जोधपुर, कोरोना के दौर में जहां लोग अस्पतालों में जिंदगी और मौत से लड़ रहे हैं वहीं लॉक डाउन के साइड इफेक्ट भी सामने आने लगे हैं।
एक युवक की कोरोना संक्रमण के चलते नौकरी चली गई जिससे व्यथित होकर उस युवक ने गुरुवार को बीच चौराहे पर फांसी लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। गनीमत रही कि मौके पर मौजूद एक पुलिस एसआई ने तुरंत युवक के पास जाकर उसकी जान बचा ली। प्राप्त जानकारी के अनुसार मामला कुछ यूं हुआ कि जलौरी गेट जहां पर पुलिस कोरोना गाइड लाइन की पालना करवाने को तैनात थे,उसी समय मनोज पटेल नाम का युवक चौराहे पर पहुंचा और दुकान के बाहर लटक रहे तार से फांसी लगा ली।
चौराहे पर तैनात एएसआई मूल सिंह को जैसे ही पता चला तुरंत दौड़कर युवक के पास पहुंचे और उसको तार से नीचे उतारा। तब तक मनोज पटेल बेहोश हो चुका था। एएसआई मूल सिंह व पास में खड़े एक गेस सिलेंडर सप्लाई करने वाले युवक ने मनोज पर पानी का छिड़काव किया तो वह होश में आ गया। होश में आने पर उसने बताया कि वह मध्यप्रदेश का रहने वाला है और जोधपुर के मंडोर स्थित एक फैक्ट्री में काम करता था लेकिन पिछले एक सप्ताह से तबियत खराब होने से उसको फैक्ट्री से निकाल दिया। ऐसे में नोकरी के जाने व तबियत बिगड़ने से परेशान होकर उसने जालोरी गेट नाके के पास दुकान में लगे तारो से फांसी लगाकर आत्महत्या करने का फैसला कर लिया।
आत्महत्या करने के इरादे से ही निकला था मनोज
मनोज पिछले एक सप्ताह से बीमार था। बीमारी के चलते उसे फेक्ट्री से निकाल दिया गया। इस बीच वह बीमारी व नोकरी जाने से परेशान होकर आज घर से आत्महत्या करने के लिए ही निकला था। मनोज आत्महत्या की जगह तलास कर रहा था। इस बीच जालोरी गेट पर एक दुकान के बाहर लटकते तार को देख उसने वही पर फांसी लगाकर आत्म हत्या का प्रयास किया। मनोज की जान बचाने वाले एएसआई मूल सिंह ने बताया कि कोरोना ड्यूटी के दौरान एक युवक को दुकान के बाहर फांसी लगाकर आत्महत्या करते देखा। तो उन्होंने तुरंत मौके पर पहुंच युवक की जान बचा ली। अब पुलिस युवक की नोकरी वापस दिलवाने के प्रयास कर रही है।
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