान राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार और कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्यमंत्री डॉ जितेंद्र सिंह, कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री कैलाश चौधरी, नीति आयोग के सदस्य डॉ रमेश चंद, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डॉ त्रिलोचन महापात्र समेत अन्य अधिकारी व गैर.सरकारी सदस्य मौजूद थे। गौरतलब है कि एमआईडीएच की जनरल काउंसिल की यह दूसरी बैठक थी। इसकी पहली बैठक 11 नवंबर 2016 को हुई थी।

कुशल अनुसंधान से कृषि क्षेत्र का विकास

बैठक में कृषि मंत्री तोमर ने कृषि क्षेत्र की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि किसानों की अथक मेहनत व वैज्ञानिकों के कुशल अनुसंधान के कारण कृषि क्षेत्र का विकास हो रहा है। एमआईडीएच के प्रबंध निदेशक व संयुक्त सचिव राजबीर सिंह ने बागवानी मिशन की प्रगति पर प्रस्तुति दी। इस मौके पर केंद्र सरकार ने मिशन के तौर पर बागवानी क्षेत्र के विकास के लिए एमआईडीएच के तहत 2020 से 2025 तक के लिए 22,656 करोड़ रुपये का बजट रखा है। इसके तहत राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड, नारियल विकास बोर्ड और अन्य योजनाओं की केंद्र प्रायोजित योजनाओं के तीन मुख्य क्षेत्रों को शामिल किया गया है।

प्राथमिक प्रसंस्करण गतिविधियों को मिले अनुदान

एमआईडीएच के प्रबंध निदेशक व संयुक्त सचिव राजबीर सिंह ने बागवानी मिशन की प्रगति पर प्रस्तुति दी। इस मौके पर लॉजिस्टिक क्षेत्र के कारोबारी आदित्य बाफना ने प्रधानमंत्री की परिकल्पना को अमलीजामा पहनाने के लिए अपने अनुभव के आधार अनके मूल्यवान सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि कोई भी योजना तभी सफल हो सकती है जब वैल्य चेन दुरुस्त हो और आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्घ हों।

उन्होंने बुनियादी संरचनाएं बनाने और वैल्यू चेन दुरुस्त करने का सुझाव दिया। इसके साथ-साथ उन्होंने प्राथमिक प्रसंस्करण गतिविधियों को अनुदान व प्रोत्साहन देने का सुझाव दिया। आदित्य बाफना ने राजस्थान को अनार और खजूर के लिए बागवानी क्लस्टर विकास कार्यक्रम में शामिल करने का सुझाव दिया। मालूम हो कि अनार राजस्थान में किसानों को उंचे दाम दिलाने वाली बागवानी फसल है। बैठक में मौजूद मंत्रियों ने उनके सुझावों की सराहना की और उन पर सकारात्मक ढंग से विचार करने का आश्वासन दिया।

दूरदृष्टिन्यूज़ की एप्लिकेशन अभी डाउनलोड करें – http://play.google.com/store/apps/details?id=com.digital.doordrishtinews

Related posts:

मकर संक्रांति पर गांधी मैदान में आयोजित होगा पतंग उत्सव

January 14, 2026

पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद तीन दिवसीय प्रवास जोधपुर पहुँचे

January 14, 2026

प्रोपर्टी कारोबारी पर डराने धमकाने व फसल नष्ट करने का आरोप

January 14, 2026

आपसी मनमुटाव के चलते पति ने पत्नी की पीठ में घोंपी कैंची

January 14, 2026

माहेश्वरी ट्रेड फेयर में कार का लॉक तोड़कर चुराए दो बैग और लेपटॉप

January 14, 2026

युवक पुलिस को देखकर भागने लगा जैकेट की जेब में मिला 300 ग्राम अफीम का दूध

January 14, 2026

कार का एक्सीलेटर दबते ही भागी महिला को चपेट में लिया,मौत

January 13, 2026

सरकारी स्कूल में आपसी विवाद के बाद नाबालिग छात्र लड़े एक घायल

January 13, 2026

विभिन्न मांगों को लेकर नर्सेज ने चिकित्सा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा

January 13, 2026