डिजिटल युग में बच्चों की मानसिक सेहत पर राज्य स्तरीय सीआरई कार्यशाला

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),डिजिटल युग में बच्चों की मानसिक सेहत पर राज्य स्तरीय सीआरई कार्यशाला। नवज्योति मनोविकास स्पेशल टीचर ट्रेनिंग कॉलेज में आयोजित तीन दिवसीय जोनल सीआरई कार्यशाला के दूसरे दिन डिजिटल युग में बच्चों में बढ़ती स्क्रीन- निर्भरता के कारण उत्पन्न व्यवहारिक एवं मानसिक समस्याओं की पहचान,आकलन एवं समाधान पर विशेष आयोजन हुआ।

कार्यशाला के प्रथम सत्र की शुरुआत एम्स के पीएमआर विभाग कि सोशल साइकोलॉजिस्ट डॉ. लक्ष्मी खारसु ने स्क्रीन के अत्यधिक उपयोग से उत्पन्न ऑटिज़्म जैसे व्यवहार (वर्चुअल ऑटिज़्म) की पहचान विषय पर विस्तृत व्याख्यान दिया। उन्होंने छोटे बच्चों में मोबाइल और डिजिटल उपकरणों के अधिक उपयोग से दिखाई देने वाले सामाजिक,भाषाई एवं व्यवहारिक परिवर्तनों पर प्रकाश डाला।

द्वितीय सत्र में एम्स के साइकेट्री डिपार्टमेंट कि क्लिनिकल साइकोलोजिस्ट डॉ.तनु गुप्ता ने डिजिटल एवं स्क्रीन लत की पहचान हेतु मानकीकृत स्क्रीनिंग उपकरण विषय पर चर्चा करते हुए विभिन्न परीक्षण विधियों और उनके व्यावहारिक उपयोग की जानकारी प्रदान की। तृतीय सत्र में जेएनवीयू के टेप्स एंड हैप्सन केंद्र के सह आचार्य डॉ.नीता जैन ने स्क्रीन के अत्यधिक उपयोग को कम करने हेतु व्यवहार संशोधन तकनीक विषय पर प्रभावी रणनीतियों एवं तकनीकों को उदाहरणों सहित प्रस्तुत किया।

नुक्कड़ नाटक से दी यातायात नियमों की जानकारी

इसी प्रकार चतुर्थ सत्र में नवज्योति मनोविकास स्पेशल टीटी कॉलेज की सहायक आचार्या डॉ.शोभा चौधरी ने स्क्रीन निर्भर बच्चों के लिए संवेदी एकीकरण आधारित दृष्टिकोण विषय पर चर्चा करते हुए संवेदी गतिविधियों की भूमिका और महत्व को स्पष्ट किया।

कार्यक्रम के अंतिम दो सत्रों में मधुरम केयर ट्रस्ट कि निदेशिक एवं पुनर्वास मनोवैज्ञानिक डॉ.मधुश्री चौधरी ने विद्यालय स्तर पर डिजिटल व्यवहार संबंधी समस्याओं की शीघ्र पहचान तथा डिजिटल डिटॉक्स हेतु अभिभावक आधारित घरेलू हस्तक्षेप विषयों पर उपयोगी एवं व्यावहारिक जानकारी साझा की।

इस अवसर पर नवज्योति मनोविकास स्पेशल टीटी कॉलेज की सहायक आचार्य सुनीता सिंघवी,डॉ.ममता रानी,डॉ राजेश राठौर,डॉ शोभा चौधरी,निशा भाटी और भीम सेन ढाका ने प्रथम दिवस की मूल्यांकन प्रश्नावली में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली नीतू शर्मा तथा द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाली रंजू विश्नोई को पुरस्कृत किया। अंत में कार्यक्रम समन्वयक डॉ.महेंद्र कुमार ने मूल्यांकन प्रश्नावली के माध्यम से सभी सत्रों की प्रतिपुष्टि प्राप्त कर सभी वक्ताओं,अतिथियों एवं प्रतिभागियों को धन्यवाद ज्ञापित किया।