नेटबंदी को लेकर जनहित याचिका

नेटबंदी को लेकर जनहित याचिका

सुनवाई 23 नवंबर को

जोधपुर, राजस्थान उच्च न्यायालय ने मंगलवार को प्रदेश में परीक्षा के नाम पर की जाने वाली नेटबंदी के खिलाफ एक जनहित याचिका पर राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई 23 नवम्बर को होगी। प्रदेश में इस बार राज्य सरकार ने रीट और पटवारी भर्ती परीक्षा को लेकर दो बार नेटबंदी की। कुछ जिलों में इसकी कोई पूर्व सूचना तक नहीं दी गई। नेटबंदी के कारण आमजन को होने वाली परेशानी को लेकर महिपाल सिंघवी ने हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर कर नेटबंदी पर राज्य सरकार की मनमानी पर रोक लगाने का आग्रह किया।

याचिकाकर्ता की तरफ से नीतिन गोकलानी ने पक्ष रखते हुए मुख्य न्यायाधीश अकील कुरैशी व न्यायाधीश संदीप मेहता की खंडपीठ के समक्ष तर्क दिया कि वर्ष 2017 में बने नियमों के तहत सिर्फ पब्लिक सेफ्टी और पब्लिक इमरजेंसी के हालात में ही नेटबंद किया जा सकता है। किसी भी परीक्षा के आयोजन पर ये दोनों हालात लागू नहीं होते।

पहले कहा था नेटबंदी नहीं होगी

हाईकोर्ट में वर्ष 2018 में पेश अपने हलफनामे में राज्य सरकार स्पष्ट कह चुकी है कि प्रदेश में परीक्षा के दौरान नेटबंदी नहीं की जाएगी। इसके बावजूद हाल ही रीट व पटवारी भर्ती परीक्षा में कई जिलों में नेटबंदी कर दी गई। इस कारण ऑन लाइन क्लास पढऩे वाले छात्रों के अलावा ऑनलाइन लेनदेन व बिजनेस करने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। खंडपीठ ने याचिकाकर्ता के तर्क सुनने के बाद राज्य सरकार को नोटिस जारी कर 23 नवम्बर तक जवाब पेश करने को कहा है।

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