25 बीघा में फैली कपड़ा फैक्ट्रियां ध्वस्त,मशीने उखाड़ी
- जेडीए की कार्रवाई
- जोजरी और लूणी नदियों में फैल रहे प्रदूषण को लेकर जेडीए की बड़ी कार्रवाई
- पक्के निर्माण तोड़े
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),प्रदूषित जोजरी नदी में औद्योगिक इकाइयों का पानी नहीं जाए,इसको लेकर चल रही कार्रवाई के तहत शुक्रवार को जोधपुर विकास प्राधिकरण ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लूणी विधान सभा के भांडू इलाके में खेतों के बीच में करीब 25 बीघा क्षेत्र में लगी कपड़े धोने की अवैध इकाइयों को ध्वस्त किया।
जेडीए के उपायुक्त रामजीभाई कलबी ने बताया कि यहां पूर्व में भी कार्रवाई की गई थी। न्यायालय के स्थगन से जुड़ी कार्रवाई पूरी करने के बाद यहां अवैध इकाइयों को ध्वस्त किया गया है। अभी कार्रवाई जारी है। अधिकारियों ने बताया कि यह भूमि कृषि कार्य के लिए है। एसटीपी बनाने की अनुमति दी है, ऑपरेटिंग की अनुमति नहीं दी गई है। भांडू गांव के पास सडक़ से करीब दो किमी दूर खेतों में कच्चे रास्ते से अंदर जाने पर करीब 25 बीघा में कपड़े धोने की इकाइयों का जमावड़ा है। एक गेट के अंदर ही करीब 100 मशीनें लगी हुई थीं।
सभी मशीनों को कच्चे शेड से ढका गया था। सुबह दो दर्जन बुलडोजर के साथ कार्रवाई शुरू हुई,जिसमें सभी शेड और पक्के निर्माण तोड़े गए। मशीनों को उखाड़ा गया।
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पांच साल से चल रही थी इकाई, पांच माह से बंद
वर्ष 2018 में यहां कार्रवाई हुई थी। इसके कुछ समय बाद वापस इकाइयां शुरू हो गईं,लेकिन किसी को पता नहीं चला। प्रतिदिन हजारों मीटर कपड़ा यहां प्रोसेसिंग यूनिट्स में तैयार होने आता था,जिसका पानी जोजरी में जाता है,लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। हाल ही में विधानसभा सहित अन्य जगह पर जोजरी का मामला गरमाने के बाद फैक्ट्रियों को पांच माह से बंद कर दिया गया। जोजरी नदी को पुनर्जीवित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने कुछ समय पहले पूर्व न्यायाधीश संगीत लोढ़ा की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया था।
यह कमेटी जोधपुर में कार्यरत है। लगातार जोजरी नदी के आसपास के गांवों के दौरे कर रही है,जिसके बाद कार्रवाई में तेजी आई है। राजस्थान प्रदूषण नियंत्रक मंडल की क्षेत्रीय अधिकारी कामिनी सोनगरा ने बताया कि कमेटी के निर्देश के बाद कार्रवाई हो रही है। हमारा प्रयास है कि अवैध इकाइयां बंद हों और ज्यादातर बंद भी हो चुकी हैं।
