अवैध वेंडिंग पर आरपीएफ का शिकंजा,एक वर्ष में 2108 मामले पकड़े

साढ़े पाँच लाख रुपए से अधिक का जुर्माना वसूला

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),अवैध वेंडिंग पर आरपीएफ का शिकंजा,एक वर्ष में 2108 मामले पकड़े। ट्रेनों एवं रेलवे परिसरों में अवैध वेंडिंग करने वालों के विरुद्ध रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने सख्त कार्रवाई करते हुए पिछले एक वर्ष में दो हजार से अधिक मामले पकड़े हैं। इस दौरान दोषियों से साढ़े पांच लाख रुपए से अधिक का जुर्माना वसूला गया है।

वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त (आरपीएफ) नीतीश कुमार शर्मा ने बताया कि ट्रेनों में अनाधिकृत रूप से खाद्य सामग्री बेचने की गतिविधि कानूनन अपराध की श्रेणी में आती है। इसकी रोकथाम के लिए आरपीएफ द्वारा निरंतर अभियान चलाया जा रहा है ताकि यात्रियों की सुरक्षा एवं स्वास्थ्य सुनिश्चित किया जा सके।

उन्होंने बताया कि मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी के निर्देशानुसार जोधपुर मंडल पर 1 जनवरी से 31 दिसंबर 2025 तक चलाए गए सघन अभियान के तहत अवैध वेंडिंग के कुल 2108 मामले पकड़े गए। इन मामलों में न्यायिक प्रक्रिया के तहत 5 लाख 64 हजार 600 रुपये का जुर्माना वसूल किया गया। रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध वेंडिंग के विरुद्ध यह सघन अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

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सर्वाधिक मामले मेड़ता रोड पोस्ट द्वारा पकड़े
आरपीएफ के अनुसार जोधपुर मंडल के विभिन्न आरपीएफ पोस्टों में मेड़ता रोड पोस्ट द्वारा सर्वाधिक नौ सौ अवैध वेंडरों को पकड़ा गया। अभियान के दौरान वेंडरों को स्पष्ट रूप से पाबंद किया जा रहा है कि वे ट्रेनों अथवा स्टेशनों पर बिना अनुमति खाद्य सामग्री की बिक्री न करें।

इस धारा के तहत है अपराध
ट्रेनों और रेलवे परिसरों में अवैध वेंडिंग (बिना अनुमति सामान बेचना) भारतीय रेलवे अधिनियम 1989 की धारा 144 के तहत एक दंडनीय अपराध है,जिसमें जुर्माना या कैद (1 साल तक) या दोनों हो सकते हैं, क्योंकि इससे यात्रियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और सुविधा को खतरा होता है और आरपीएफ और वाणिज्यिक विभाग द्वारा इसे रोकने के लिए लगातार अभियान चलाए जाते हैं,जिसमें नकली आईडी वाले वेंडरों को गिरफ्तार कर कार्रवाई की जाती है।